March 7, 2021

News Chakra India

Never Compromise

शाहीन बाग जैसे प्रदर्शनों पर सुप्रीम कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला, की अहम टिप्पणियां

1 min read

एनसीआई@नई दिल्ली
सार्वजनिक जगहों पर प्रदर्शन को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने आज बड़ा फैसला सुनाया है। कोर्ट ने अपने इस फैसले में कहा है कि सार्वजनिक स्थानों पर लम्बे समय तक प्रदर्शन नहीं किए जा सकते हैं। एक तय जगह पर ही धरने होने चाहिएं। मामला दिल्ली के शाहीन बाग प्रदर्शन से जुड़ा हुआ है। वहां तीन महीने से ज्यादा समय तक सड़क रोककर प्रदर्शन हुआ था। इससे लोगों को भारी परेशानी हुई थी। इसलिए, पिटीशनर ने सुप्रीम कोर्ट में कहा था कि सार्वजनिक जगहों पर प्रदर्शनों पर रोक लगनी चाहिए।
सुप्रीम कोर्ट के फैसले की 4 प्रमुख बातें-
-विरोध-प्रदर्शन के लिए शाहीन बाग जैसी सार्वजनिक जगहों का घेराव बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।
-लोकतंत्र और असहमति साथ-साथ चल सकते हैं।
-शाहीन बाग को खाली करवाने के लिए दिल्ली पुलिस को कार्रवाई करनी चाहिए थी।
-ऐसे मामलों में अफसरों को खुद एक्शन लेना चाहिए। वे अदालतों के पीछे नहीं छिप सकते कि जब कोई आदेश आएगा तभी कार्रवाई करेंगे।
उल्लेखनीय है कि वकील अमित साहनी ने इस मामले में पिटीशन फाइल की थी। इस पर कोर्ट ने 21 सितम्बर को फैसला रिजर्व रख लिया था। अदालत ने उस दिन कहा था कि विरोध के अधिकार और जनता के मूवमेंट के अधिकार के बीच बैलेंस होना चाहिए। संसदीय लोकतंत्र में सभी को विरोध का अधिकार है, लेकिन क्या लम्बे समय तक कोई सार्वजनिक सड़क जाम की जा सकती है।
शाहीन बाग में 3 महीने से ज्यादा चला था प्रदर्शन
दिल्ली के शाहीन बाग में 14 दिसम्बर से सीएए के खिलाफ प्रदर्शन शुरू हुए थे, जो 3 महीने से ज्यादा चले। सुप्रीम कोर्ट ने 17 फरवरी को सीनियर वकील संजय हेगड़े और साधना रामचंद्रन को जिम्मेदारी दी थी कि प्रदर्शनकारियों से बात कर कोई समाधान निकालें, लेकिन कई राउंड की चर्चा के बाद भी बात नहीं बन पाई थी। बाद में कोरोना के चलते लॉक डाउन होने पर 24 मार्च को प्रदर्शन बंद हो पाया था।

Leave a Reply

Your email address will not be published.

Copyright © All rights reserved. | Newsphere by AF themes.