April 23, 2026

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कोटा से छात्रा के अपहरण मामले में हुआ बहुत बड़ा खुलासा, आप जानकर रह जाएंगे दंग

एनसीआई@कोटा

विज्ञान नगर इलाके से कोचिंग छात्रा काव्या धाकड़ (20) के अपहरण के मामले का पुलिस ने तीसरे दिन बुधवार को ही सनसनीखेज खुलासा कर दिया है। ‌दरअसल, अपहृत मानी जा रही इस छात्रा का अपहरण नहीं हुआ था, इसने ही अपने दोस्तों के साथ खुद के अपहरण की झूठी कहानी गढ़ी थी। यह साजिश उसने विदेश में पढ़ने के लिए रची थी। वहीं, इस छात्रा के साथियों ने ही उसके पिता रघुवीर धाकड़ के वॉट्सएप पर उनके द्वारा अपहरण कर लिए जाने का मैसेज भेजा था। साथ ही छात्रा की विभिन्न एंगलों से ली गई फोटो भी भेजी थी। इसमें लड़की के हाथ-पैर और मुंह बंधे हुए दिखाई दे रहे थे। इनमें से उसके एक साथी को इंदौर से पकड़ा था। उसी ने पूछताछ में सारी जानकारी दी।

काव्या के इन साथियों ने अपने वॉट्सएप मैसेज में उसे छोड़ने की एवज में 30 लाख रुपए की फिरौती मांगी थी। रकम नहीं देने पर उसे जान से मार देने की धमकी दी गई थी। काव्या मध्य प्रदेश के शिवपुरी के बैराड़ की रहने वाली है। यह मैसेज मिलने के बाद काव्या के पिता रघुवीर धाकड़ ने कोटा पुलिस को यह सूचना दी और खुद भी कोटा पहुंच गए। इससे पहले ही पुलिस उसे छात्रा के बंधक हालत में मिले फोटुओं के आधार अपनी कार्रवाई शुरू कर चुकी थी। काव्य के पिता ने कोटा पहुंचकर विज्ञान नगर थाने में बेटी के अपहरण की रिपोर्ट दर्ज कराई।

मामले में ऐसे आया था मोड़

उल्लेखनीय है कि पुलिस ने जब अपनी जांच शुरू की तो इस कथित अपहृत छात्रा काव्या धाकड़ का सीसीटीवी फुटेज जयपुर के दुर्गापुरा स्टेशन पर मिला। इसमें वह बिलकुल सहज भाव से दो लड़कों के साथ जाती हुई दिख रही थी। उसके हाव-भाव से उस पर किसी प्रकार का कोई दबाव नजर नहीं आ रहा था। यह सीसीटीवी फुटेज 18 मार्च का बताया गया है। इस मामले में यह बड़ी जानकारी भी सामने आई है कि काव्या ने जयपुर इंदौर से पहुंची थी ना कि कोटा से। यहां भी उसने एक चाल चली थी, वह यह कि इंदौर से जयपुर आने के लिए उसने बस का टिकट बुक तो कराया,  मगर वह ट्रेन से जयपुर पहुंची थी। उस समय उसके साथ एक लड़का भी था। दूसरा लड़का इनसे जयपुर पहुंचने के बाद मिला। ‌बता दें कि कोटा एसपी ने काव्या के सम्बन्ध में सूचना देने वाले को 20 हजार रुपए का इनाम देने की घोषणा की है।

कोटा एसपी ने यह दी जानकारी

कोटा सिटी एसपी अमृता दुहन ने बताया कि काव्या 3 अगस्त 2023 को अपनी मां के साथ कोटा आई थी। उन्होंने कोचिंग इंस्टिट्यूट में एडमिशन के लिए फॉर्म तो भरा, मगर एडमिशन नहीं लिया। उसकी मां यहां से रवाना हो चुकी थी। काव्य भी केवल 2 दिन कोटा में रहकर इंदौर रवाना हो गई थी। वहां वह उसके दोस्त हर्षित के साथ लिव इन में रही। एसपी ने बताया मामले में हर फेक्ट को चेक करने के बाद क्लियर हो गया है कि उसके साथ किसी तरह की कोई वारदात नहीं हुई है। वह अपने दो दोस्तों के साथ थी। अभी तक काव्या और उसका एक दोस्त पुलिस को नहीं मिला है। एसपी अमृता दुहन ने छात्रा और उसके दोस्त से अपील की है कि वह जहां भी हो नजदीकी पुलिस से सम्पर्क करें। छात्रा की सुरक्षा को लेकर परिजन और प्रशासन चिंतित है।

