March 6, 2021

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जैसलमेर: पूर्व महारावल बृजराज सिंह की अंतिम यात्रा में उमड़ा जनसैलाब, बाजार बंद रहे

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जैसलमेर। पूर्व महारावल बृजराज सिंह (फाइल फोटो)

एनसीआई@जैसलमेर
पूर्व महारावल बृजराज सिंह की अंतिम यात्रा में मंगलवार को जनसैलाब उमड़ पड़ा। जैसलमेर के लोगों ने अश्रुपूरित आंखों से उन्हें अंतिम विदाई दी। शाही परिवार के अंतिम संस्कार स्थल बड़ा बाग में महारावल बृजराज सिंह के दोनों पुत्रों ने उन्हें मुखाग्नि दी। उनकी अंतिम यात्रा में जैसलमेर शहर ही नहीं दूर दराज तक से लोग उनके अंतिम दर्शनार्थ पहुंचे। मार्ग में जगह-जगह बड़ी संख्या में मौजूद महिलाएं भी उनकी अंतिम यात्रा की साक्षी बनीं। ऐसा लग रहा था मानो पूरा जैसलमेर शहर सड़क पर निकल आया हो।
पूर्व महारावल बृजराज सिंह की शवयात्रा उनके निवास स्थान मंदिर पैलेस से रवाना हुई। इसे जवाहिर निवास तक पदयात्रा के रूप में ले जाया गया। बाद में शव यात्रा विभिन्न वाहनों से बड़ा बाग पहुंची। इससे पूर्व बृजराज सिंह की पार्थिव देह को मंगलवार सुबह दिल्ली से स्वर्ण नगरी जैसलमेर लाया गया। मंदिर पैलेस में उसे आमजन के अंतिम दर्शनों के लिए रखा गया। यहां बड़ी संख्या में लोगों ने पहुंच कर उन्हें श्रद्धा सुमन अर्पित किए। पूर्व महारावल के सम्मान में जैसलमेर के लोगों ने स्वेच्छा से अपने प्रतिष्ठान बंद रखे।‌ इससे पूरा जैसलमेर बंद रहा।
दिल्ली में इलाज के दौरान हुआ था निधन
जैसलमेर के पूर्व महारावल बृजराज सिंह का 52 वर्ष की अवस्था में सोमवार सुबह गुरुग्राम के प्रसिद्ध मेदांता अस्पताल में इलाज के दौरान निधन हो गया था। उनके निधन के समाचार से जैसलमेर में ही नहीं, राजस्थान भर में शोक की लहर छा गई थी। पूर्व महारावल के परिवार में उनकी पत्नी राजेश्वरी देवी और दो पुत्र कुंवर चेतन्यराज सिंह भाटी और जनमेज्य राज सिंह भाटी हैं। बृजराज सिंह का जन्म 31 नवम्बर 1968 को जैसलमेर में ही हुआ था। बृजराज सिंह की शादी 28 जनवरी 1993 को नेपाल के महाराजा सहदेव शमशेर जंग बहादुर की पुत्री राजेश्वरी देवी के साथ हुई थी।

जैसलमेर। पूर्व महारावल बृजराज सिंह के बड़े पुत्र (सफेद साफे में)

कोरोना की मंदी से उबरते जैसलमेर ने जताया सम्मान
पूर्व महारावल बृजराज सिंह के निधन के शोक में आज जैसलमेर के सभी बाजार बंद रहे। व्यापारियों ने उनके प्रति सम्मान व्यक्त करने के लिए स्वेच्छा से अपने प्रतिष्ठान बंद रखे। बड़ी बात यह है कि कोरोना काल में रहे लम्बे लॉक डाउन के बाद बाद जैसलमेर अब पर्यटकों से गुलजार है। इससे व्यापार-धंधा अच्छा चलने लगा है। मगर व्यापारियों ने इसे भी नजरअंदाज कर अपने पूर्व महारावल के प्रति सम्मान प्रकट किया।

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