पूर्व बीजेपी विधायक भवानी सिंह राजावत के ऐसे बगावती तेवर: पार्टी से टिकट नहीं मिला तो कांग्रेस का हाथ थामने को भी तैयार
कोटा जिले की लाडपुरा विधानसभा सीट के पूर्व विधायक भवानी सिंह राजावत ने विरोधी स्वर इख्तियार कर लिए हैं। भाजपा में रहते हुए पार्टी के खिलाफ ही मोर्चा खोल दिया है।
एनसीआई@कोटा
कोटा जिले की लाडपुरा विधानसभा सीट से तीन बार विधायक रहे पूर्व विधायक भवानी सिंह राजावत ने अपनी पार्टी भाजपा के खिलाफ बगावत का बिगुल फूंक दिया है। लाडपुरा से पूर्व विधायक भवानी सिंह राजावत ने चेतावनी दी है कि यदि मुझे पार्टी से टिकट नहीं मिला तो मैं निर्दलीय चुनाव लड़ूंगा। कांग्रेस मौका देगी तो इसके लिए भी तैयार हैं। भवानी सिंह पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के निकटवर्ती माने जाते हैं।
भवानी सिंह ने कहा, लाडपुरा के कार्यकर्ताओं की घोर उपेक्षा हो रही है। मौजूदा भाजपा विधायक कल्पना देवी पर आरोप लगाया कि वह अपने 5 वर्ष के कार्यकाल में कार्यकर्ताओं के सम्पर्क में नहीं रहीं। उनके कार्यकाल में कार्यकर्ताओं की उपेक्षा हुई है। भवानी सिंह राजावत लाडपुरा विधानसभा सीट से तीन बार विधायक रहे हैं, लेकिन पार्टी ने वर्ष 2018 में उनका टिकट काट दिया था। इस बार भी ऐसा ही होने की आशंका के चलते उन्होंने पहले से ही अपने सुरक्षा कवच के रूप में पार्टी को चेतावनी देना शुरू कर दिया है।
राजस्थान की आधी जेलें देख लीं
भवानी सिंह राजावत ने कहा कि मैंने राजस्थान की आधी से ज्यादा जेल देख ली है। मेरे पर 90 मुकदमे हैं, कहीं रास्ता रोकने के तो कहीं धरने प्रदर्शन के हैं। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि इस बार भाजपा ने उन्हें लाडपुरा विधानसभा सीट से प्रत्याशी नहीं बनाया तो वह निर्दलीय ही मैदान में उतरेंगे। यही नहीं उन्होंने यहां तक कह दिया कि कांग्रेस मौका देगी तो इस पर भी वह विचार कर सकते हैं।
सड़क नहीं बनाने पर डीएफओ के थप्पड मारा था
भवानी सिंह राजावत ने कहा कि वह लम्बे समय से पार्टी की सेवा करते आ रहे हैं। इस दौरान वह कई बड़े पदों पर रहे हैं और कई बड़े नेताओं के साथ उन्होंने काम किया है। उन्होंने कहा कि वह राष्ट्रीय कार्यकारिणी में रहे, प्रदेश प्रवक्ता रहे। 45 साल से पार्टी के लिए कार्य कर रहे हैं, लेकिन अब कार्यकर्ताओं की उपेक्षा हो रही है जो बर्दाश्त नहीं करूंगा। उन्होंने कहा कि मेंने एक बार डाढ़ देवी माता मंदिर की सड़क नहीं बनने दे रहे डीएफओ के थप्पड मार दिया था, जिस वजह से 12 दिन जेल में रहा। उन्होंने कहा कि इन पांच साल में भी उन पर 20 मुकदमे लगे हैं।
सीनियर लीडर्स की हो रही उपेक्षा
भवानी सिंह राजावत ने कहा कि भाजपा में सीनियर लीडर्स की उपेक्षा हो रही है। वसुंधरा राजे की उपेक्षा के सवाल पर कहा कि वह जनाधार वाली नेता हैं, शीर्ष नेतृत्व को सोचना चाहिए। उन्होंने कहा कि कोटा में वह इस बार चुनाव लड़कर ही रहेंगे, पार्टी टिकट नहीं देती है तो निर्दलीय मैदान में उतरेंगे।
