October 20, 2021

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किसान आंदोलन में कूदे कनाडा के पीएम ट्रूडो को भारत ने दिया कड़ा जवाब, कहा- दूर ही रहें तो बेहतर

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किसान आंदोलन में कूदे कनाडा के पीएम ट्रूडो को भारत ने दिया कड़ा जवाब, कहा- दूर ही रहें तो बेहतर
किसान आंदोलन में कूदे कनाडा के PM ट्रूडो से भारत ने कड़ाई से कहा- आंतरिक मामलों में दखल न दें - India TV Hindiनई दिल्ली: भारत ने किसानों के विरोध प्रदर्शन के सम्बन्ध में कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो और वहां के अन्य नेताओं द्वारा की गई टिप्पणियों पर मंगलवार को कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। भारत ने ट्रूडो और अन्य नेताओं द्वारा की गई टिप्पणियों को ‘भ्रामक सूचनाओं’ पर आधारित और ‘अनुचित’ बताया, क्योंकि यह मामला एक लोकतांत्रिक देश के आंतरिक मामलों से सम्बन्धत है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अनुराग श्रीवास्तव ने कहा, ‘हमने कनाडाई नेताओं द्वारा भारत में किसानों से सम्बन्धित कुछ ऐसी टिप्पणियों को देखा है जो भ्रामक सूचनाओं पर आधारित है। इस तरह की टिप्पणियां अनुचित हैं, खासकर जब वे एक लोकतांत्रिक देश के आंतरिक मामलों से सम्बन्धत हों।’
भारत ने कहा, ऐसा न करें तो बेहतर होगा
विदेश मंत्रालय ने एक संदेश में कहा, ‘बेहतर होगा कि कूटनीतिक बातचीत राजनीतिक उद्देश्यों के लिए गलत तरीके से प्रस्तुत नहीं की जाए।’ ट्रूडो ने भारत में आंदोलनकारी किसानों का सोमवार को समर्थन करते हुए कहा था कि कनाडा शांतिपूर्ण प्रदर्शनों के अधिकार का हमेशा बचाव करेगा।
गुरु नानक देव की 551वीं जयंती के मौके पर एक ऑनलाइन कार्यक्रम के दौरान ट्रूडो ने कहा, ‘हालात बेहद चिंताजनक हैं और हम परिवार तथा दोस्तों को लेकर परेशान हैं। हमें पता है कि यह कई लोगों के लिए सच्चाई है। आपको याद दिला दूं, शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन के अधिकार की रक्षा के लिए कनाडा हमेशा खड़ा रहेगा।’ बता दें कि कनाडा में बड़ी संख्या में भारतीय रहते हैं, जो ज्यादातर पंजाब से हैं।
‘स्वस्थ लोकतंत्र शांतिपूर्ण प्रदर्शन की अनुमति देते हैं’
ट्रूडो ने अपने ट्विटर अकाउंट पर पोस्ट की गई वीडियो में कहा, ‘हम बातचीत में विश्वास करते हैं। हमने भारतीय अधिकारियों के सामने अपनी चिंताएं रखी हैं।’ कनाडा के रक्षा मंत्री हरजीत सज्जन ने भी स्थिति को लेकर चिंता जताई। भारतीय मूल के सज्जन ने रविवार को ट्वीट किया था, ‘भारत में शांतिपूर्ण प्रदर्शनों पर क्रूरता दिखाना परेशान करने वाला है। मेरे क्षेत्र के कई लोगों के परिवार वहां हैं और उन्हें अपने लोगों की चिंता है। स्वस्थ लोकतंत्र शांतिपूर्ण प्रदर्शन की अनुमति देते हैं। मैं इस मूलभूत अधिकार की रक्षा की अपील करता हूं।’ पंजाब, हरियाणा और कई अन्य राज्यों के हजारों किसान तीन कृषि कानूनों के खिलाफ राष्ट्रीय राजधानी के बॉर्डर पर लगातार 6 दिनों से प्रदर्शन कर रहे हैं।

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