अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेन्द्र गिरि का शव फंदे से लटका मिला
एनसीआई@लखनऊ/प्रयागराज
अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेन्द्र गिरि का सोमवार को निधन हो गय। नरेन्द्र गिरि का शव प्रयागराज के उनके बाघंबरी मठ में ही फांसी के फंदे से लटकता मिला है। उस कमरे का दरवाजा अंदर से बंद था। पुलिस दरवाजा तोड़कर अंदर पहुंची तो उनका शव फंदे से लटका मिला। मौके से एक सुसाइड नोट भी मिला है। इसमें शिष्य आनंद गिरि पर मानसिक तौर पर परेशान करने का आरोप लगाया गया है। हरिद्वार पुलिस ने आनंद गिरि को हिरासत में ले लिया है।
पुलिस के मुताबिक बाघंबरी मठ में जहां महंत नरेन्द्र गिरि का शव फंदे से लटकता मिला है, उसके चारों तरफ से गेट बंद था। पुलिस ने शुरुआती जांच के आधार पर इसे आत्महत्या करार दिया है। फॉरेंसिक टीम ने मौके पर पहुंच कर अपनी कार्रवाई शुरू कर दी थी। वहां भारी पुलिस फोर्स तैनात है। गौरतलब है कि आचार्य नरेन्द्र गिरि का पिछले दिनों अपने ही शिष्य आनंद गिरि के साथ विवाद हो गया था। करीब तीन माह पूर्व इस विवाद का पटाक्षेप हो गया था। महंत नरेन्द्र गिरि के निधन पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए स्वामी सव्विदानंद सरस्वती ने इसे साजिश करार दिया। वहीं, पूर्व केन्द्रीय मंत्री साध्वी निरंजन ज्योति ने कहा कि महंत नरेन्द्र गिरि ने आत्महत्या की है, नहीं मान सकती। उन्होंने इसे लेकर और कुछ कहने से इनकार करते हुए कहा कि ये जांच का विषय है।
प्रयागराज के आईजी केपी सिंह ने बताया कि मौके से सात पन्नों का सुसाइड नोट मिला है, जिसे वसीयत की तरह लिखा गया है। इस सुसाइड नोट में आनंद गिरि का भी नाम है। उन्होंने कहा कि महंत नरेन्द्र को जानने वाले लोग ये बता रहे हैं कि हेंड राइटिंग उन्हीं की है। हम फॉरेंसिक जांच के बाद ही लेटर जारी करेंगे।
वहीं, आनंद गिरि ने आईजी की भूमिका को संदिग्ध बताते हुए कहा कि ये बड़ी साजिश है। उन्होंने कहा कि प्रदेश और देश की सरकार से निवेदन करता हूं कि निष्पक्ष जांच हो। इसमें बड़े लोग शामिल हैं। दोषी हूं तो सजा पाने को तैयार हूं।
यूपी के एडीजी लॉ एंड ऑर्डर प्रशांत कुमार ने कहा कि आनंद गिरि को हरिद्वार से हिरासत में ले लिया गया है। वहीं, हरिद्वार में मीडिया से बात करते हुए आनंद गिरि ने पुलिस अधिकारियों पर भी आरोप लगाए और महंत नरेंद्र गिरि की मौत को बड़ी साजिश बताया।
सुसाइड नोट में कई नाम
नरेन्द्र गिरि के सुसाइड नोट में आनंद गिरि के अलावा भी कई नाम हैं। पुलिस के मुताबिक इसमें समाधि से लेकर अन्य बातों के बारे में भी विस्तार से लिखा गया है। अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष ने लिखा है कि सम्मान से जिया, अपमान के साथ नहीं जी पाऊंगा इसलिए आत्महत्या कर रहा हूं।
पीएम मोदी, सीएम योगी ने जताया शोक
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, डिप्टी सीएम डॉ. दिनेश शर्मा व केशव प्रसाद मौर्य के अलावा पूर्व सीएम अखिलेश यादव सहित कई नेताओं ने महंत नरेन्द्र गिरि की मौत पर दुख व्यक्त किया है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ट्वीट कर कहा है कि अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष नरेन्द्र गिरिजी का देहावसान अत्यंत दुखद है। आध्यात्मिक परम्पराओं के प्रति समर्पित रहते हुए उन्होंने संत समाज की अनेक धाराओं को एक साथ जोड़ने में बड़ी भूमिका निभाई। प्रभु उन्हें अपने श्री चरणों में स्थान दें।
यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने ट्वीट कर कहा कि, महंत नरेन्द्र गिरिजी का ब्रह्मलीन होना आध्यात्मिक जगत की अपूरणीय क्षति है।
यूपी के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने भी ट्वीट कर महंत नरेन्द्र गिरि के निधन पर शोक व्यक्त किया है। उन्होंने ये भी कहा कि वे प्रयागराज जा रहे हैं।
सपा के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने ट्वीट कर कहा कि, पुण्य आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें और उनके अनुयायियों को ये दुख सहने की शक्ति प्रदान करें।
स्वामी चक्रपाणि ने की निष्पक्ष जांच की मांग
स्वामी चक्रपाणि ने वीडियो संदेश जारी कर महंत नरेन्द्र गिरि के निधन पर शोक व्यक्त किया और इसे संत समाज के लिए अपूरणीय क्षति बताया। स्वामी चक्रपाणि ने कहा कि संत कभी आत्महत्या नहीं कर सकता। इसकी निष्पक्ष जांच की जानी चाहिए। कई अन्य साधु-संतों ने भी ऐसी ही मांग की है।
गौरतलब है कि आचार्य नरेन्द्र गिरि देश की आध्यात्मिक परम्परा 13 अखाड़ों के संघ अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष थे।
