April 18, 2026

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कायस्थ समाज ने संस्कृति और राष्ट्र निर्माण में दिया अमूल्य योगदान, अखिल भारतीय कायस्थ महासभा के युवक-युवती परिचय सम्मेलन को लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने किया सम्बोधित

कायस्थ समाज ने संस्कृति और राष्ट्र निर्माण में दिया अमूल्य योगदान, अखिल भारतीय कायस्थ महासभा के युवक-युवती परिचय सम्मेलन को लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने किया सम्बोधित

एनसीआई@कोटा

भारत की प्राचीन संस्कृति के संरक्षण और संवर्धन में कायस्थ समाज का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। समाज की युवा पीढ़ी आज भी सांस्कृतिक मूल्यों के प्रति प्रतिबद्ध रहते हुए अपनी बुद्धि, कौशल, कर्म और ज्ञान के बल पर देश की प्रगति में उल्लेखनीय भूमिका निभा रही है। यह विचार लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने रविवार को अखिल भारतीय कायस्थ महासभा कोटा, कायस्थ समाज कोटा द्वारा आयोजित अखिल भारतीय युवक-युवती परिचय सम्मेलन को सम्बोधित करते हुए व्यक्त किए।

महावीर नगर विस्तार योजना स्थित एलबीएस परिसर में अखिल भारतीय कायस्थ महासभा के बैनर तले आयोजित इस कार्यक्रम में लोकसभा अध्यक्ष ने कहा कि स्वतंत्रता आंदोलन से लेकर स्वाधीनता के बाद राष्ट्र निर्माण की प्रक्रिया तक कायस्थ समाज की भूमिका सदैव सराहनीय रही है। समाज ने राजनीति, शिक्षा, प्रशासन, आध्यात्म, कला, साहित्य, खेल सहित अनेक क्षेत्रों में देश को ऐसी विभूतियां दीं हैं, जिन्होंने भारत का नाम गौरवान्वित किया।

अखिल भारतीय कायस्थ महासभा के राजस्थान प्रदेश अध्यक्ष एवं राष्ट्रीय मीडिया संयोजक तथा कार्यक्रम आयोजक कुलदीप माथुर ने बताया कि रविवार को सुबह 11 बजे आयोजित युवक-युवती परिचय सम्मेलन एवं सम्मान समारोह में 1100 से अधिक युवक-युवतियों का पंजीयन हुआ, जबकि 51 गणमान्य व्यक्तियों को सम्मानित किया गया। इस मौके पर ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर, कोटा दक्षिण विधायक संदीप शर्मा, भाजपा जिलाध्यक्ष राकेश जैन, पंकज मेहता सहित अनेक जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। इस अवसर पर कार्यक्रम की स्मारिका ‘कायस्थ बंधन’ का विमोचन लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, प्रदेश अध्यक्ष कुलदीप माथुर एवं अतिथियों द्वारा किया गया। कायस्थ समाज की ओर से 21 किलो की माला पहनाकर लोकसभा अध्यक्ष का स्वागत किया गया।

13 राज्यों सहित देश-विदेश से सहभागिता

कार्यक्रम में देश के 13 राज्यों सहित देश-विदेश से आए प्रतिनिधियों की सहभागिता रही। इस अवसर पर प्रदेशाध्यक्ष कुलदीप माथुर ने अपने उद्बोधन में लाल बहादुर मार्ग पर पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की प्रतिमा स्थापित किए जाने की मांग प्रमुखता से उठाई। उन्होंने मार्बल चौराहा, जिसे चित्रगुप्त चौराहा नाम दिया जा चुका है, से सम्बंधित शीर्ष सरकारी कार्रवाई को शीघ्र पूर्ण कर औपचारिक रूप से घोषित करने की भी मांग की। साथ ही उन्होंने समाज के लिए भूखंड आवंटन की आवश्यकता पर जोर देते हुए सरकार से सकारात्मक निर्णय लेने का आग्रह किया। माथुर ने बताया कि महासभा की ओर से यह पांचवां अखिल भारतीय युवक-युवती परिचय सम्मेलन आयोजित किया गया। इस वर्ष सभी प्रांतों से व्यापक सहभागिता देखने को मिली। देश के विभिन्न राज्यों के साथ-साथ अमेरिका और दुबई से भी कायस्थ समाज के युवक-युवतियों ने पंजीकरण कराया। कुल 1100 से अधिक प्रतिभागियों में आईएएस, डॉक्टर, इंजीनियर, सीए, एमबीए सहित विभिन्न सरकारी एवं निजी क्षेत्रों में कार्यरत युवा शामिल रहे। उन्होंने बताया कि अब तक गुजरात, पंजाब, दिल्ली, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, पांडिचेरी, झारखंड एवं राजस्थान के सभी जिलों सहित देश-विदेश से 1100 से अधिक आवेदन प्राप्त हुए हैं। प्राप्त आवेदनों में डॉक्टर, इंजीनियर, एमबीए, आईएएस, एमबीबीएस, पीएचडी, सीए, हाईकोर्ट अधिवक्ता, एयर इंडिया कर्मी, बैंक अधिकारी, आर्मी केप्टन, बीसीए एवं एमएससी जैसी उच्च योग्यताधारी प्रतिभाएं शामिल हैं।

ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर ने कहा कि ऐसे परिचय सम्मेलनों से युवक-युवतियों को एक-दूसरे से प्रत्यक्ष संवाद का अवसर मिलता है, जिससे रिश्तों की नींव अधिक मजबूत बनती है। उन्होंने कायस्थ समाज का इतिहास को दोहरा कर देश सेवा में विभूतियों के योगदान को याद किया। विधायक संदीप शर्मा ने कहा-परिचय सम्मेलन सामाजिक समरसता को मजबूत करने का प्रभावी माध्यम है, जहां विवाह योग्य युवक-युवतियों को आपस में रूबरू होने और एक-दूसरे को समझने का अवसर मिलता है। कार्यकारी अध्यक्ष संजीव श्रीवास्तव ने इस आयोजन की सराहना करते हुए इसे पूरे देश को एक सूत्र में पिरोने वाली पहल बताया।

कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए वरिष्ठ भाजपा नेता पंकज मेहता ने कहा कि कायस्थ समाज का इतिहास अत्यंत गौरवशाली रहा है। शिक्षा के क्षेत्र में समाज ने उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं, जिसके कारण समाज को विशेष सम्मान प्राप्त है।

मंच से दिया बेबाक परिचय

जिला अध्यक्ष विनोद सक्सेना ने बताया कि सम्मेलन के दौरान रविवार सुबह से ही मंच पर युवक-युवतियों द्वारा परिचय प्रस्तुत किए गए। मंच और माइक्रोफोन से कुछ प्रतिभागी संकोच में नजर आए, तो कई युवाओं ने पूरे आत्मविश्वास के साथ अपना परिचय दिया। कई प्रतिभागियों ने अपने भाई-बहन के लिए भी मंच से परिचय पढ़कर सुनाया।

कुंडली मिलान एवं विधुर-विधवा परिचय

कार्यक्रम संयोजक नीरज कुलश्रेष्ठ ने बताया कि कार्यक्रम के दौरान महासभा की ओर से निशुल्क कुंडली मिलान की व्यवस्था भी की गई। वर-वधु पसंद आने पर इच्छुक प्रतिभागियों को ज्योतिषीय परामर्श उपलब्ध कराया गया। इसके साथ ही विधुर-विधवा प्रतिभागियों को भी मंच से परिचय देने का अवसर प्रदान किया गया। कोरोना काल में बिछुड़े दम्पतियों के पुनर्विवाह के लिए भी प्रयास किए गए। कार्यक्रम स्थल पर तीन स्थानों पर एलईडी स्क्रीन के माध्यम से परिजन सम्मेलन की गतिविधियों को देखते-सुनते नजर आए।

वरिष्ठजन एवं भामाशाह सम्मान

जिला महामंत्री कमल कुलश्रेष्ठ ने बताया कि निःशुल्क युवक-युवती परिचय सम्मेलन के साथ भामाशाह सम्मान समारोह एवं वरिष्ठजन सम्मान समारोह का आयोजन किया गया, जिसमें 51 विशिष्ट व्यक्तियों को शॉल, साफा एवं मोतियों की माला पहनाकर सम्मानित किया गया। पूर्व पार्षद राममोहन मित्रा एवं पार्षद  चेतना माथुर ने बताया कि कार्यक्रम स्थल पर भगवान चित्रगुप्त का भव्य शृंगार कर आकर्षक कट आउट स्थापित किया गया था। इसका विधिवत पूजन किया गया। चित्रांश बंधुओं ने श्रद्धा भाव से दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया।

बड़ी संख्या में गणमान्य अतिथि रहे मौजूद

अखिल भारतीय कायस्थ महासभा कोटा के जिला महामंत्री कमल कुलश्रेष्ठ ने बताया कि कार्यक्रम में भाजपा जिलाध्यक्ष राकेश जैन, भाजपा नेता पंकज मेहता, विवेक राजवंशी, अखिल भारतीय कायस्थ महासभा के प्रदेश अध्यक्ष कुलदीप माथुर, राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजीव श्रीवास्तव, प्रदेश उपाध्यक्ष भूपेन्द्र सक्सेना, कार्यक्रम संयोजक नीरज कुलश्रेष्ठ, सह संयोजक महेश श्रीवास्तव, जिलाध्यक्ष विनोद सक्सेना, महामंत्री कमल कुलश्रेष्ठ, कोषाध्यक्ष राहुल कुलश्रेष्ठ, सम्भागीय युवा अध्यक्ष ऋषभ माथुर, नितिन भटनागर, महिला अध्यक्ष अनिता माथुर, सम्भागीय महिला अध्यक्ष नैना सक्सेना, वंदना सक्सेना, शिखा कुलश्रेष्ठ, नलिनी कुलश्रेष्ठ, शिल्पा माथुर, किशोर माथुर, प्रदीप कांत भटनागर, सुदर्शन माथुर, मयूर सक्सेना, हिमांशु भटनागर, शुभम सक्सेना, मोनिका श्रीवास्तव, बूंदी से अरुण सक्सेना, बारां से राज सक्सेना, रावतभाटा से कपिल सक्सेना, चित्तौड़गढ़ से जितेश श्रीवास्तव सहित देशभर से आए 2500 से अधिक चित्रांश बंधुओं ने सहभागिता दर्ज कराई।

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