बिजली समस्या पर प्रहलाद गुंजल की राज्य सरकार को चेतावनी, हिंडोली में प्रदर्शन को किया सम्बोधित
एनसीआई@बूंदी
भारतीय जनता पार्टी की ओर से आज बूंदी जिले के हिंडोली में राज्य में जारी बिजली संकट के खिलाफ धरना-प्रदर्शन किया गया। इसे कोटा उत्तर से पूर्व विधायक एवं भाजपा के दबंग नेता प्रहलाद गुंजल ने सम्बोधित किया। उन्होंने सरकार को उसका चुनावी घोषणा पत्र याद दिलाते हुए कहा कि वह स्थिति में सुधार कर ले, वरना 10 तारीख को फिर हिंडोली में विशाल प्रदर्शन होगा।
अपने सम्बोधन में व बाद में मीडिया से बात करते हुए गुंजल ने कहा कि सरकार को अपना चुनावी मेनिफेस्टो याद करना चाहिए। उसमें उसने पूरे 5 साल बिजली पर एक पैसा भी नहीं बढ़ाने की बात कही थी, जबकि हालात विपरीत हैंं। राजस्थान में ब्लेकआउट की स्थिति पैदा होने वाली है। बिजली वितरण कम्पनियां 27 हजार करोड़ रुपए उत्पादन निगम को नहीं दे रही हैं। इससे उत्पादन निगम के पास कोयला खरीदने का सामर्थ्य नहीं है। वहीं यह सरकार कटोरा हाथ में लिए कंगाल की तरह बैठी हुई है। राजस्थान को इससे मतलब नहीं है, जनादेश दिया है राज करने का तो जनता के साथ न्याय करो। बिजली चाहिए।
गुंजल ने आगे कहा, पिछली बार भी सरकार 80 हजार करोड रुपए का कर्जा वितरण कम्पनियों पर छोड़ गई थी। हालात यह हो गया था कि बैंकों ने लोन, अनुदान देना बंद कर दिया था, केन्द्र का अनुदान भी बंद हो गया था। हमारी सरकार को 2014 में बिजली कम्पनियों का तीन चौथाई, 60 हजार करोड़ का कर्जा अपने माथे लेना पड़ा। तब जाकर राजस्थान ब्लेक आउट से बच सका। इसके बाद पूरे 5 साल एक दिन भी राजस्थान के किसी किसान या अन्य उपभोक्ता ने यह नहीं कहा कि इस राज्य में बिजली की तकलीफ आई। मगर सरकार बदलते ही फिर से कंगाली के हालात। भाजपा नेता ने चेतावनी दी कि सरकार सुधार करे, वरना फिर 10 तारीख (सितम्बर) को हम बैठेंगे। हिंडोली की धरती पर हजारों का ऐतिहासिक प्रदर्शन व संघर्ष होगा।
इस धरने में राज्य के पूर्व मंत्री प्रभुलाल सैनी के भी आने की बात कही गई थी, मगर वे नहीं आए। काफी संख्या में स्थानीय नेता व कार्यकर्ता इसमें शामिल हुए।
