युवक कार के पिछले टायर के नीचे फंस गया, 200 मीटर तक घसीटता ले गया ड्राइवर, मौत
एनसीआई@उदयपुर
एक युवक को कार से घसीटने का लाइव वीडियो सामने आया है। वीडियो में कार ड्राइवर युवक को 200 मीटर तक घसीटते हुए ले जाता दिखाई दिया। यह हादसा शनिवार रात उदयपुर के घंटाघर इलाके में हुआ।
जानकारी के अनुसार हेमराज नामक युवक मालदास स्ट्रीट के पास बैठा रहता था। वह लोगों से पैसे मांगकर गुजारा करता था। शनिवार रात तेज रफ्तार से आई एक ऑल्टो कार हेमराज को टक्कर मारकर करीब 200 मीटर दूर आयुर्वेद हॉस्पिटल तक घसीटते हुए ले गई। उसे घायल हालत में सड़क पर पड़े देख स्थानीय लोगों ने अस्पताल पहुंचाया। वहां इलाज के दौरान हेमराज ने दम तोड़ दिया।
इस हादसे के दो दिन बाद सोमवार को सीसीटीवी फुटेज सामने आने के बाद हेमराज को कार से कुचले जाने की जानकारी सामने आई। इससे पहले अज्ञात वाहन की टक्कर से उसकी मौत होना माना जा रहा था।
सीसीटीवी चेक करने पर हुआ खुलासा
घंटाघर थाने के हेड कॉन्स्टेबल कैलाश ने बताया कि शनिवार देर रात हादसे की जानकारी सामने आ गई थी। पुलिस ने आसपास के कई सीसीटीवी कैमरे चेक किए थे, मगर इनमें से कई खराब थे। कार से टक्कर जैसा कुछ सामने नहीं आया था। इस पर अज्ञात वाहन की टक्कर मानते हुए पुलिस जांच कर रही थी। हेमराज की मौत के बाद उसके परिजनों के बारे में जानकारी जुटाई। वो सीसाराम इलाके का रहने वाला था।
घटनास्थल के पास एक दुकान पर लगे सीसीटीवी की स्क्रीन खराब थी, सोमवार को दूसरी स्क्रीन मंगवाकर चेक किया गया। इसके बाद हादसे की बात सामने आई। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। कार नम्बर पता कर युवकों की तलाश की जा रही है। कार में चार युवक सवार थे।
गर्दन और पसलियां टूटने से हुई मौत
वहीं, एमबी हॉस्पिटल की मोर्च्युरी में हेमराज का पोस्टमॉर्टम करने वाले डॉक्टर्स का कहना है कि उसके गले और पेट के हिस्से में ज्यादा चोट आई। गर्दन और पसलियाें के टूट जाने से उसकी मौत हुई। छाती और सिर के कई हिस्से में भी गम्भीर चोट थी। विसरा ले लिया गया था। पोस्टमॉर्टम की रिपोर्ट कुछ दिनों में आ जाएगी।
युवक के माता-पिता की हो चुकी मौत
हेमराज के माता-पिता की पहले ही मौत हो चुकी है। वह लम्बे समय से मालदास स्ट्रीट में रहता था। मृतक की मौसी मांगीबाई ने बताया कि हेमराज मांगकर ही अपना गुजारा करता था। परिवार में कोई भी नहीं है। मेरी स्थिति भी ऐसी नहीं है कि अंतिम संस्कार कर सकूं। इसलिए प्रशासन ने ही बैकुंठ धाम सेवा संस्थान से सम्पर्क कर अंतिम संस्कार करवाया।
