राजस्थान में 5 जुलाई, रविवार को मानसून पूरी तरह सक्रिय रहा। डिप्रेशन के असर से कई जिलों में बारिश, तेज हवाएं और वज्रपात की चेतावनी जारी की गई। कोटा, उदयपुर सहित कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट है। 6 जुलाई से दक्षिण-पूर्वी राजस्थान में बारिश और तेज होने की संभावना है।
एनसीआई@जयपुर
राजस्थान में मानसून अब पूरी तरह सक्रिय हो चुका है। 5 जुलाई, रविवार की शाम तक राज्य के कई हिस्सों में मौसम ने करवट ले ली है। मौसम विभाग के अनुसार उत्तर-पश्चिमी बंगाल की खाड़ी और उड़ीसा तट पर बना सुस्पष्ट कम दबाव का क्षेत्र (Well Marked Low Pressure Area) अब डिप्रेशन में बदल गया है। इसका असर राजस्थान पर भी साफ दिखाई दे रहा है। इसके चलते पूर्वी और दक्षिण-पूर्वी राजस्थान में अगले कई दिनों तक अच्छी बारिश का दौर जारी रहने की सम्भावना है। रविवार शाम के बाद भी कई जिलों में गरज-चमक, तेज हवाएं और बारिश का सिलसिला जारी रहा।
डिप्रेशन के असर से मानसून हुआ और मजबूत
मौसम विभाग के अनुसार बंगाल की खाड़ी में बना डिप्रेशन अगले 24 घंटे में उत्तरी उड़ीसा और उत्तरी छत्तीसगढ़ की ओर पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ेगा। इसके प्रभाव से राजस्थान के पूर्वी हिस्सों में आगामी 5 से 6 दिनों तक मानसून पूरी तरह सक्रिय रहेगा। अधिकांश जिलों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है, जबकि कई स्थानों पर भारी बारिश भी हो सकती है। खासकर दक्षिण-पूर्वी और पूर्वी राजस्थान में 6 जुलाई से बारिश की गतिविधियों में और तेजी आने के संकेत हैं।
इन संभागों में आज बारिश का जोर
रविवार शाम तक उदयपुर, कोटा, अजमेर, भरतपुर, बीकानेर, जोधपुर और जयपुर संभाग के कई इलाकों में मेघगर्जन के साथ मध्यम से तेज बारिश हुई। मौसम विभाग ने कोटा और उदयपुर संभाग के कुछ जिलों में आगे भारी बारिश की चेतावनी भी जारी की। इससे इन क्षेत्रों के निचले इलाकों में जलभराव और छोटे नदी-नालों का जलस्तर बढ़ने की आशंका बनी हुई है।
ऑरेंज और येलो अलर्ट वाले जिले
मौसम विभाग ने सिरोही, पाली, भीलवाड़ा, बूंदी, टोंक, सवाई माधोपुर, दौसा, जयपुर, अलवर, डीग, कोटा, बारां और झालावाड़ जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। गरज-चमक, वज्रपात और मध्यम से तेज बारिश की भी संभावना है। वहीं उदयपुर, राजसमंद, सलूम्बर, चित्तौड़गढ़, ब्यावर, अजमेर, नागौर, डीडवाना-कुचामन, सीकर, चूरू, झुंझुनूं, कोटपूतली-बहरोड़, खैरथल-तिजारा, करौली, भरतपुर, धौलपुर और जालोर जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है। यहां 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने, हल्की से मध्यम बारिश और आकाशीय बिजली गिरने की आशंका है। फिलहाल राज्य में किसी जिले के लिए रेड अलर्ट जारी नहीं किया गया है।
6 जुलाई को और तेज होगा बारिश का दौर
मौसम विभाग का अनुमान है कि आज 6 जुलाई से दक्षिण-पूर्वी राजस्थान में बारिश की गतिविधियां और बढ़ेंगी। जयपुर, भरतपुर, कोटा, उदयपुर और अजमेर संभाग के कई हिस्सों में अगले 5 से 7 दिनों तक मानसून सक्रिय रहेगा। 6 से 9 जुलाई के बीच दक्षिण-पूर्वी जिलों में कहीं-कहीं भारी से अतिभारी बारिश हो सकती है। वहीं पश्चिमी राजस्थान के जोधपुर और बीकानेर संभाग में भी हल्की से मध्यम बारिश का सिलसिला जारी रहेगा तथा 7 और 8 जुलाई को कुछ स्थानों पर भारी बारिश होने की संभावना है।
किसानों और आमजन के लिए राहत
लगातार हो रही बारिश से किसानों के चेहरों पर खुशी है। खरीफ फसलों की बुवाई के लिए मौसम अनुकूल बना हुआ है और जलाशयों में भी पानी की आवक बढ़ने की उम्मीद है। हालांकि जिन इलाकों में तेज बारिश होगी वहां जलभराव, बिजली गिरने और तेज हवाओं के कारण जनजीवन प्रभावित हो सकता है। ऐसे में स्थानीय प्रशासन भी स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
बचाव के लिए बरतें ये सावधानियां
मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि गरज-चमक और वज्रपात के दौरान खुले मैदान, पेड़ों और बिजली के खंभों के पास खड़े न हों। तेज बारिश के समय अनावश्यक यात्रा से बचें और जलभराव वाले रास्तों से गुजरने में सावधानी रखें। वाहन चलाते समय गति नियंत्रित रखें और मौसम विभाग द्वारा जारी ताजा अलर्ट पर लगातार नजर बनाए रखें। किसानों को भी बिजली कड़कने के दौरान खेतों में काम करने से बचने और सुरक्षित स्थान पर रहने की सलाह दी गई है।
