पीवी सिंधु ने टोक्यो ओलम्पिक में जीता ब्रॉन्ज, लगातार दूसरे ओलम्पिक में मेडल जीतने वाली पहली भारतीय महिला खिलाड़ी बनीं
एनसीआई@सेन्ट्रल डेस्क
भारत की स्टार शटलर पीवी सिंधु ने टोक्यो ओलंपिक में इतिहास रचते हुए भारत के लिए ब्रॉन्ज मेडल जीत लियाा। शनिवार को सेमीफाइनल में विश्व की नम्बर एक ताइ जू यिंग से हारने के बाद रविवार को सिंधु ने ब्रॉन्ज मेडल के मुकाबले में चीन की ही बिंगजियाओ को 21-13,21-15 से सीधे सेटों में मात दी। इसी के साथ टोक्यो ओलम्पिक में भारत का ये दूसरा विजयी मेडल है और तीसरा पदक है जो पक्का हुआ है।
ब्रॉन्ज मेडल के लिए हुए इस मुकाबले में चीनी खिलाड़ी का भारतीय शटलर के ऊपर पलड़ा भारी था। लेकिन सेमीफाइनल में मिली हार से उबरकर सिंधु ने शानदार खेल दिखाते हुए लगातार अपना दूसरा ओलंपिक मेडल जीता है। ऐसा करने वाली वे पहली भारतीय महिला बन गईं हैं। इससे पहले एकल स्पर्धा में भारत के लिए सिर्फ सुशील कुमार ने 2008 में कांस्य और 2012 में रजत पदक जीतकर लगातार दो मेडल अपने नाम किए थे।
इससे पहले मीराबाई चानू ने पहले दिन ही इतिहास रचते हुए वेटलिफ्टिंग में भारत को सिल्वर मेडल दिलाया था। इसके बाद महिला मुक्केबाज लवलीना बोरगोहेन ने सेमीफाइनल में पहुंचकर भारत का दूसरा मेडल पक्का कर दिया था। अब सिंधु ने ब्रॉन्ज मेडल जीतकर भारत को रियो ओलंपिक से ज्यादा तीन मेडल दिलवा दिए हैं।
सिंधु ने रियो ओलम्पिक में भी भारत के लिए सिल्वर मेडल जीता था और उनके अलावा रेसलर साक्षी मलिक ने कांस्य पदक अपने नाम किया है। इसी के साथ टोक्यो ओलंपिक में भारत रियो की पदक तालिका से आगे निकलते हुए तीन मेडल पक्के कर चुका है।
अब पूरे देश की उम्मीद भारतीय रेसलर से है, जिनके मुकाबले अभी शुरू होने हैं और भारतीय हॉकी टीम से। उम्मीदें लगाई जा रही हैं कि इस बार भारत कम से कम 5-6 पदक जीतेगा।
गौरतलब है सेमीफाइनल मुकाबले में सिंधु को विश्व की नम्बर एक चीनी ताइपे की ताइ जू यिंग से हार का सामना करना पड़ा था। इस हार के बार भारत की टोक्यो ओलम्पिक में सिल्वर या गोल्ड की उम्मीदें टूट गई थीं। लेकिन सिंधु ने आज ब्रॉन्ज जीतकर देश के इस घाव को भर दिया है।
