April 14, 2021

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शराब ठेकेदार से रिश्वत ली, देई थानाधिकारी व कॉन्स्टेबल गिरफ्तार

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कोटा। हिरासत में थानाधिकारी नारायणराम।

एनसीआई@कोटा/बून्दी

कोटा भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की टीम ने आज शिवरात्रि के दिन एक बड़ी कार्रवाई करते हुए बून्दी जिले के देई थानाधिकारी व एक कॉन्स्टेबल को शराब ठेकेदार से 14000 रुपए रिश्वत लेने के मामले में गिरफ्तार कर लिया। कॉन्स्टेबल को रंगे हाथों गिरफ्तार करने के बाद उसके बयान के आधार पर थानाधिकारी के खिलाफ भी कार्रवाई की गई। ब्यूरो के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ठाकुर चंद्रशील कुमार ने यह जानकारी दी है।

कोटा। हिरासत में कॉन्स्टेबल हरिराम।

एएसपी ठाकुर चंद्रशील के अनुसार इस मामले में मोतीलाल मीणा (46) निवासी खैरूणा, तहसील नैनवां जिला बून्दी ने एक शिकायत दी थी। ‌ इस पर यह कार्रवाई की गई। इसमें नारायणराम, पुलिस निरीक्षक थानाधिकारी देई व हरिराम वर्मा निवासी नानेर थाना, तहसील पीपलू, जिला टोंक, हाल कॉन्स्टेबल देई थाना को 10 मार्च को रिश्वत राशि 14000 रुपए में से 4 हजार रुपए लेने के सत्यापन के बाद आज 11 मार्च को 10 हजार रुपए लेने के मामले में गिरफ्तार किया गया। उन्होंने बताया कि परिवादी मोतीलाल ने शिकायत दी थी कि पुलिस थाना देई के थानाधिकारी नारायणराम व सिपाही हरिराम आए दिन उसे मासिक बंदी के लिए परेशान करते हैं। शिकायत के अनुसार ये दोनों आरोपी उससे एक ठेके के हिसाब से 7000 व दोनों ठेकों के कुल 14000 रुपए हर महीने लेते हैं।‌ ठेकेदार मोतीलाल का कहना था कि पहले की रिश्वत मजबूरी में दी है।‌ थानाधिकारी के लिए यह रिश्वत सिपाही हरिराम उसके भांजे राकेश से लेता है।‌ इससे मोतीलाल ने काफी परेशान हो जाने की बात कहते हुए दोनों आरोपियों को रिश्वत लेते हुए पकड़ने की मांग की। परिवादी का यह भी कहना था कि थानाधिकारी व सिपाही झूठा मुकदमा दर्ज कर दुकान बंद करवाने की धमकियां देते हुए मासिक बंदी देने के लिए दबाव बनाते हैं। इसके अनुसार उसने कुछ दिन पहले गुर्जर जाति के कुछ लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करवाई थी, उसमें भी थानाधिकारी ने कार्रवाई करने के लिए 1 लाख रुपए मांगे थे।‌ यह रुपए नहीं दिए तो थानेदार ने आरोपियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की। इसके चलते आरोपी रामकिशन गुर्जर व 10 अन्य लोगों ने उसका बना बनाया मकान, जो बून्दी रोड पर मोहब्बतपुरा में स्थित है को तोड़ दिया। शिकायत में कहा गया था कि सिपाही हरिराम उसके ठेके की दुकान भजनेरी में मासिक बंदी की रिश्वत लेने के लिए आएगा।
एएसपी ठाकुर चंद्रशील के अनुसार इसका 10 मार्च को गोपनीय सत्यापन करवाया तो हरिराम कॉन्स्टेबल को 7000 रुपए प्रति दुकान के हिसाब से दोनों शराब के ठेकों के 14000 रुपए मांग करना पाया गया। साथ ही इस सत्यापन के दौरान उसने 4 हजार रुपए भी लिए। ‌ इसमें से शेष 10 हजार रुपए 11 मार्च को शराब की दुकान पर आकर परिवादी मोतीलाल से लेते कॉन्स्टेबल हरिराम को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया गया। पूछताछ में उसने यह राशि थानाधिकारी नारायण राम के लिए लेना बताया। इस पर हरिराम से थानाधिकारी नारायणराम की मोबाइल पर बात करवाई तो उसने मासिक बंदी की राशि लेकर अपने पास रखने को कहा। इस पर थानाधिकारी नारायणराम को भी तलब का डिटेन कर लिया गया। मौके पर आगामी कार्रवाई जारी जारी थी। ‌ इस कार्रवाई में शामिल रही टीम में नरेश चौहान पुलिस निरीक्षक, दिलीप सिंह वरिष्ठ लिपिक, भरत सिंह, देवेन्द्र सिंह, मनोज कुमार, नरेन्द्र सिंह, मुकेश कुमार व बृजराज सिंह शामिल रहे।

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