राजस्थान: ऑपरेशन के डर से गर्भवती वार्ड की खिड़की कूदकर भागी, 10 किमी पीछा कर पकड़ा
वार्ड की खिड़की की जाली हटाकर हुई फरार गर्भवती को 5 घंटे की मशक्कत के बाद दोपहर करीब 1 बजे ढूंढ़कर वापस जिला अस्पताल में भर्ती करवाया गया
एनसीआई@बाड़मेर
जिला अस्पताल, बाड़मेर के मातृ एवं शिशु विंग से एक गर्भवती महिला सिजेरियन डिलीवरी (operation) होने के डर से वार्ड की खिड़की की जाली हटाकर वहां से कूद भाग गई। बाद में पुलिस ने करीब 5 घंटे मशक्कत कर उसे ढूंढ़ा। वह महिला पुलिस को शहर से 10 किलोमीटर दूर मिली।
इस महिला के अस्पताल से भाग जाने के बाद परिजनों ने अस्पताल प्रशासन को इस बात की जानकारी दी तो हड़कम्प मच गया। अस्पताल प्रशासन ने तुरंत कोतवाली पुलिस को सूचित किया। इसके बाद अस्पताल से करीब 10 किलोमीटर दूर हरसाणी फांटा के पास महिला को पकड़ लिया गया। इसके बाद जाकर उसके परिजनों सहित अस्पताल प्रशासन व पुलिस ने राहत की सांस ली। बाड़मेर का यह जिला अस्पताल गत 9 जुलाई को उस समय भी सुर्खियों में आया था,जब यहां से 3 दिन का मासूम गायब हो गया था।
जानकारी के अनुसार सुख सिंह की पत्नी सरोज के पहली ही डिलेवरी ऑपरेशन से होनी थी। इसके लिए उसे जिला अस्तपाल के मातृ एव शिशु विंग में भर्ती किया गया था। सरोज ऑपरेशन से डिलेवरी से नहीं करवाना चाहती थी। वह ऑपरेशन के नाम से ही काफी डरी हुई थी। ऑपरेशन के डर से घबराई सरोज बुधवार को अलसुबह ही वार्ड की खिड़की में लगी जाली को हटाकर वहां से बाहर कूदकर भाग गई। परिजनों को सुबह करीब 7 बजे इसका पता चला। उन्होंने आनन-फानन में जिला अस्पताल प्रशासन और कोतवाली पुलिस को इसकी इतला दी। इसके बाद महिला की खोज शुरू की गई।
महिला का अस्पताल में इलाज जारी
मातृ एव शिशु अस्पताल की विभागाध्यक्ष डॉ. कमला वर्मा के मुताबिक ऑपरेशन के डर से प्रसूता अस्पताल की खिड़की से कूदकर भाग गई थी। इसकी सूचना कोतवाली पुलिस को दी गई। उसके बाद दोपहर करीब 1 बजे महिला को ढूंढकर जिला अस्पताल में वापस भर्ती करवाया गया है। उसकी तबीयत ठीक है। अस्पताल में उसका इलाज जारी है। वह ऑपरेशन के नाम से ही घबराई हुई है।
