March 6, 2021

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बू्न्दी: भारी मात्रा में नकली व अवधिपार घी, तेल, गुड़, चॉकलेट आदि बरामद

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एनसीआई@बून्दी
जिले में जारी ‘शुद्ध के लिए युद्ध’ अभियान के तहत बुधवार को केशवरायपाटन क्षेत्र के कापरेन में बड़ी कार्रवाई की गई। उपखंड अधिकारी अभिषेक चारण के नेतृत्व में जांच दल ने कापरेन में स्थित विभिन्न प्रतिष्ठानों की जांच कर अवधिपार खाद्य सामग्री जब्त करने की। जांच के दौरान मिली अवधिपार सामग्री को नष्ट कर दिया गया।
उपखंड अधिकारी ने जांच टीम के साथ कापरेन में नाथूलाल महावीर प्रसाद फर्म के गोदाम का आकस्मिक निरीक्षण किया। कोटा डेयरी के सुपरवाइजर के अनुसार निरीक्षण के दौरान चार टीन घी मिला जो प्रथम दृष्टया नकली है। इसके अलावा एक टीन अवधिपार घी भी जब्त किया गया। यह अवधिपार व नकली घी को नष्ट किया जाएगा।
आकस्मिक निरीक्षण में 500 किलो गुड़ बेचने के लिए गोदाम में रखा मिला। इसे बैचने की तैयारी थी। गुड सड़ी गली अवस्था में था, जो खाने योग्य नहीं नहीं था। इसके अतिरिक्त अवधिपार 4 डिब्बे चाॅकलेट, 100 पैकेट चाय की पत्ती, साबुन की 200 बट्टियां पाई गई। जांच दल को 13 टीन तेल मिला, खाद्य सुरक्षा अधिकारी के अनुसार यह उपयोग में लाने योग्य नहीं था।
जांच दल ने इसके बाद कापरेन में सोगानी ट्रेडर्स पर अवधिपार सामग्री पाई गई, इसे भी जब्त किया गया। जांच दल ने डोमेस्टिक सिलेंडर से कॉर्मिशियल सिलेंडर में रीफिलिंग तथा वाहनों में एलपीजी भरने के लिए उपयोग करने पर 29 सिलेंडरों को सीज करने की कार्रवाई की गई।
किराने की दुकान पर मिला टाॅयलेट क्लीनर एसिड
उपखंड अधिकारी ने बताया कि सोगानी ट्रेडर्स की दुकान के निरीक्षण में बेचने के लिए टाॅयलेट क्लीनर एसिड की बोतलें रखी हुई मिली, जिन्हें जब्त कर लिया गया। उन्होंने बताया कि उच्चतम न्यायालय के 2013 के निर्णय के अनुसार किराने की दुकान पर टाॅयलेट क्लीनर एसिड की बिक्री प्रतिबंधित की हुई है। इसके विक्रय के लिए लाइसेंस होना आवश्यक है। साथ ही ग्राहक के पास भी आधार कार्ड होना चाहिए।
जांच दल में तहसीलदार मोहनलाल, खाद्य सुरक्षा अधिकारी गिरिराज शर्मा, डेयरी विभाग के प्रतिनिधि रामस्वरूप मीणा व सहायक उपनिरीक्षक भगवान सिंह शामिल रहे।
नमूने फेल, 3.55 लाख का जुर्माना
न्यायालय अतिरिक्त जिला कलक्टर ने खाद्य पदार्थों के सेम्पल जांच में फेल पाए जाने पर विक्रेताओं को 3.55 लाख रुपए के अर्थदंड से दंडित किया है।
अतिरिक्त जिला कलक्टर एयू खान ने बताया कि आमजन को खाद्य सामग्री में मिलावट रोकने की दृष्टि से विभिन्न विक्रेताओं के यहां से सेम्पल लेकर जांच के लिए प्रयोगशाला में भिजवाए गए थे। जांच में सेम्पल फेल पाए गए। इस पर न्यायालय ने विक्रेताओं को पाबंद करते हुए 3.55 लाख रुपए का जुर्माना लगाया है।

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