May 11, 2021

News Chakra India

Never Compromise

पुजारी के शव की तीसरे दिन अभी तक अंत्येष्टि नहीं, ना कोई मांगें मानीं, ना कोई नुमाइंदा पहुंचा

1 min read

मंदिर की भूमि पर कब्जे को लेकर लम्बे समय से चल रहा था विवाद
-ग्रामीणों ने पंचायत बुलाकर अतिक्रमियों को कब्जा हटाने और आइंदा कब्जा नहीं करने के लिए पाबंद किया था, लेकिन वे इस फैसले से नहीं हुए सहमत
एनसीआई@करौली/सपोटरा
करौली जिले के सपोटरा क्षेत्र के बूकना गांव में मंदिर की भूमि पर अतिक्रमण का विरोध करने पर पुजारी को जिंदा जलाने का मामला जयपुर से लेकर दिल्ली तक गर्मा चुका है। पुलिस ने मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया था। वहीं समाज व विभिन्न संगठनों के लोग सभी आरोपियों को तत्काल गिरफ्तार करने सहित मृतक के परिवार को मुआवजा व सरकारी नौकरी देने की मांग को लेकर गांव में धरने पर बैठे हुए हैं। यहां तक कि इन मांगों को नहीं माने जाने तक शव का दाह संस्कार भी नहीं करने पर अड़े हुए हैं। इस धरने में भाजपा नेता व सांसद किरोड़ी लाल मीणा भी शामिल हो चुके हैं। वहीं, भाजपा ने मामले में की जांच के लिए 3 सदस्यीय कमेटी बनाई है, जिसे आज शनिवार को ही बूकना गांव पहुंचना है।
यह है मामला
पुलिस अधीक्षक मृदुल कच्छावा ने बताया कि गांव में मंदिर की भूमि पर आरोपी अपने मवेशियों के लिए छप्पर लगाकर अतिक्रमण कर रहे थे। पुजारी बाबूलाल ने गुरुवार सुबह इसका विरोध किया तो आरोपियों ने उन पर पेट्रोल डालकर आग लगा दी। मौके पर छप्पर होने के कारण आग तेजी से फैली, इससे पुजारी बाबूलाल बुरी तरह झुलस गए। उन्हें गम्भीर हालत में पहले सपोटरा अस्पताल ले जाया गया, मगर वहां से हालत गम्भीर होने के कारण उन्हें जयपुर रेफर कर दिया गया। वहां एसएमएस अस्पताल में गुरुवार शाम उनकी मौत हो गई। मौत से पहले पुजारी ने पुलिस को बयान दर्ज कराए, जिनके आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज किया। इसके आधार पर मुख्य आरोपी कैलाश मीणा को देर रात गिरफ्तार कर लिया गया, जबकि शंकर मीणा, नमो मीणा, रामलखन मीणा आदि की तलाश जारी है।
आरोपियों ने पंचायत की बात भी नहीं मानी
मंदिर की भूमि पर कब्जे को लेकर लम्बे समय से विवाद चल रहा था। इस विवाद को सुलझाने के लिए ग्रामीणों ने पंचायत बुलाकर अतिक्रमियों को कब्जा हटाने और आइंदा कब्जा नहीं करने के लिए पाबंद किया था। इस सम्बन्ध में लिए फैसले पर 100 ग्रामीणों के हस्ताक्षर थे, लेकिन अतिक्रमियों ने इस फैसले को नहीं माना। वे मंदिर की जमीन पर छप्पर डालकर कब्जा पुख्ता करने की कोशिश करने लगे।
मांगों पर अड़े, अंतिम संस्कार करने से किया मना
शव देर शुक्रवार देर शाम जयपुर से बूकना पहुंचा तो परिजनों ने मांगें पूरी नहीं होने तक अंत्येष्टि करने से मना कर दिया। इनकी मांगों में मृतक के पुत्र को सरकारी नौकरी व परिवार को 50 लाख रुपए का मुआवजा देने, सुरक्षा की पुख्ता व्यवस्था करने, सरकारी योजनाओं का लाभ दिलवाने व सभी आरोपियों की गिरफ्तारी करने की मांग शामिल है। इससे पहले जयपुर में परिजनों ने शव लेने से मना कर दिया था, काफी समझाइश के बाद वे शव लेकर गांव पहुंचे। इस मामले में ब्राह्मण समाज सहित अन्य संगठनों ने कई जगह प्रदर्शन कर शासन प्रशासन को अपने मांग पत्र सौंपे हैं। पुजारी मंदिर में सेवा-पूजा करने के अलावा मंदिर की जमीन पर खेती कर परिवार पाल रहे थे। उनके परिवार में 6 पुत्रियां व एक पुत्र है, मगर वह पुत्र भी मानसिक रूप से कमजोर है। इससे परिवार के सामने भरण-पोषण का संकट खड़ा हो गया है।
पुलिस की रही बड़ी लापरवाही
जानकारी में आया है कि पीड़ित परिवार कई दिन से क्षेत्र के राजस्व अधिकारियों से मंदिर की जमीन के विवाद को लेकर शिकायत कर रहा था, लेकिन उसे गम्भीरता से नहीं लिया गया।‌ पुजारी को गम्भीर हालात में अस्पताल में भर्ती कराया तो कुछ युवकों ने उसका वीडियो वायरल कर दिया। तब जाकर पुलिस हरकत में आई और अस्पताल पहुंची। पीड़ित पक्ष ने आरोपियों के नाम बताए तो भी पुलिस ने उनकी गिरफ्तारी नहीं की। इससे आरोपियों को फरार होने का मौका मिल गया। इस मामले में पुलिस-प्रशासन के अधिकारियों की भारी संवेदनहीनता भी सामने आ रही है। वारदात के तीन दिन बाद भी कलक्टर व एसपी मौके पर नहीं पहुंचे हैं। इसके अलावा सरकार का कोई अन्य नुमाइंदा भी वहां नहीं आया है।
कानून-व्यवस्था बेलगाम
यह वीभत्स घटना राजस्थान में बेलगाम होती कानून-व्यवस्था का एक और स्याह उदाहरण है। सरकार तुरन्त कार्रवाई करे। ऐसी घटना को अंजाम देने वालों की कोई जाति नहीं होती। पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता, एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाए।
किरोड़ीलाल मीणा, सांसद

दोषियों को बख्शेंगे नहीं
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने ट्वीट कर पुजारी बाबूलाल वैष्णव की हत्या को अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण व निंदनीय बताया है। उन्होंने कहा, सभ्य समाज में ऐसे कृत्य का कोई स्थान नहीं है। प्रमुख आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। जांच-कार्रवाई जारी है। दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।
अशोक गहलोत, मुख्यमंत्री

Leave a Reply

Your email address will not be published.

Copyright © All rights reserved. | Newsphere by AF themes.