April 12, 2026

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खेत को हाईवे प्रोजेक्ट से बाहर रखने के लिए मांगी 70 लाख रुपए रिश्वत, दलाल याकूब 33 लाख लेते गिरफ्तार, पीडब्ल्यूडी एक्सईएन राकेश कुमार को भी दबोचा

खेत को हाईवे प्रोजेक्ट से बाहर रखने के लिए मांगी 70 लाख रुपए रिश्वत, दलाल याकूब 33 लाख लेते गिरफ्तार, पीडब्ल्यूडी एक्सईएन राकेश कुमार को भी दबोचा

एनसीआई@जयपुर

राजस्थान भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने शुक्रवार रात एक बड़ी ट्रेप कार्रवाई को अंजाम दिया। इसमें पीडब्ल्यूडी से जुड़े सोशल इम्पेक्ट असेसमेंट (SIA) कंसल्टेंट याकूब को जयपुर के चौमू पुलिया क्षेत्र से 33 लाख रुपए रिश्वत लेते रंगे हाथ दबोच लिया। इसके साथ ही झुंझुनूं में पीडब्ल्यूडी के एक्सईएन राकेश कुमार को भी हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी गई है।

यह कार्रवाई एएसपी संदीप सारस्वत और उनकी टीम ने की। प्रारम्भिक जांच में सामने आया है कि जमीन का अलाइनमेंट बदलने और पीड़ित के खेत को नेशनल हाईवे व स्टेट हाईवे के बीच प्रस्तावित प्रोजेक्ट में शामिल नहीं करने के बदले कुल 70 लाख रुपए रिश्वत मांगी गई थी।

यह है पूरा मामला

एएसपी संदीप सारस्वत ने बताया कि इस मामले के परिवादी का खेत नेशनल हाईवे और स्टेट हाईवे के बीच प्रस्तावित सड़क प्रोजेक्ट के अलाइनमेंट में आ रहा था। बग्गड़ से स्टेट हाईवे को नेशनल हाईवे से जोड़ने के लिए निकाली जा रही सड़क के अलाइनमेंट को लेकर यह पूरा खेल चल रहा था। परिवादी की खातेदारी जमीन को पहले जबरन सड़क सीमा में शामिल कर लिया गया था। बाद में अधिकारियों ने रिअलाइनमेंट के नाम पर जमीन को बाहर निकालने का झांसा दिया।

आरोपियों ने परिवादी से कहा कि उसकी जमीन की कीमत तीन-चार करोड़ रुपए है, अगर वह पैसा देगा तो इस जमीन को सड़क सीमा से बाहर कर दिया जाएगा, जिससे उसे बड़ा नुकसान नहीं होगा। इसके बदले 75 लाख रुपए की मांग की गई थी। बाद में यह सौदा 33 लाख रुपए में तय हुआ। यहां यह बात भी सामने आई है कि यह 33 लाख रुपए तो दरअसल पहली किश्त के रूप में लिए जा रहे थे। रकम आगे एक्सईएन तक पहुंचनी थी। एसीबी को शिकायत मिलने के बाद पूरी योजना के साथ ट्रेप के लिए जाल बिछाया गया।

चौमू पुलिया से दबोचा गया याकूब

सड़क के सर्वे और अलाइनमेंट का जिम्मा सरकार की ओर से झुंझुनूं इंजीनियर्स प्राइवेट लिमिटेड कम्पनी, वैशाली नगर, जयपुर को दिया गया था। इसी कम्पनी का प्रतिनिधि याकूब अली परिवादी से रिश्वत की राशि ले रहा था। याकूब अली जयपुर के चित्रकूट इलाके में स्थित अपने कार्यालय से पैसे लेकर झुंझुनूं के चिड़ावा जाने की तैयारी में था, जहां वह यह रकम एक्सईएन राकेश कुमार को देने वाला था। इस बीच एसीबी की टीम ने उसे चौमूं पुलिया के पास से 33 लाख रुपए के साथ पकड़ लिया। यह रकम लेने के बाद दलाल याकूब ने एक्सईएन राकेश कुमार से फोन पर बातचीत की थी। याकूब आज शनिवार को यह रकम चिड़ावा जाकर राकेश को देने वाला था, लेकिन इससे पहले एसीबी की टीम ने दलाल याकूब को पकड़ लिया। दूसरी ओर, याकूब के बताए अनुसार दूसरी टीम ने झुंझुनूं के चिड़ावा में एक्सईएन राकेश कुमार को भी उसके घर से हिरासत में ले लिया। जांच में यह भी सामने आया कि याकूब अली गजट नोटिफिकेशन में अधिकृत प्रतिनिधि के रूप में दर्ज है। वह किटाणा (झुंझुनूं) का निवासी है।

