पूर्व मंत्री मालवीय ने बीजेपी छोड़ी, कहा-यहां मेरा दम घुट रहा, 23 महीने पहले पार्टी में हुए थे शामिल, अब कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष डोटासरा को पत्र लिख कहा-मेरी भूल थी
एनसीआई@बांसवाड़ा
कांग्रेस के बड़े नेता रहे, पूर्व मंत्री महेन्द्रजीत सिंह मालवीय का दो साल में ही भाजपा से मन भर गया। मालवीय ने बीजेपी छोड़ दी है। कांग्रेस में शामिल होने के लिए कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष को पत्र लिखा है।
मालवीय ने रविवार को जयपुर में कांग्रेस के महासचिव सुखजिंदर सिंह रंधावा, पीसीसी अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा और नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली से मुलाकात की। मालवीय ने कहा कि बीजेपी की सत्ता होते हुए भी मैं जनता के काम नहीं करा पा रहा हूं। भाजपा सरकार में गरीबों की सुनने वाला कोई नहीं है। मनरेगा का भुगतान महीनों से अटका है, किसानों को खाद नहीं मिल रहा। मैंने कई बार मुख्यमंत्री और प्रदेशाध्यक्ष को चिट्ठी लिखी, लेकिन कोई समाधान नहीं हुआ।भाजपा छोड़ने के बाद महेंद्रजीत सिंह मालवीय ने अपने फेसबुक अकाउंट की प्रोफाइल भी बदल ली है।
आलाकमान क्या निर्णय करता है वो देखेंगे: डोटासरा
वहीं पीसीसी अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा कि मुझे महेन्द्रजीत सिंह मालवीय का पत्र मिला है। जिसमें उन्होंने कहा है कि कांग्रेस पार्टी छोड़ना मेरी भूल है। कांग्रेस ने हमेशा मुझे मान-सम्मान दिया है, मैं कांग्रेस की रीति-नीति को मानने वाला व्यक्ति हूं। भारतीय जनता पार्टी में जाना मेरी बहुत बड़ी भूल थी, ऐतिहासिक भूल थी। भारतीय जनता पार्टी से मैंने इस्तीफा दे दिया है। बीजेपी में मेरा दम घुट रहा है, मैं एक सेकेंड भी वहां रहना नहीं चाहता हूं। डोटासरा ने कहा- डिसीप्लीनरी कमेटी है, हम सब लोग चर्चा करके अपनी रिपोर्ट प्रदेश प्रभारी के जरिए आलाकमान को देंगे और उस पर आलाकमान क्या निर्णय करता है, वो देखना होगा।

मालवीय बोले-कांग्रेस मेरे लिए नई पार्टी नहीं
जयपुर में महेन्द्रजीत सिंह मालवीय ने कहा कि कांग्रेस मेरे लिए नई पार्टी नहीं है। पिछले 40 साल मैंने कांग्रेस में निकाले हैं, सरपंच के रूप में, प्रधान के रूप में, एमपी के रूप में, पांच बार जिला प्रमुख के रूप में, चार बार विधायक के रूप में और दो बार सरकार के मंत्री के रूप में। लम्बे समय तक कांग्रेस में काम किया। लेकिन, कुछ समय पहले मेरा मन हुआ कि डबल इंजन की सरकार है, मेरे क्षेत्र में विकास रुकना नहीं चाहिए और जनता का अहित नहीं हो, उस हिसाब से मैं जरूर भाजपा में गया था। वहां जाने पर मैंने देखा कि अपना एडजस्टमेंट, अपनी सहमति ठीक ढंग से यहां नहीं बन सकती है। इसलिए मैंने अपने मन से और कार्यकर्ताओं से राय लेकर यह तय किया कि कांग्रेस पार्टी में जाना चाहिए। आज नहीं तो कल कांग्रेस का राज वापस आ रहा है, उसे कोई नहीं रोक सकता है। आज मैंने कांग्रेस के महासचिव सुखजिंदर सिंह रंधावा, पीसीसी अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा और नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली की मौजूदगी में अपनी सहमति व्यक्त कर दी है।
यह याद रखना भी जरूरी

• पूर्व मंत्री महेन्द्रजीत मालवीय ने कांग्रेस व विधायक पद से इस्तीफा दे बीजेपी जॉइन की थी। तब कहा था- कांग्रेस ने राम मंदिर जाने से रोका था। मालवीय ने नेता प्रतिपक्ष नहीं बनाए जाने से कांग्रेस छोड़ी थी।
• बाद में डूंगरपुर-बांसवाड़ा से भाजपा की ओर से सांसद प्रत्याशी बनने पर महेन्द्र मालवीय बोले-राम के नाम पर वोट डलवाओ, जो वोट न डाले, वो भगवान के खिलाफ, बच्चों की नमक-मिर्ची का पैसा खा गए बामणिया। मालवीय यह चुनाव हार गए थे।
