April 14, 2021

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गांव में बिना खेती-बाड़ी ऐसे करें शानदार कमाई, इस योजना में बिजनेस के लिए मिलेंगे 3.75 लाख

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प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली केन्द्र सरकार ने एक योजना की शुरुआत की है, जिससे आप आसानी से न सिर्फ बिजनेस शुरू कर सकते हैं, बल्कि अच्छे पैसे भी कमा सकते हैं। केन्द्र सरकार की इस योजना का नाम सॉइल हेल्थ कार्ड योजना है।

एनसीआई@सेन्ट्रल डेस्क

अगर आप भी एग्रीकल्चर फील्ड में अपनी बिजनेस शुरू करना चाहते हैं, वह भी खेतीबाड़ी किए बगैर तो आपके लिए यह अच्छा अवसर है। दरअसल, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी सरकार ने एक योजना की शुरुआत की है, जिससे आप आसानी से ना सिर्फ बिजनेस शुरू कर सकते हैं, बल्कि अच्छे पैसे कमा भी सकते हैं। ऐसे में इस योजना से गांव के उन लोगों को काफी फायदा हो सकता है, जो अभी रोजगार की तलाश कर रहे हैं।

साथ ही यह उन लोगों के लिए काफी कारगर साबित हो सकती है जो कुछ अलग हट के रोजगार करना चाहते हैं। ऐसे में आप इस तरह रोजगार कर सकते हैं और इससे आपको जल्द ही मुनाफा होना भी शुरू हो जाता है। हम आपको बताते हैं कि यह स्कीम क्या है और आप कैसे इससे अच्छा पैसा कमा सकते हैं। साथ ही जानते हैं कि आपको इसके लिए क्या करना होगा।

यह है योजना का विवरण

दरअसल, केन्द्र सरकार की इस योजना का नाम सॉइल हेल्थ कार्ड योजना (Soil Health Card Scheme) है। इस स्कीम के जरिए गांव स्तर पर मिनी सॉइल टेस्टिंग लैब स्थापित करनी होती है, फिर इस लैब के जरिए अच्छा पैसा कमाया जा सकता है। अभी देश में किसान परिवारों की संख्या के मुकाबले लैब बहुत कम हैं, इसलिए इसमें रोजगार की बड़ी सम्भावना है।

इसमें यह होता है

ऐसी लैब में खेत की मिट्टी जांच की जाती है। इससे जांच करवाकर उसमें पाए जाने वाले पोषक तत्वों के बारे पता लगाया जाता है और इससे फिर इसमें सुधार किया जा सकता है। मिट्टी नमूना लेने, जांच करने एवं सॉइल हेल्थ कार्ड उपलब्ध कराने के लिए सरकार द्वारा 300 प्रति नमूना प्रदान किया जा रहा है। यहां मिट्टी की जांच होने के बाद पता चल जाता है कि आपको खेती के समय कितनी खाद डालनी है और कौन सी फसल उगानी चाहिए। साथ ही इससे खाद आदि को लेकर और भी कई जानकारी पता चल जाती है।

ये खोल सकते हैं ये लैब

इस योजना के जरिए 18 से 40 वर्ष तक की उम्र वाले ग्रामीण युवा यह लैब खोल सकते है। मगर ऐसे युवा को एग्री क्लिनिक, कृषि उद्यमी प्रशिक्षण के साथ द्वितीय श्रेणी से विज्ञान विषय के साथ मैट्रिक पास होना आवश्यक है।

इतना होता है खर्चा

वैसे इस तरह की कोई भी लैब स्थापित करने के लिए करीब 5 लाख रुपए का खर्च आता है। लेकिन, इस योजना का फायदा लेने पर आपको इसका 75 फीसदी पैसा सरकारी की ओर से मिलता है। यानी सरकार आपको इसकी लागत का 3.75 लाख रुपए देती है। इसके बाद आपको सिर्फ 1 लाख 25 हजार रुपए ही खर्च करने होंगे। वहीं, अगर कमाई की बात करें तो इससे अच्छी कमाई कर सकते हैं।

यहां करना होगा सम्पर्क

लैब बनाने के इच्छुक युवा, किसान या अन्य संगठन जिले के कृषि उपनिदेशक, संयुक्त निदेशक या उनके कार्यालय में प्रस्ताव दे सकते हैं। agricoop.nic.in वेबसाइट या soilhealth.dac.gov.in पर भी इसके लिए सम्पर्क कर सकते हैं। किसान कॉल सेंटर (1800-180-1551) पर भी सम्पर्क कर अधिक जानकारी ली जा सकती है। सरकार जो पैसे देगी, उसमें से 2.5 लाख रुपए जांच मशीन, रसायन व प्रयोगशाला चलाने व अन्य जरूरी चीजें खरीदने पर खर्च होंगे। कंप्यूटर, प्रिंटर, स्केनर, जीपीएस की खरीद पर एक लाख रुपए खर्च होंगे।

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