18 मार्च को कोटा में हुई थी रिपोर्ट दर्ज

शिवपुरी के बैराड़ निवासी रघुवीर धाकड़ ने 18 मार्च की रात को कोटा के विज्ञान नगर थाने में रिपोर्ट दी थी। रघुवीर बैराड़ में लॉर्ड लखेश्वर स्कूल के संचालक हैं। रिपोर्ट में रघुवीर ने पुलिस को बताया था कि, मेरी बेटी काव्या धाकड़ (20) का अपहरण कर लिया गया है। 18 मार्च को अपराह्न 3 बजे मेरे वॉट्सएप पर बेटी की किडनैपिंग का मैसेज आया था। उसके हाथ-पैर और मुंह बंधे हुए फोटो भी बदमाशों ने भेजे थे। कुछ फोटो में बेटी के चेहरे पर खून भी नजर आ रहा है।

अपहरण करने वालों ने बेटी को छोड़ने की एवज में 30 लाख रुपए की फिरौती भी मांगी थी, वरना उसे मार देने की धमकी दी गई थी। साथ ही खुद के बैंक खाते की डिटेल भी भेजी है। सोमवार शाम तक रुपए जमा करने को कहा था। पिता ने शिकायत में कहा था कि, मैंने इतने रुपए नहीं होने और बंदोबस्त करने के लिए समय मांगा है। इसके बाद मैसेज भेजने वाले ने बेटी को जान से मारने की धमकी दी। मैंने फौरन कोटा पुलिस को मामले की जानकारी दी। पुलिस को फोटो और मैसेज भेजकर मैं खुद शिवपुरी से कोटा के लिए रवाना हो गया था।

कोचिंग संस्थान में एडमिशन कराने का दावा

रघुवीर धाकड़ ने रिपोर्ट में बताया था कि बेटी को सितम्बर 2023 में नीट की तैयारी के लिए कोटा छोड़कर गए थे। विज्ञान नगर स्थित एक कोचिंग संस्थान में उसका एडमिशन करवाया था। इसी इलाके में उसे रूम भी दिलवाया था। आखिरी बार बेटी दीपावली पर घर आई थी। उससे रोज फोन पर बात होती थी।

कोचिंग संस्थान ने अपना स्टूडेंट मानने से किया था इनकार

पीडब्ल्यू कोचिंग संस्थान के कोटा हेड दिनेश जैन ने कहा था- लड़की के नाम (काव्या धाकड़) से कोचिंग में कोई रजिस्ट्रेशन नहीं है। उधर, लड़की के पिता रघुवीर ने कहा था कि काव्या का एडमिशन उन्होंने इसी कोचिंग संस्थान में कराया था। अब कोचिंग संस्थान इससे इनकार कर रहा है। काव्या टेस्ट देने गई थी। टेस्ट के लिए कोचिंग से मैसेज आया था। वहीं, इस पर कोचिंग संस्थान के प्रबंधन ने कहा था कि कोचिंग संस्थान से ऐसा मैसेज नहीं भेजा गया था। वहीं, हॉस्टल संचालक पारस कुमार ने भी काव्या नामक किसी लड़की के अपने यहां रुकने की बात से ही साफ इनकार किया था।

इंदौर में धमकी मिलने से कोटा किया था शिफ्ट

छात्रा के पिता रघुवीर धाकड़ ने बताया कि दो साल पहले बेटी इंदौर में रहकर नीट की तैयारी कर रही थी। वहां जरियाखेड़ा गांव का रहने वाला रिंकू धाकड़ बेटी को परेशान करता था ।इसकी शिकायत इंदौर पुलिस में दर्ज कराई थी। इसके बाद बेटी के नम्बर पर अनुराग सोनी और हर्षित नाम के लड़कों ने धमकी दी थी। इस पर काव्या को इंदौर से वापस शिवपुरी बुला लिया था। इसके छह महीने बाद सितम्बर 2023 में नीट की तैयारी के लिए उसे कोटा भेज दिया था।

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