राजस्थान: हिंदू नव वर्ष पर निकली बाइक रैली पर पथराव से भड़की हिंसा, 42 से अधिक घायल, 30 से अधिक हिरासत में, कर्फ्यू लगाया, इंटरनेट बंद
एनसीआई@करौली
राजस्थान के करौली जिले में हिंदू नव वर्ष के मौके पर निकाली गई बाइक रैली पर मुस्लिम इलाके में अचानक हुए पथराव से हिंसा भड़क गई। इसके बाद हुई आगजनी व तोड़फोड़ की घटना से इलाके में भारी तनाव फैल गया। इस वारदात में 42 से अधिक लोग घायल हो चुके हैं, इनमें 4 पुलिसकर्मी भी शामिल हैं। इसके बाद मौके पर 50 आला अधिकारियों सहित 600 से अधिक पुलिस के जवान तैनात कर दिए गए हैं। इसके अलावा इलाके में कर्फ्यू लागू कर दिया गया है। इंटरनेट सर्विस भी बंद कर दी गई है। इस मामले में अभी तक 30 से अधिक संदिग्ध आरोपियों को हिरासत में ले लिया गया है।

जानकारी के अनुसार घायलों में से एक व्यक्ति की हालत काफी गम्भीर है, उसे जयपुर रेफर किया गया है। वहीं, अन्य गम्भीर घायलों को स्थानीय राजकीय अस्पताल में भर्ती कराया गया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक कई घायलों के शरीर पर चाकू के निशान भी हैं। हिंसा को देखते हुए आईजी सहित जिला कलक्टर व एसपी भी मौके पर पहुंच गए थे। शहर में 4 अप्रेल की रात 12:30 बजे तक कर्फ्यू रहेगा।
सीएम ने की शांति बनाए रखने की अपील
बवाल की खबर को लेकर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। सीएम ने ट्वीट किया, “करौली में हुई घटना को लेकर डीजी, पुलिस से बात कर स्थिति की विस्तृत जानकारी ली है। पुलिस को हर उपद्रवी से सख्ती से निपटने के निर्देश दिए हैं। मैं आमजन से अपील करता हूं कि शांति बनाए रखें एवं कानून-व्यवस्था बनाने में सहयोग करें।”
कई दुकानों में लगाई गई आग
एसपी शैलेंद्र सिंह इंदौलिया ने बताया कि हिंदू नव वर्ष के मौके पर हिंदू संगठन बाइक रैली निकाल रहे थे। रैली शहर के अलग-अलग रास्तों से होकर निकाली जा रही थी,लेकिन जैसे ही यह हटवाड़ा बाजार पहुंची तो कुछ अराजक तत्वों ने उस पर पथराव कर दिया। इसके बाद दोनों पक्ष आमने सामने आ गए। पथराव के कारण कई लोगों को चोट भी आई है। रैली पर पथराव के बाद पूरे इलाके में अफरातफरी मच गई। व्यापारी अपनी दुकानें बंद कर भाग गए। वहीं, इसी दौरान कुछ अराजक तत्वों ने कई दुकानों और बाइकों में आग लगा दी। एक बात यह भी पता चली कि पथराव करने के आरोपियों ने वारदात के दौरान अपने चेहरों पर कपड़े बांधे हुए थे, ताकि उनकी पहचान उजागर ना हो सके। इससे जाहिर है कि यह अचानक नहीं अपितु सोची समझी साजिश थी।
