960 करोड़ रुपए के घोटाले में पूर्व आईएएस सुबोध अग्रवाल गिरफ्तार, एसीबी की टीम दिल्ली से जयपुर लेकर पहुंची, 3 फरार आरोपियों की सम्पत्ति करेगी अटेच
एनसीआई@जयपुर
एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने जल जीवन मिशन (जेजेएम) घोटाले में फरार चल रहे पूर्व आईएएस सुबोध अग्रवाल को गुरुवार को गिरफ्तार कर लिया। टीम अग्रवाल को दिल्ली से जयपुर लेकर पहुंची। पूर्व आईएएस सुबोध अग्रवाल के खिलाफ जेजेएम घोटाले में गिरफ्तारी वारंट जारी था।
एसीबी के महानिदेशक (डीजी) गोविंद गुप्ता ने बताया कि वर्ष 2024 में शुरू हुई जांच में अब तक 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि 3 आरोपी फरार हैं। इसी कड़ी में पूर्व आईएएस अधिकारी सुबोध अग्रवाल को अरेस्ट किया है।

फर्जी सर्टिफिकेट लगाकर लिए थे टेंडर
डीजी ने बताया कि जेजेएम में टेंडर प्रक्रिया में बड़े स्तर पर अनियमितताएं बरती गईं। मैसर्स गणपति ट्यूबवेल और मैसर्स श्याम ट्यूबवेल ने इरकॉन इंटरनेशनल लिमिटेड के फर्जी सर्टिफिकेट तैयार कर टेंडर लिए थे। इसकी जानकारी अधिकारियों को होने के बाद भी कार्रवाई नहीं की गई थी। इस तरह करीब 960 करोड़ रुपए का टेंडर कुछ फर्मों को फायदा देने के लिए दे दिया था। वहीं, 50 करोड़ रुपए से ज्यादा के टेंडर में मौका निरीक्षण करना था, लेकिन अधिकारियों ने ऐसा नहीं किया। इस पूरे मामले में पद का दुरुपयोग किया गया है।
एडीजी स्मिता श्रीवास्तव के सुपरविजन में एसआईटी जांच
मामले की जांच अतिरिक्त महानिदेशक स्मिता श्रीवास्तव के सुपरविजन में की जा रही है। साथ ही डीआईजी डॉ. रामेश्वर सिंह और डीआईजी ओमप्रकाश मीणा के निर्देशन में गठित एसआईटी तकनीकी और डॉक्यूमेंट की जांच कर रही है।
एसीबी ने फरवरी में 15 जगह मारे थे छापे
एसीबी ने जेजेएम घोटाले को लेकर 17 फरवरी को बड़ी कार्रवाई की थी। इस दौरान जयपुर, बाड़मेर, जालोर, सीकर, बिहार, झारखंड और दिल्ली सहित कुल 15 जगहों पर छापेमारी की गई थी।
जांच में फर्जी बिल, वित्तीय गड़बड़ियों और टेंडर प्रक्रिया में अनियमितता सामने आई थी। 17 फरवरी को ही सुबोध अग्रवाल के घर पर भी छापेमारी की गई थी। इसी दिन जलदाय विभाग के 9 अफसरों को पकड़ा गया था। 18 फरवरी को सुबोध अग्रवाल के खिलाफ लुक आउट नोटिस जारी हुआ था।
