आखिरी संदेश का स्टेटस : हम जा रहे हैं, अब खुश रहना, अगले जन्म में हम तीनों बहनों को एक साथ पैदा करना
एनसीआई@जयपुर
दूदू के मीणा मोहल्ले से लापता हुईं तीन सगी बहनों में से एक ने मरने से पहले अपने मोबाइल पर दो स्टेटस लगाए थे। इनमें मृतका ने लिखा: मरना नहीं चाहते, लेकिन ऐसे जीने से मरना अच्छा है। यह स्टेटस सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं। उल्लेखनीय है कि लापता तीनों बहनें और उनके दो बच्चों के शव शनिवार सुबह घर से दो किलोमीटर दूर नरैना रोड पर एक खेत में बने कुएं में मिले हैं। मृतकों में एक नवजात व चार साल का बच्चा भी शामिल है। वहीं मृतक तीन सगी बहनों में से दो गर्भवती थीं।
पुलिस ने बताया कि मृतक कालू देवी(27) पत्नी नरसिंह लाल, ममता मीणा(23)पत्नी जगदीश उर्फ गोरू व कमलेश मीणा(20) पत्नी मुकेश सहित कालू देवी के चार साल का बेटा हर्षित और 25 दिन के नवजात हैं।
मृतक तीनों बहनों में सबसे छोटी बहन कमलेश ने घर से निकलने के बाद 2 बजकर 8 मिनट और 2 बज कर 27 मिनट पर स्टेटस लगाकर लिखा, हमारे पांचों के मरने का कारण हमारे ससुराल वाले हैं। हम मरना नहीं चाहते, पर इनके शोषण से अच्छी मौत है। इस सब में हमारे मां-पापा की कोई गलती नहीं है। वहीं दूसरे स्टेटस में लिखा, हम जा रहे हैं, अब खुश रहना। हमारे मरने का कारण हमारे ससुराल वाले हैं। रोज-रोज मरने से अच्छा, हम मिलकर मर रहे हैं। हे भगवान अगले जन्म में हम बहनों को एक साथ जन्म देना। परिवार वाले चिंता ना करें।
एक ही चिता पर पांचों का अंतिम संस्कार
पोस्टमार्टम के बाद शनिवार शाम छप्या गांव स्थित पीहर में तीनों बहनों व दो बच्चों का एक ही चिता पर अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान एसपी मनीष अग्रवाल को मृतक महिलाओं के भाई बनवारी ने ससुराल पक्ष के लोगों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कराने का परिवाद दिया है
मृतक एक ही परिवार में ब्याही गई तीन युवतियां व उनके दो मासूम बच्चे
पुलिस ने बताया कि मरने वालों में एक ही परिवार में ब्याही गई तीन बहनें और उनके दो बच्चे शामिल हैं। मरने वाली दो बहनें गर्भवती थीं। ये मीनों के मोहल्ले की निवासी थीं। 25 मई को बाजार जाने के बहाने घर से निकली थीं। उन्होंने बताया कि जब वे घर नहीं लौटीं तो उनके परिवार के सदस्यों ने अलग-अलग जगहों पर गुमशुदगी के पोस्टर लगाए और पुलिस में गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई।
ससुराल पक्ष के खिलाफ आरोप दर्ज
दूदू के थानाधिकारी चेताराम ने कहा, ‘‘शव कुएं से निकालकर पोस्टमार्टम करवाया गया। अंतिम संस्कार कर दिया गया है। महिलाओं के परिवार के सदस्यों ने ससुराल वालों के खिलाफ दहेज प्रताड़ना का मामला दर्ज करवाया है।’’
मृतकों की पहचान तीन बहनों काली देवी (27), ममता मीणा (23) और कमलेश मीणा (20) तथा हर्षित (4) और 20 दिन के बच्चे के रूप में हुई है। पुलिस ने बताया कि ममता और कमलेश गर्भवती भी थीं।
पुलिस के अनुसार तीनों बहनों की शादी कम उम्र में ही वर्ष 2005 में एक ही परिवार में कर दी गई थी। पुलिस ने बताया कि उनके पति खेती बाड़ी का काम करते हैं। आरोप है कि उनके ससुराल वाले इन विवाहिताओं को परेशान करते थे। इसकी जांच चल रही है।
पुलिस ने बताया कि विवाहिताओं के पिता ने उनके पतियों और ससुराल वालों के खिलाफ उत्पीड़न और दहेज के लिए परेशान करने सहित अन्य धाराओं में मामला दर्ज करवाया है। पुलिस के अनुसार प्राथमिकी में उल्लेख किया गया है कि 25 मई को, तीन बहनों में सबसे छोटी कमलेश ने अपने पिता को फोन करके कहा कि उन्हें उनके पति और अन्य रिश्तेदारों द्वारा पीटा जा रहा है और उनकी जान को खतरा है।
बुधवार को महिलाओं के लापता होने के बाद, शुरू में दूदू पुलिस थाने में एक गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज की गई थी। बृहस्पतिवार को भारतीय दंड संहिता की धारा 498 ए (महिला के पति या रिश्तेदार द्वारा क्रूरता), 406 (आपराधिक षड्यंत्र) और 323 (स्वेच्छा से चोट पहुंचाना) के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई थी।
ससुराल वाले करते थे पिटाई
महिलाओं के चचेरे भाई हेमराज मीणा ने आरोप लगाया, ‘‘करीब एक पखवाड़े पहले मेरी एक बहन को उसके ससुराल वालों ने बुरी तरह पीटा था। हमारा मानना है कि हमारी बहनों की हत्या कर दी गई। पुलिस ने भी शवों को खोजने में बहुत अधिक समय लिया।’’
वहीं, कई सामाजिक कार्यकर्ताओं ने घटना की गहन जांच की मांग की है। पीपल्स यूनियन फॉर सिविल लिबर्टीज की कार्यकर्ता कविता श्रीवास्तव ने कहा, ‘‘सात लोगों की जान चली गई, क्योंकि दो महिलाएं गर्भवती थीं। यह अत्यंत जघन्य अपराध है और महिलाओं की पीड़ा समझ से परे है।’’ उन्होंने कहा कि उत्पीड़न और पति व ससुराल वालों के बार-बार उत्पीड़न के चलते पीड़ित महिलाओं ने यह चरम कदम उठाया।
उन्होंने कहा कि मामले की निष्पक्ष और गहन जांच होनी चाहिए और यह जांच स्थानीय पुलिस की जगह किसी उच्च पदस्थ अधिकारी से करायी जानी चाहिए। वहीं पुलिस ने कहा कि प्रथम दृष्टया घटना आत्महत्या प्रतीत हो रही है लेकिन पोस्टमॉर्टम की रिपोर्ट आने के बाद ही मौत का सही कारण स्पष्ट हो पाएगा।
कुछ आरोपी लिए हिरासत में
जयपुर (ग्रामीण) पुलिस अधीक्षक मनीष अग्रवाल ने कहा कि एक पीड़िता ने वाट्सऐप पर भी स्टेटस पोस्ट किया था कि उन्हें ससुराल वाले परेशान कर रहे हैं और मर जाना ही बेहतर है। उन्होंने कहा कि पीड़ित परिवार पूरक रिपोर्ट दे रहा है, जिसके आधार पर भादंसं की धारा 304बी (दहेज हत्या) के तहत मामला दर्ज किया जाएगा। पुलिस ने बताया कि पीड़ित महिलाओं के ससुराल वालों के परिवार के कुछ सदस्यों को हिरासत में लिया गया है।
