कोटा: क्रॉस फायरिंग में घायल हुआ हिस्ट्रीशीटर आदिल मिर्जा गिरफ्तार, पुलिस पर की थी फायरिंग, इसके तीन साथी भी दबोचे, तीन देसी कट्टे, एक पिस्टल और 16 जिंदा कारतूस बरामद

एनसीआई@कोटा
कोटा ग्रामीण पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए कुख्यात हिस्ट्रीशीटर आदिल मिर्जा और उसके तीन साथियों को गिरफ्तार कर लिया है। यह कार्रवाई सांगोद और मोड़क थाना ग्रामीण, डीएसटी व स्पेशल टीम पुलिस की संयुक्त टीम द्वारा की गई। मुठभेड़ के दौरान आदिल मिर्जा की ओर से पुलिस पर फायरिंग की गई। इस पर पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी फायरिंग की। इस क्रॉस फायरिंग में आदिल मिर्जा के पैर में गोली लगी। इसके बाद पुलिस ने उसे मौके पर ही काबू में कर लिया।

कोटा ग्रामीण एसपी सुजीत शंकर ने बताया कि हिस्ट्रीशीटर आदिल मिर्जा और उसके साथ तीन साथियों को गिरफ्तार किया है। ग्रामीण पुलिस ने आदिल के खिलाफ 25 पैसे यानी चवन्नी का इनाम रखा था, जबकि कोटा शहर पुलिस ने 10 हजार इनाम घोषित किया। उसके साथ गिरफ्तार आरोपी फैजल, फय्युम उर्फ टीपू व अल्फेज मोडक के रहने वाले हैं। कोटा शहर के सूरजपोल का निवासी साथी शरीफ मौके से भाग गया। गिरफ्तार आरोपियों के पास एक 12 बोर का देसी कट्टा, दो नाली, दो देसी कट्टा व एक पिस्टल मिले हैं। तीन मैगजीन के साथ 16 जिंदा कारतूस, एक चाकू, तीन एंड्रॉयड सहित चार फोन मिले हैं। मोटरसाइकिल और स्कूटी भी जब्त की है। इन बदमाशों को पहले मोडक अस्पताल ले गए, जहा से रामगंजमंडी अस्पताल और फिर कोटा के एमबीएस अस्पताल लाए। कोटा अस्पताल में भारी सुरक्षा के बीच इलाज जारी है। अन्य आरोपी भागते हुए गिरने से घायल हुए थे।

कोटा ग्रामीण एसपी सुजीत शंकर के अनुसार, आदिल मिर्जा के इलाके में होने की सूचना पर पुलिस ने रणनीति के तहत पूरे क्षेत्र को घेर लिया और उसे सरेंडर करने के लिए कहा था। मगर आदिल मिर्जा ने आत्मसमर्पण की बजाय पुलिस पर फायरिंग कर दी। हालात को देखते हुए पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की, जिसमेंत वह घायल हो गया। इसके बाद पुलिस टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए उसे गिरफ्तार कर लिया।

निशाने पर मददगार
एसपी सुजीत ने बताया कि आदिल ने 9 जनवरी की रात को सिटी पुलिस पर फायरिंग की और सांगोद से फरार हो गया। इसके बाद कुछ लोगों के पास रुका, इनका पता लगा रहे हैं। आदिल की फरारी के दौरान मदद करने वाले लोगों पर भी पुलिस की निगाहें हैं। इन पर कार्रवाई होगी। जहां आज रविवार को आदिल पकड़ा गया, वहां भी मदद करने वालों पर कार्रवाई की जाएगी। आदिल यहां शनिवार, 10 जनवरी की रात ही पहुंचा था।

एक महीने में चार केस
एसपी सुजीत शंकर ने बताया कि 45 वर्षीय आदिल के खिलाफ वर्ष 1996 में पहला केस दर्ज हुआ था, जब वह नाबालिग था। इसके बाद वह लगातार अपराध करता रहा। इससे उस पर साल 2020 तक 30 मुकदमे हो गए। चार मुकदमे बीते 1 माह में हुए हैं। इनमें दो मुकदमे कैथूनीपोल, एक-एक सांगोद एवं मोडक में दर्ज है। अब फायरिंग, जानलेवा हमला, एससी एसटी एक्ट, आर्म्स एक्ट, महामारी अधिनियम व अन्य धाराओं में कुल 34 केस दर्ज हैं। उसके गिरफ्तार साथी फैजल पर चार एवं फय्युम पर दो केस हैं।
आदिल ने दो दिन पहले भी की थी पुलिस पर फायरिंग
गौरतलब है कि इससे पहले शुक्रवार रात सांगोद इलाके में भी आदिल मिर्जा को पकड़ने गई पुलिस टीम पर उसने फायरिंग की थी और अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गया था। सांगोद में पूरी रात नाकाबंदी रही थी। कैथूनीपोल थाना क्षेत्र में हुई एक पुरानी गोलीबारी की घटना के बाद से वह फरार चल रहा था। आदिल मिर्जा पर लूट, डकैती, अपहरण और हत्या सहित करीब 34 संगीन मुकदमे दर्ज हैं।
