कोचिंग से सस्पेंड होने से डिप्रेशन में आए छात्र ने की आत्महत्या, भाई का आरोप- कोचिंग स्टाफ ने धमकाया था, कई बार माफी मांगने पर भी नहीं माने
एनसीआई@कोटा
मेरा भाई इंजीनियर बनना चाहता था। इसकी कोचिंग के लिए कोटा आया था। मगर यहां फिजिक्स वाला कोचिंग में उसका एडमिशन कराना बड़ी भूल साबित हुई। क्लास में कहासुनी होने पर उसे सस्पेंड कर दिया गया। उसका आईकार्ड भी जब्त कर लिया। इस पर उसने कई बार माफी मांगी। मैं खुद कोटा आया, कोचिंग में गया, लेकिन उन्होंने एक नहीं सुनी। आखिर में डिप्रेशन में आकर मेरे भाई ने सुसाइड कर लिया।
यह कहना है उत्तर प्रदेश के रामपुर निवासी जयभीम का। जयभीम के भाई बहादुर सिंह (17) ने शनिवार को अपने कमरे में फंदा लगाकर सुसाइड कर लिया था। आईआईटी की तैयारी के लिए कोटा आए हुए बहादुर सिंह को दो महीने ही हुए थे।
जयभीम ने बताया- बहादुर सिंह कोचिंग में पढ़ाई के लिए महावीर नगर सेकेंड में एक मकान में पीजी के तौर पर रहता था। शनिवार सुबह उसने फंदा लगा लिया। सूचना के बाद मैं कोटा पहुंचा। मैं खुद दिल्ली में यूपीएससी की तैयारी कर रहा हूं। आज रविवार को पुलिस ने बहादुर के शव का पोस्टमॉर्टम किया।
कोचिंग ने कर दिया था सस्पेंड
बहादुर के भाई जयभीम ने बताया- मेरा भाई आईआईटी की तैयारी कर रहा था। करीब सात दिन पहले कोचिंग में पढ़ाई के दौरान पीपीटी उतारने को लेकर उसकी एक स्टूडेंट से कहासुनी हो गई थी। उसने पीपीटी घर से उतारकर लाने को कह दिया था। इस पर उससे कहासुनी हो गई। उस समय टीचर ने मामला शांत करवा दिया। मगर बाद में कोचिंग के स्टाफ ने मेरे भाई को बाहर बुला कर धमकाया और कहा-तू ज्यादा बोलता है क्या? इसके बाद उसे अपने साथ ऑफिस में ले गए। उसका आईकार्ड जब्त कर लिया। उसे कोचिंग में आने से मना कर दिया। मेरे भाई ने कई बार माफी मांगी, लेकिन उसकी कोई बात नहीं सुनी। वह तीन दिन तक कोचिंग के चक्कर काटता रहा। माफी मांगता रहा, लेकिन कोचिंग में किसी भी स्टाफ और फेकल्टी ने उसकी बात नहीं सुनी।

मैं खुद कोचिंग गया, स्टाफ का बिहेवियर खराब था

जयभीम के अनुसार- मेरे भाई ने जिस दिन घटना हुई मुझे सब बता दिया था। मैंने कोचिंग में कॉल किया। मैंने भी माफी मांगी, लेकिन कोचिंग स्टाफ ने साफ कह दिया कि इसे कोचिंग में एंट्री नहीं मिलेगी। मैंने कहा कि मैं कोटा आकर माफी मांग लेता हूं। उन्होंने कहा कि आप कोटा आ जाओ। मैं खुद चार दिन पहले कोटा आया था। कोचिंग में गया। जहां स्टाफ का बिहेवियर ठीक नहीं था। अकड़ में बात कर रहे थे। मैंने माफी मांगी तो कहा कि हमारे इंचार्ज डेढ़ घंटे बाद आएंगे। हम दोनों भाइयों ने इंतजार किया, बाद में हमने इंचार्ज से मुलाकात की। मुझे नाम नहीं पता, लेकिन हम दोनों भाइयों ने ही कई बार कहा- सर, इसका जीवन खराब हो जाएगा। वह पढ़ना चाहता है। फिर कोचिंग संस्थान की तरफ से कहा गया कि इसे कोटा से ले जाओ। दिल्ली ब्रांच में एडमिशन दे देंगे। यहां नही पढ़ाएंगे।
डिप्रेशन में था बहादुर, कहा- करियर खराब हो जाएगा
जयभीम ने बताया- मैं कोचिंग में स्टाफ से मिलकर वापस दिल्ली चला गया। भाई से कह दिया था कि दूसरी कोचिंग में एडमिशन करवा लेना। घर की आर्थिक हालत अच्छी नहीं है। पिता हैं नहीं, मां ही हमें पढ़ा रही हैं। इसलिए उसने कहा- भैया कहां से बार बार फीस लाएंगे। एक बार फिर कोचिंग में बात कर लो। हमने बात की, लेकिन उनका जवाब था कि कोटा में कोचिंग से हमने सस्पेंड कर दिया है। अब हमारी दिल्ली ब्रांच में एडमिशन लो। मैंने ऑनलाइन पढ़ाई के लिए बहादुर को कहा। चार हजार फीस भी जमा करा दी।
उन्होंने बताया- सुसाइड से एक दिन पहले ही फीस जमा करवाई थी। इसके बाद जिस दिन सुसाइड किया, उस दिन सुबह उसने कहा कि ऑनलाइन पढ़ाई नहीं हो सकेगी। सफर लम्बा है, क्लास रूम पढ़ाई जरूरी है। मैंने उसे समझाया और ढांढस बंधाया था। वह डिप्रेशन में था, खाना भी नहीं खा रहा था। फिर दूसरे दिन तो सुसाइड की खबर आ गई।
कोचिंग की वजह से मौत, कार्रवाई की मांग
बहादुर के परिवार ने साफ तौर पर कहा है कि कोचिंग संस्थान की वजह से उसके भाई की मौत हुई है। उनकी वजह से वह डिप्रेशन में आ गया था। उसने कोई मारपीट या गाली गलौज नहीं की थी कि उसे सस्पेंड कर दिया जाए। कोचिंग से निकाल दिया। हमने कई बार माफी मांगी, लेकिन सुनवाई नहीं हुई। कोचिंग संस्थान के खिलाफ पुलिस में शिकायत कर दी गई है।
पुलिस का यह है कहना
इस मामले में महावीर नगर एसएचओ परमजीत सिंह ने बताया- पोस्टमॉर्टम करवा दिया है। परिजन जैसी रिपोर्ट देंगे, उसी अनुसार जांच कर कार्यवाही करेंगे।
कोचिंग संस्थान का यह है पक्ष
वहीं, फिजिक्स वाला कोचिंग के कोटा हेड दिनेश जैन ने बताया- हमने बच्चे को सस्पेंड नहीं किया था। बच्चे ने क्लास में बदतमीजी की थी, ऐसे में उसे डांटा था। बच्चे का भाई भी आया था तो उसको भी बता दिया था कि यह क्लास में लड़ता है तो उसके भाई ने ही कहा था कि हम इसे यहां नहीं पढ़ा पाएंगे। उन्होंने फीस रिफंड की बात भी कही थी। हम क्यों बच्चों को निकालेंगे।
