October 20, 2021

News Chakra India

Never Compromise

राजस्थान: अब कक्षा 1 से 8 वीं तक के स्कूल भी खुलेंगे, पहले फेज में 50% बच्चों को बुलाया जाएगा, पेरेंट्स की अनुमति होगी अनिवार्य, शादियों में 200 लोग हो सकेंगे शामिल

1 min read

एनसीआई@जयपुर

राजस्थान सरकार ने कोरोना के मामलों में कमी के बाद अब पहली से लेकर 8 वीं कक्षा तक के स्कूल भी खोलने का फैसला किया है। गृह विभाग ने शुक्रवार को इसके लिए नई गाइड लाइन जारी कर दी है। इस नई गाइड लाइन में शादी समारोह में अब 200 लोगों के शामिल होने की छूट दी गई है। अभी तक शादियों में 50 लोग ही शामिल हो सकते थे।

नई गाइड लाइन के अनुसार 20 सितम्बर से छठी से आठवीं और 27 सितम्बर से पहली से पांचवीं कक्षा तक के बच्चों के स्कूल खुलेंगे। पहले फेज में 50% बच्चों को ही स्कूल बुलाया जाएगा। प्रदेश के सभी सरकारी दफ्तरों में अब 100 प्रतिशत कर्मचारियों को बुलाया जाएगा।

सिनेमा हॉल, मल्टीप्लेक्स रात 10 बजे तक खुलेंगे

सिनेमा हॉल, थियेटर, मल्टीप्लेक्स पूरी क्षमता के साथ सुबह 9 बजे से रात 10 बजे तक खुल सकेंगे। वे ही दर्शक जा सकेंगे, जिन्होंने वेक्सीन की कम से कम एक डोज लगवा ली हो। बिना वेक्सीन वालों को अनुमति नहीं होगी।

रेस्टोरेंट पूरी क्षमता से सुबह 9 बजे से रात 10 बजे तक खुलेंगे

रेस्टोरेंट पूरी क्षमता के साथ सुबह 9 से रात 10 बजे तक खुल सकेंगे। जिम, योग सेंटर सुबह 6 बजे से रात 10 बजे तक खुल सकेंगे। 20 सितम्बर से स्विमिंग पूल केवल उन लोगों के लिए खुलेंगे, जिन्होंने वेक्सीन की कम से कम एक डोज लगवा ली हो।

20 सितम्बर से जनजाति और सामाजिक न्याय के हॉस्टल भी खुलेंगे

जनजातीय विकास विभाग और सामाजिक न्याय व अधिकारिता विभाग के हॉस्टल 20 सितम्बर से खुलेंगे। इन हॉस्टल के लिए दोनों विभाग अलग से गाइड लाइन जारी करेंगे।

बाध्य नहीं कर सकेंगे

सभी कक्षाओं के बच्चों को स्कूल बुलाने से पहले उनके माता-पिता की सहमति अनिवार्य होगी। जो माता-पिता अपने बच्चों को ऑफलाइन क्लास के लिए नहीं भेजना चाहते, उन्हें स्कूल बुलाने के लिए बाध्य नहीं कर सकेंगे। जो माता-पिता बच्चों को स्कूल नहीं भेजना चाहते, उनके लिए ऑनलाइन क्लास की व्यवस्था जारी रखनी होगी।

20 सितम्बर के बाद पशु मेले लग सकेंगे

20 सितम्बर के बाद कलक्टर की अनुमति से पशु मेले लग सकेंगे। इनमें कोरोना गाइड लाइन का ख्याल रखना होगा। राजस्थान के पश्चिमी जिलों में बड़े पैमाने पर पशु मेलों में मवेशियों और कृषि औजारों की खरीद-फरोख्त होती है। पुष्कर, नागौर के पशु मेले दुनिया में ​प्रसिद्ध हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published.

Copyright © All rights reserved. | Newsphere by AF themes.