सनातन धर्म पर डेंगू, मलेरिया, कोरोना और मच्छर से भी आगे बढ़ी बात, विपक्षी नेताओं में लगी इस कॉम्पिटीशन में बाजी मारने की होड़
एनसीआई@चेन्नई/सेन्ट्रल डेस्क
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन के बेटे और राज्य सरकार में मंत्री उदयनिधि स्टालिन द्वारा सनातन धर्म पर दिए गए विवादित बयान का मामला अभी ठंडा भी नहीं पड़ा था कि उनकी पार्टी डीएमके के एक और नेता ने बेहद विवादित बयान दे दिया है। डीएमके सांसद ए राजा ने कहा कि सनातन धर्म सामाजिक बीमारी है। यह कुष्ठ रोग और HIV से भी ज्यादा घातक है। ए राजा ने आगे कहा, ‘प्रधानमंत्री कहते हैं कि सनातन धर्म की रक्षा करो और उसका पालन करो। अगर वो सनातन धर्म का पालन करते तो वे इतनी बार विदेश नहीं जाते।

डीएमके नेता ए राजा आगे बोले- ‘आज मंत्रिमंडल के लोगों को बुलाकर सनातन धर्म के प्रचार की बात कह रहे हैं। मैंने पीएम मोदी और अमित शाह को चुनौती दी है कि अगर सनातन के बारे में जानना है और यदि बहस करना है तो मैं इसके लिए तैयार हूं। दिल्ली में आप 1 करोड़ लोगों की भीड़ बुलाइए। आपके शंकराचार्य को भी मंच पर बिठाइए। आप अपने साथ सारे तीर-कमान, भाला, तलवार लेकर आइए और मैं सिर्फ अम्बेडकर और पेरियार की किताब लेकर आऊंगा।’
जहां बुलाओ आने को तैयार
डीएमके सांसद ने कहा, ‘आपके साथ जगत गुरु हैं और मैं एक साधारण इंसान हूं। आपकी नजरों में मामूली पंचम शूद्र हूं। तुम जहां बुलाओगे मैं वहां आने को तैयार हूं। आऊंगा लेकिन हिंदी नहीं बोलूंगा। सिर्फ अंग्रेजी बोलूंगा और अगर अंग्रेजी समझ नहीं आती है तो उसका जिम्मेदार मैं नहीं हूं।’ ए राजा ने कहा कि उदयनिधि ने बहुत नरमी से बयान दिया था। मैं और सख्त लहजे में बात करूंगा। अगर सनातन के बारे में बोलने के लिए आपके पास कोई है तो सबके सामने इस मंच से चुनौती देता हूं कि दिल्ली में जहां बुलाओ ए राजा आने के लिए तैयार है।
गौरतलब है कि डीएमके विपक्षी गठबंधन I.N.D.I.A. का कांग्रेस के बाद दूसरे नम्बर का प्रमुख घटक दल है। अन्य मुद्दों पर अक्सर बिना तथ्यों के आरोप लगाने वाले राहुल गांधी, नीतीश कुमार, तेजस्वी यादव आदि ने ना तो उदयनिधि स्टालिन के बयान की निंदा की है ना ही अब ए राजा के बयान की। यहां सबसे बड़ी बात यह है कि कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के बेटे कर्नाटक के डिप्टी सीएम प्रियांक खड़गे उदयनिधि स्टालिन के बयान का समर्थन कर चुके हैं।
कर्नाटक से तो सनातन के अस्तित्व पर ही उठ गया सवाल

कर्नाटक के गृहमंत्री जी परमेश्वर ने तो हिन्दू धर्म (Hinduism) की उत्पत्ति पर ही सवाल उठा दिया। उन्होंने कहा- दुनिया के इतिहास में कई धर्म पैदा हुए हैं। जैन धर्म और बौद्ध धर्म की उत्पत्ति यहां हुई, लेकिन सवाल यह है कि हिन्दू धर्म को किसने बनाया और यह पैदा कहां हुआ ? सनातन धर्म को लेकर तमिलनाडु सरकार के मंत्री स्टालिन के आपत्तिजनक बयान के बाद कर्नाटक के गृह मंत्री जी परमेश्वर का यह बयान सामने आया।
राजद नेता भी इस कॉम्पिटीशन में नहीं रहे पीछे

उस पर बिहार में राजद अध्यक्ष और लालू प्रसाद यादव के बेहद करीबी नेता जगदानंद सिंह ने तिलक लगाने वालों को भारत को गुलाम बनाने वाला बताया। इसके साथ ही उन्होंने कर्पूरी ठाकुर, लालू प्रसाद और राम मनोहर लोहिया का उदाहरण भी दे डाला। राजद नेता जगदानंद सिंह राजद कार्यालय में आयोजित एक कार्यक्रम में कार्यकर्ताओं को सम्बोधित कर रहे थे। इसी दौरान उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (BJP) और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) पर निशाना साधते हुए कहा कि जो लोग तिलक लगाकर घूमते हैं, उन्हीं लोगों ने भारत को गुलाम बनाया है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से सवाल पूछा कि भारत गुलाम किसके समय में हुआ? क्या उस समय कर्पूरी ठाकुर थे, लालू प्रसाद यादव थे या राम मनोहर लोहिया थे?
मंदिर को लेकर कही ये बात
लालू के खासमखास नेता जगदानंद सिंह ने आरोप लगाया कि टीका लगाकर घूमने वाले लोगों ने ही भारत देश को गुलाम बनाया। उन्होंने कहा कि मंदिर बनाओ या तोड़ो, लेकिन देश इससे नहीं चलने वाला है। हिन्दू और मुसलमान में बांटने से देश नहीं चलेगा। उल्लेखनीय है कि इससे पहले भी जगदानंद सिंह शिक्षा मंत्री चंद्रशेखर के साथ रामचरित मानस पर सवाल उठा चुके हैं।
