थप्पड़ कांड वाला एसडीएम छोटूलाल शर्मा निलम्बित, पत्नी और बच्चों को घर से बाहर निकालने से मामला और गर्माया(वीडियो)
एनसीआई@भीलवाड़ा
जिले के जसवंतपुरा में सीएनजी पम्प पर मंगलवार रात एक विवाद के दौरान प्रतापगढ़ के एसडीएम छोटूलाल शर्मा के द्वारा पम्प कर्मचारी को थप्पड़ मारने के बाद सरकार ने एसडीएम को निलम्बित कर दिया है। यह घटना सीसीटीवी में कैद हो गई थी, जो सोशल मीडिया पर वायरल हो गई। वीडियो में कर्मचारी भी पलटकर एसडीएम पर हाथ उठाते दिखाई दे रहे हैं।
वीडियो वायरल होने के बाद मामला तूल पकड़ गया और स्थानीय लोगों ने प्रशासनिक दुरुपयोग और अभद्र व्यवहार को लेकर कड़ा विरोध जताया। वहीं पुलिस ने तीन पम्प कर्मचारियों को हिरासत में लेकर जांच शुरू की थी। इधर राज्य सरकार ने तुरंत संज्ञान लेते हुए एसडीएम छोटूलाल शर्मा को निलम्बित कर दिया और प्रशासनिक जांच के आदेश दिए। जांच के बाद ही विवाद की पूरी गम्भीरता और जिम्मेदारियों का निर्धारण किया जाएगा।
रात को पत्नी और बच्चों को घर से निकाला, पुलिस को शिकायत
वहीं, अब एसडीएम छोटूलाल शर्मा के पारिवारिक विवाद ने भी पूरे मामले को और गम्भीर बना दिया है।सूत्रों के मुताबिक, एसडीएम छोटूलाल शर्मा ने अपनी पत्नी पूनम शर्मा और बच्चों को रात के समय घर से निकाल दिया, जिसके बाद पूरा परिवार दर-दर भटकने को मजबूर है। बताया जाता है कि इस दौरान मारपीट की भी घटना हुई, जिसके बाद पूनम शर्मा ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।

जानकारी के अनुसार, पूनम शर्मा ने थाने में दी शिकायत में बताया कि पति छोटूलाल शर्मा ने उन्हें शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया। इतना ही नहीं, उन्हें और बच्चों को घर से निकालकर बाहर बंद कर दिया। पूनम शर्मा ने पुलिस से सुरक्षा की गुहार लगाई है।
घटना के बाद इलाके में सनसनी फैल गई है, क्योंकि यह मामला किसी सामान्य व्यक्ति का नहीं बल्कि एक वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी का है।
दूसरी महिला के दावे से खलबली
इस बीच, एक नई महिला दीपिका व्यास ने खुद को एसडीएम छोटूलाल शर्मा की पत्नी बताते हुए मीडिया और प्रशासन के सामने दावा किया है। बताया जा रहा है कि यही दीपिका व्यास पेट्रोल पम्प विवाद में शिकायत देने वाली महिला है, जिसके बाद शर्मा का थप्पड़ मारने वाला वीडियो वायरल हुआ था। वहीं, असली पत्नी पूनम शर्मा का कहना है कि दीपिका व्यास झूठा दावा कर रही है। एसडीएम शर्मा उसे अपनी पत्नी बताकर समाज में भ्रम फैला रहे हैं।
विवादों से है गहरा नाता, फिर भी प्रभावी कार्यवाही नहीं
उल्लेखनीय है कि आरएएस अधिकारी छोटूलाल शर्मा का विवादों से पुराना नाता रहा है। मांडलगढ़ में एसडीएम रहने के दौरान भी उनके व्यवहार को लेकर कई बार चर्चाएं हुई थीं। इस बार वायरल वीडियो ने उनके रवैये को फिर से सुर्खियों में ला दिया है। इस घटना ने प्रशासनिक हलकों में खलबली मचा दी है। लोग यह सवाल उठा रहे हैं कि क्या एक उच्च पदस्थ अधिकारी को इस तरह की हरकतों की छूट दी जा सकती है। वे अब तक तीन बार एपीओ (Awaiting Posting Order) किए जा चुके हैं।
• साल 2017 में भीलवाड़ा में पंचायत समिति अधिकारी गिरिराज मीणा से झगड़े के बाद उन्हें हटाया गया था।
• 2018 में टोंक में रिश्वत के आरोपों में उनका नाम सामने आया था।
• इसके बाद भी वे कई बार सार्वजनिक विवादों और सत्ता के दुरुपयोग के आरोपों में घिरे रहे हैं।
हर बार मामला सामने आने के बावजूद प्रशासन की ओर से अब तक उनके खिलाफ कोई सख्त कार्रवाई नहीं की गई है, जिससे जनता में नाराजगी है।
