April 17, 2026

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राहुल की यात्रा शुरू होने से ठीक पहले बड़े नेता ने छोड़ी कांग्रेस, शिवसेना में हुए शामिल, कहा: कांग्रेस का एकमात्र लक्ष्य-पीएम के खिलाफ बोलना

राहुल की यात्रा शुरू होने से ठीक पहले बड़े नेता ने छोड़ी कांग्रेस, शिवसेना में हुए शामिल, कहा: कांग्रेस का एकमात्र लक्ष्य-पीएम के खिलाफ बोलना

एनसीआई@मुम्बई

राहुल गांधी की न्याय यात्रा शुरू होने से ठीक पहले रविवार, 14 जनवरी को महाराष्ट्र कांग्रेस के बड़े नेता रहे मिलिंद देवड़ा ने पार्टी छोड़ दी।‌ इसके बाद उन्होंने शिवसेना (शिंदे गुट) जॉइन कर ली। मिलिंद, दिग्गज कांग्रेसी नेता रहे मुरली देवड़ा के बेटे हैं। मिलिंद ने इस्तीफे की जानकारी सोशल मीडिया पर दी थी। उल्लेखनीय है कि इसके कुछ घंटे बाद ही राहुल गांधी की यात्रा का पार्ट 2 मणिपुर से शुरू हुआ।

 

मिलिंद देवड़ा ने सोशल मीडिया पर लिखा- आज मेरे राजनीतिक सफर का एक महत्वपूर्ण अध्याय खत्म हुआ। मैंने कांग्रेस की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। इसी के साथ पार्टी के साथ मेरे परिवार का 55 साल पुराना रिश्ता खत्म हो गया।

मिलिंद देवड़ा के पार्टी छोड़ने पर कांग्रेस सांसद जयराम रमेश ने कहा- इस्तीफे की टाइमिंग पीएम मोदी ने तय की है। उनके पिता मुरली देवड़ा कांग्रेस के बड़े नेता थे। उनकी दोस्ती सभी पार्टियों से थी, लेकिन वे कांग्रेस के अटल और दृढ़ नेता थे।

शिवसेना में शामिल होने के बाद मिलिंद ने यह कहा...

यह मेरे लिए बहुत भावुक दिन है। मैंने कभी नहीं सोचा था कि मैं कांग्रेस छोड़ दूंगा। आज मैं शिव सेना में शामिल हो गया। आज की कांग्रेस 1968 और 2004 की कांग्रेस से बहुत अलग है। अगर कांग्रेस और शिवसेना उद्धव ने रचनात्मक और सकारात्मक सुझावों, योग्यता और क्षमता को महत्व दिया होता तो एकनाथ शिंदे और मैं यहां नहीं होते। एकनाथ शिंदे की तरह मुझे एक बड़ा निर्णय लेना था।

जो पार्टी सुझाव देती थी कि देश को आगे कैसे ले जाया जाए, अब उसका एक ही लक्ष्य है – पीएम मोदी जो भी कहते और करते हैं, उसके खिलाफ बोलना। कल, अगर वह कहते हैं कि कांग्रेस एक बहुत अच्छी पार्टी है तो वे इसका विरोध करेंगे।

मैं GAIN – ग्रोथ, एस्पिरेशन, इनक्लूजिविटी और नेशनलिज्म की राजनीति में विश्वास करता हूं। मैं PAIN – पर्सनल अटेक, इनजस्टिस और नेगेटिविटी की राजनीति में विश्वास नहीं करता हूं। केन्द्र और राज्यों में एक मजबूत सरकार की जरूरत है। यह हमारे लिए गर्व की बात है कि पीएम मोदी के नेतृत्व में भारत आज मजबूत है।

इस्तीफे के बाद सिद्धिविनायक में दर्शन करने पहुंचे मिलिंद

कांग्रेस से इस्तीफा देने के बाद मिलिंद ने अपनी पत्नी पूजा शेट्टी के साथ सिद्धिविनायक मंदिर में पूजा-अर्चना की। इसके बाद उन्होंने शिवसेना संस्थापक बाल ठाकरे की प्रतिमा पर उन्हें श्रद्धांजलि दी।

देवड़ा के कांग्रेस छोड़ने की वजह

मिलिंद देवड़ा महाराष्ट्र कांग्रेस के सीनियर लीडर रहे मुरली देवड़ा के बेटे हैं। मुरली देवड़ा केन्द्र सरकार में मंत्री रहे थे। मुम्बई दक्षिण सीट से हमेशा से ही कांग्रेस जीतती आई है और देवड़ा परिवार कई साल से इस संसदीय क्षेत्र से जुड़ा हुआ है। लेकिन इस सीट से सांसद उद्धव गुट के नेता अरविंद सावंत हैं। सावंत इस सीट से दो बार चुने जा चुके हैं।

लोकसभा चुनाव से पहले विपक्षी गठबंधन इंडी एलायंस (I.N.D.I.A) में सीट शेयरिंग को लेकर चर्चा हो रही है। इस गठबंधन में उद्धव गुट की पार्टी शिवसेना (यूबीटी) भी शामिल है। उनके नेता अरविंद सावंत दो बार इस सीट को जीत चुके हैं। ऐसे में उद्धव कांग्रेस को ये सीट नहीं देना चाह रहे थे। रणनीतिकारों का मानना है कि गठबंधन की वजह से मिलिंद देवड़ा को कांग्रेस से टिकट नहीं मिलेगा।

शुक्रवार 12 जनवरी को गरवारे क्लब और मुम्बई कांग्रेस कार्यालय में कांग्रेस पदाधिकारियों की बैठकें हुईं थीं। देवड़ा ने इन दोनों मीटिंग में नहीं गए थे। पार्टी के कई नेताओं ने उनसे सम्पर्क कर बैठक में शामिल होने को कहा, लेकिन उनकी ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई। तब से ही अटकलें थीं कि वे कांग्रेस छोड़ सकते हैं।

जयराम रमेश बोले- राहुल गांधी से बात करना चाहते थे मिलिंद

कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने न्यूज एजेंसी पीटीआई को बताया- देवड़ा ने शुक्रवार को मुझसे फोन पर बात की थी और अनुरोध किया था कि वह दक्षिण मुम्बई लोकसभा सीट पर उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना (UBT) के दावे पर राहुल गांधी से बात करना चाहते हैं। मिलिंद देवड़ा और उनके पिता मुरली देवड़ा दोनों मुम्बई दक्षिण से सांसद रह चुके हैं।

मिलिंद देवड़ा ने मुझे शुक्रवार सुबह 8.52 बजे मैसेज किया और फिर दोपहर 2.47 बजे मैंने जवाब दिया- क्या आप स्विच करने की योजना बना रहे हैं? 2.48 बजे उनका मैसेज आया- क्या आपसे बात करना सम्भव नहीं है? मैंने कहा कि मैं आपको फोन करूंगा और 3.40 पर मैंने उनसे बात की।

रमेश ने आरोप लगाया कि जाहिर तौर पर यह सब एक दिखावा था और उन्होंने जाने का मन बना लिया था। उनके जाने की घोषणा का समय स्पष्ट रूप से प्रधानमंत्री द्वारा निर्धारित किया गया था। रमेश ने यह भी कहा- कौन मिलिंद…मैं उनके पिता मुरली देवड़ा को जानता था।

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