February 28, 2021

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राजस्थान में मौसम पलटा: जयपुर और बारां में आंधी के साथ बारिश, ओले गिरने से छतों पर बिछी बर्फ की चादर

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एनसीआई@जयपुर/बारां
दीपावली के अगले दिन रविवार को राजस्थान में मौसम ने अचानक पलटा खाया। इससे जयपुर और बारां में आंधी के साथ बारिश शुरू हो गई। जयपुर में तो कुछ स्थानों पर इतने ओले गिरे कि घरों की छतों पर बर्फ की चादर सी नजर आने लगी। उधर, बारां में भी सुबह से लेकर दोपहर बाद तक भी तक रुक-रुककर बारिश होती रही। इससे शहर में कई जगह पानी भर गया। झुंझनूं और सीकर जिले के भी कुछ हिस्सों में बारिश होने की जानकारी मिली है। इसी के साथ हाड़ोती के बून्दी में दोपहर से ही बादल छाने के बाद शाम को बादलों की गर्जना के साथ रह-रहकर बूंदाबांदी होती रही, वहीं कोटा में मौसम लगभग सामान्य रहा।
उल्लेखनीय है कि मौसम विभाग ने पूर्वी राजस्थान के कोटा, बारां, भरतपुर, अलवर, झुंझनूं, सीकर, सवाई माधोपुर, टोंक, धौलपुर व जयपुर जिले के अलावा पश्चिमी राजस्थान के हनुमानगढ़, चूरू, श्रीगंगानगर के लिए अलर्ट जारी किया गया है। यहां रविवार रात तक बारिश होने का यलो अलर्ट जारी किया गया है।
जयपुर के इन इलाकों में ऐसे रहे हालात
जयपुर में सुबह से ही मौसम बदलने लगा था। दोपहर होते-होते घने बादल छा गए और आंधी चलने लगी। शहर के मानसरोवर, दुर्गापुरा, मालवीय नगर, सोडाला, सहकार मार्ग, बाइस गोदाम, सी स्कीम, सिविल लाइंस में ओलों के साथ बारिश हुई। मौसम का जोर ऐसा था कि शहर के एमआई रोड और किशनपोल में लगे हुए सजावटी दरवाजे गिर गए। इससे कुछ गाड़ियों को नुकसान भी हुआ। मौसम विभाग के अनुसार, राजस्थान में रविवार को छोड़ 20 नवम्बर तक आसमान साफ और मौसम सूखा रहेगा।
बारां में 7 घंटे हुई बारिश
बारां में सुबह 5 बजे से दोपहर करीब 12 बजे तक रुक-रुककर बारिश होती रही। शहर के कई इलाकों में पानी भर गया। अचानक हुई बारिश से मौसम में ठंड भी बढ़ गई। जानकारों का कहना है कि मावठ यानी हल्की बारिश फसलों के लिए अच्छी है। इस समय गेहूं, चने और सरसों की फसल के लिए मावठ अच्छी है, लेकिन ओलों से फसलों को नुकसान है। जिले के शाहबाद में भी अच्छी बरसात हुई है। इससे गली-मोहल्लों में पानी भर गया।
इसी के साथ बून्दी शहर में भी दोपहर से ही बादल छाने लगे थे। शाम होने के साथ ही मौसम और भी तेजी से पलटा। बादलों की गर्जना के साथ ठंडी हवाएं चलने लगीं। बाद में बूंदाबांदी होती रही। कोटा में ठंडक में बढ़ोतरी तो हुई है, मगर मौसम सामान्य रहा।
अचानक मौसम क्यों बदला
मौसम विभाग जयपुर के निदेशक राधेश्याम शर्मा के अनुसार सर्दियों के सीजन में अक्सर पश्चिमी विक्षोभ ज्यादा बनते हैं। इसमें ऊपरी वातावरण में जो पश्चिम से पूर्व की ओर हवाएं चलती हैं, उनमें डिस्टरबेंस होता है। यानी वह एंटीक्लॉक वाइज होती तो उससे एक ट्रफ बनता है। इसी कारण बारिश, ओलावृष्टि जैसी मौसमी गतिविधियां होती हैं। शर्मा ने बताया कि इस तरह के डिस्टरबेंस अक्सर सर्दियों के सीजन में 15—20 दिन में एक-दो बार होते हैं। उन्होंने बताया कि रविवार को आए इस पश्चिमी विक्षोभ का असर सिर्फ एक ही दिन रहेगा। कल यानी सोमवार को मौसम साफ रहेगा और उत्तरी ठंडी हवाएं चलेंगी। इससे प्रदेश के कई शहरों के न्यूनतम तापमान में 3—4 डिग्री तक की गिरावट हो सकती है।
गौरतलब है कि प्रदेश में शनिवार रात तापमान में दो से तीन डिग्री तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई थी, लेकिन बारिश के चलते रविवार को थोड़ी ठंड बढ़ गई।
यह हैं परेशानी के सबब
सर्दी के मौसम में अचानक आई बारिश ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। हल्की सर्दी के बीच हुई इस बारिश से सर्दी-जुकाम के मरीज बढ़ेंगे। कोरोना संक्रमण के काल में यह बहुत चिंताजनक स्थिति है। इसी के साथ ओले गिरने से फसलों में नुकसान की भी आशंका है। इसने किसानों की चिंता बढ़ा दी है।

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