एसआईए नोटिफिकेशन में भी था याकूब का नाम

जांच में यह भी सामने आया है कि सम्बंधित कंसल्टेंसी फर्म सोशल इम्पेक्ट असेसमेंट (SIA) का काम करती है। इस प्रक्रिया में कंसल्टेंसी फर्म को विभाग की ओर से नोटिफाई किया जाता है। गजट नोटिफिकेशन जारी होता है।

अखबारों और पीडब्ल्यू वेबसाइट पर सार्वजनिक सूचना प्रकाशित होती है। आपत्ति/सुझाव के लिए प्रतिनिधि का नाम और सम्पर्क जारी किया जाता है। इसी नोटिफिकेशन में ‘झुंझुनूं यस प्राइवेट लिमिटेड’ के प्रतिनिधि के तौर पर याकूब का नाम दर्ज बताया जा रहा है। किसी भी भूमि या अलाइनमेंट सम्बंधी आपत्ति के लिए याकूब से सम्पर्क का उल्लेख था, जिससे उसकी भूमिका और अधिक महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

एक्सईएन से लगातार सम्पर्क में था याकूब

सारस्वत ने बताया कि याकूब ही परिवादी को एक्सईएन राकेश कुमार तक लेकर गया था और वह लगातार एक्सईएन के सम्पर्क में था। जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि क्या याकूब सिर्फ बिचौलिया था या आधिकारिक प्रक्रिया का हिस्सा? क्या अन्य अधिकारी/कर्मचारी भी इस नेटवर्क में शामिल हैं? नोटिफिकेशन प्रक्रिया का दुरुपयोग कैसे किया गया? जमीन अलाइनमेंट बदलने से किसे सीधा लाभ मिलने वाला था?

‘पब्लिक सर्वेंट’ एंगल से भी जांच

चूंकि याकूब का नाम आधिकारिक एसआईए (SIA) नोटिफिकेशन में प्रतिनिधि के रूप में सामने आया है, इसलिए एसीबी इस एंगल से भी जांच कर रही है कि क्या उसे भ्रष्टाचार निवारण कानून के तहत ‘पब्लिक सर्वेंट’ की श्रेणी में माना जा सकता है। यह जांच केस को और बड़ा बना सकती है।

उच्च अधिकारियों की भूमिका भी जांच के दायरे में

एसीबी अधिकारियों के अनुसार, इस मामले में पीडब्ल्यूडी के उच्च स्तर के कई अधिकारियों की भूमिका भी संदिग्ध मानी जा रही है। मामले की गहराई से जांच की जा रही है और आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां सम्भव हैं। यह पूरी कार्रवाई एसीबी के डीजी गोविंद गुप्ता और एडीजी स्मिता श्रीवास्तव के निर्देश पर की गई। वहीं, डीआईजी अनिल कयाल ने कार्रवाई का सुपरविजन किया। एएसपी संदीप सारस्वत के नेतृत्व में टीम ने इस ट्रेप की कार्रवाई को अंजाम दिया।

इंडिकेटर जला किया इशारा तो एसीबी ने पकड़ा 

घटनाक्रम के अनुसार परिवादी रिश्वत की रकम लेकर चौमूं पुलिया पहुंचा। दलाल याकूब अपनी गाड़ी से उतरकर परिवादी की गाड़ी में बैठ गया। एसीबी के कहे अनुसार परिवादी ने रिश्वत के 33 लाख रुपए दलाल याकूब को सौंप दिए। इसके बाद एसीबी को कार का इंडिकेटर जलाकर रिश्वत की रकम देने का संकेत दिया। यह संकेत मिलते ही एसीबी की टीम ने दलाल याकूब को रिश्वत के 33 लाख रुपए के साथ रंगे हाथों पकड़ लिया।

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