दिल्ली में सीनियर आईआरएस अधिकारी की बेटी की हत्या, पहले दुष्कर्म की भी आशंका, राजस्थान निवासी आरोपी युवक गिरफ्तार, अपने गांव में भी पड़ोसी महिला से दुष्कर्म कर भागा था
दिल्ली में आईआरएस अधिकारी की 22 वर्षीय बेटी के साथ दुष्कर्म के बाद हत्या की सनसनीखेज वारदात ने हर किसी को झकझोर दिया है। जांच में सामने आया है कि आरोपी ने वारदात से कुछ घंटे पहले राजस्थान के अलवर में भी एक महिला से दुष्कर्म किया था।
एनसीआई@नई दिल्ली
अमर कॉलोनी में आईआरएस अधिकारी की बेटी की दुष्कर्म के बाद हत्या मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। इस सनसनीखेज केस के आरोपी की पहचान अलवर जिले के राजगढ़ थाना क्षेत्र के निवासी राहुल मीणा (23) के रूप में हुई है। जांच में सामने आया है कि आरोपी ने दिल्ली में हत्या करने से कुछ घंटे पहले अपने गांव में पड़ोस में रहने वाली एक शादीशुदा महिला से भी दुष्कर्म किया था। अलवर पुलिस ने पीड़िता के पति की शिकायत पर दुष्कर्म का केस दर्ज कर लिया है।
पुलिस के अनुसार, आरोपी अलवर में वारदात करने के बाद दिल्ली आया और यहां आकर आईआरएस अधिकारी की बेटी की दुष्कर्म कर हत्या की। इस मामले में दिल्ली पुलिस की चार टीमें और अलवर पुलिस आरोपी को पकड़ने के लिए सक्रिय हुईं। इसके बाद आरोपी को दिल्ली के द्वारका इलाके की एक होटल से गिरफ्तार कर लिया गया। वारदात के बाद आरोपी राहुल मीणा ने अपने कपड़े और जूते बदल लिए थे, क्योंकि उन पर खून लग गया था। बताया जा रहा है कि उसने घर में रखी दूसरी पेंट और जूते पहन लिए और अपने खून से सने कपड़े और जूते घटना स्थल पर ही छोड़कर फरार हो गया था। पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी राहुल ने हत्या के बाद घर में लूटपाट भी की थी। पुलिस ने लूटा गया सामान बरामद कर लिया है। बताया जा रहा है कि आरोपी राहुल मीणा को ऑनलाइन गेम खेलने की लत थी, जिसकी वजह से वह कर्ज में डूबा हुआ था।
उल्लेखनीय है कि, हत्या की घटना जिस बिल्डिंग में हुई वहां कड़ी सुरक्षा व्यवस्था थी। हर फ्लोर और लिफ्ट पर लॉक लगे हुए थे और पूरे परिसर में सीसीटीवी कवरेज मौजूद था। मृतका के घर तक पहुंचने के लिए कम से कम चार लॉक खोलने पड़ते थे, जिनमें से तीन पासकोड से और एक चाबी से खुलता था। आरोपी पहले यहां काम कर चुका था, इसलिए उसे पासकोड की जानकारी थी। आशंका है कि उसे स्पेयर चाबी की जगह भी पता थी। घर में जबरन घुसने के कोई निशान नहीं मिले। परिवार का कहना है कि लौटने पर बेटी खून से लथपथ मिली, उसके सिर पर किसी भारी वस्तु से वार किया गया था, जिससे काफी खून बहा गया था।
दिल्ली के साउथ ईस्ट इलाके में बुधवार सुबह 22 वर्षीय युवती का शव उसके घर में मिला था। मृतका एक वरिष्ठ आईआरएस (आयकर) अधिकारी की बेटी थी। घटना के समय उसके माता-पिता जिम गए हुए थे। इसी दौरान आरोपी, जो पहले घर में काम कर चुका था, घर में घुसा और मोबाइल चार्जिंग केबल से गला दबाकर युवती की हत्या कर दी। इससे पहले युवती से दुष्कर्म की आशंका भी जताई जा रही है, हालांकि इसकी पुष्टि मेडिकल रिपोर्ट के बाद ही हो सकेगी। पुलिस और फोरेंसिक टीम ने मौके से सबूत जुटाए और जांच जारी है। इसी बीच अलवर में सामने आए मामले ने पूरे घटनाक्रम को और गम्भीर बना दिया है।
यह है दोनों वारदातों की टाइम लाइन
जानकारी के मुताबिक, अलवर में आरोपी रात करीब साढ़े दस बजे महिला के घर में घुसा, उसे जबरन पकड़कर उससे मारपीट की और दुष्कर्म किया। इसके बाद धमकी देकर करीब 11 बजे वहां से फरार हो गया।
इसके बाद आरोपी दिल्ली पहुंचा, जहां शाम करीब साढ़े छह बजे वह एक सोसाइटी में दाखिल हुआ। करीब 6:39 बजे वह पीड़िता के घर में घुसा और करीब 7:30 बजे बाहर निकल गया। अगली सुबह करीब 8 बजे जब पीड़िता के माता-पिता घर लौटे तो उन्होंने बेटी को खून से लथपथ हालत में पाया। उसके कपड़े फटे हुए थे और शरीर का निचला हिस्सा निर्वस्त्र था।
पुलिस ने मामले की गम्भीरता को देखते हुए जांच के लिए 15 टीमें गठित कीं। सोसाइटी और बिल्डिंग के गेट पर लगे सीसीटीवी केमरों की मदद से आरोपी की गतिविधियों को ट्रेक किया गया। फुटेज के आधार पर पुलिस ने उस दिशा का पता लगाया, जिधर आरोपी फरार हुआ था।
ऑटो रिक्शा से जा रहा था
जांच के दौरान पुलिस को एक ऑटो रिक्शा की जानकारी मिली, जिसमें आरोपी बैठा था। ऑटो चालक से पूछताछ में पता चला कि उसने आरोपी को एक होटल के पास छोड़ा था। इसके बाद पुलिस ने द्वारिका स्थित होटल पहुंचकर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
खून लगे अपने पेंट और जूते बदल लिए
जो कर्ज में डूबा हुआ था और ऑनलाइन गेमिंग का आदी बताया जा रहा है। वारदात को अंजाम देने के बाद उसने खून लगे अपने पैंट और जूते बदल लिए. उसने घर में रखे दूसरे कपड़े और जूते पहनकर फरार होने की कोशिश की, जबकि खून से सने अपने कपड़े और जूते घटनास्थल पर ही छोड़ दिए. पुलिस ने घर में हुई लूटपाट का सामान भी बरामद कर लिया है.
आईआरएस अधिकारी के घर में पहले करता था काम
जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी पहले आईआरएस अधिकारी के घर में काम करता था। उसे करीब एक साल पहले किसी दूसरे अधिकारी की सिफारिश पर रखा गया था। हालांकि, उसकी सट्टेबाजी की आदतों और धोखाधड़ी के चलते उसे नौकरी से निकाल दिया गया था।
दवाइयों के नाम पर लेता था पैसे
बताया गया कि आरोपी परिवार से दवाइयों के नाम पर पैसे लेता था, लेकिन दुकानदार को भुगतान नहीं करता था और उधार में सामान ले आता था। जब परिवार को इस धोखाधड़ी की जानकारी हुई, तो उसे नौकरी से हटा दिया गया था। फिलहाल पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है और मामले में आगे की कार्रवाई जारी है।
