February 24, 2021

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कोटा थर्मल की राख में भारी घोटाला: गवाही देते ये विडियो

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-ठेकेदार तकरीबन 5 गुना ज्यादा राशि वसूल रहा
-वाहन मालिक-ड्राइवर इससे बुरी तरह परेशान

एनसीआई@कोटा

कोटा थर्मल से राख भराई के मामले में सम्बन्धित ठेकेदार के द्वारा भारी दादागिरी और मनमानी करते हुए घपला किए जाने के गम्भीर आरोप लगे हैं। इन आरोपों को सही साबित करने का दावा करते हुए चार विडियो भी सूत्र ने newschakraindia.com को उपलब्ध कराएं हैं। इन विडियो से जो तथ्य सामने आ रहे हैं वह सचमुच बहुत चौकानेवाले और थर्मल प्रशासन पर भी गम्भीर सवाल उठाने वाले हैं। सभी विडियो इस समाचार के साथ संलग्न हैं, आप देख सकते हैं। इसके लिए आपको वीडियो के बीच में नजर आ रहे निशान पर क्लिक करना होगा।

इन विडियो को जारी करने वाले सूत्र का कहना है कि ठेकेदार एक माफिया की तरह काम कर रहा है। उसके कर्मचारी मनमानी रेट ले रहे हैं। स्टिंग ऑपरेशन से सामने आए इन विडियो में विभिन्न वाहन चालक इस मनमानी का खुलासा करते नजर आ रहे हैं।

इन विडियो से खुलासा हो रहा है कि पर्ची तो नियमानुसार 500 रुपए से भी कम की काटी जा रही है, मगर एक जाल की तरह विभिन्न जगहों पर बिठाए हुए ठेकेदार के कर्मचारी 25 सौ से 26 रुपए तक वसूल रहे हैं। एक विडियो में तो ठेकेदार के कर्मचारी खुद इस बात को कबूलते नजर आ रहे हैं।‌ वहीं इस भारी-भरकम अवैध वसूली से गाड़ियों के मालिक-ड्राइवर काफी परेशान नजर आ रहे हैं। वे इसमें अपनी व्यथा प्रकट कर रहे हैं।

सूत्र का कहना है कि कोटा थर्मल से राख बेचे जाने का टेंडर 10.11 रुपए प्रति टन के हिसाब से हुआ था। मगर ठेकेदार इससे कई गुना वसूली कर रहा है। करीब 500 रुपए की जगह विभिन्न तरीकों से मनमानी कर 25-26 सौ रुपए वसूले जा रहे हैं।

कांग्रेस नेता ने लगाया ठेकेदार और चीफ इंजीनियर की मिलीभगत से घोटाला होने का आरोप

जिला कांग्रेस महामंत्री विपिन बरथुनिया ने एक विज्ञप्ति जारी कर कहा है कि, राज्य सरकार द्वारा लघु उद्योग ईंट भट्टों को और उपभोक्ताओं को फायदा पहुंचाने के लिए कोटा थर्मल की राख को कम दर पर उपलब्ध कराने के लिए इसका टेंडर 11.11 रुपए प्रति टन पर दिया गया था। मगर कोटा थर्मल की राख में चीफ इंजीनियर और ठेकेदार की मिलीभगत से करोड़ों का घोटाला किया जा रहा है। कोटा थर्मल की राख का 11.11 रुपए प्रति टन के हिसाब से राज्य सरकार ने ठेका दिया था, लेकिन ठेकेदार और चीफ इंजीनियर 68 रुपए प्रति टन से वसूल कर रहे हैं। इसका सीधा सीधा नुकसान लघु उद्योग ईंट भट्टों और उपभोक्ताओं को हो रहा है।

बरथुनिया ने आगे कहा है कि, इस सम्बन्ध में 24 फरवरी (बुधवार) को दोपहर 12 बजे मुख्यमंत्री, यूडीएच मंत्री शांति धारीवाल और ऊर्जा मंत्री डॉ. बीडी कल्ला के नाम जिला कलक्टर को ज्ञापन देकर कार्रवाई की मांग की जाएगी। इसके बावजूद भी 7 दिन के भीतर कार्रवाई नहीं होने पर विशाल जन आंदोलन चलाया जाएगा।

थर्मल प्रशासन और ठेकेदार अपना पक्ष दें

newschakraindia.com को इन आरोपों पर थर्मल प्रशासन और सम्बन्धित ठेकेदार के स्पष्टीकरण का इंतजार रहेगा। हम उन्हें भी हमारे वेब न्यूज चैनल पर पर्याप्त स्थान देंगे। वे हमें वॉट्सएप नम्बर 8209603264 या ईमेल आईडी newschakraindia@gmail.com पर अपना पक्ष भेज सकते हैं।

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