रिटायर्ड माइनिंग इंजीनियर और पत्नी की क्वार्टर में हत्या, रस्सी से बंधे हुए थे हाथ-पैर
एनसीआई@झुंझुनूं
जिले के खेतड़ी नगर में हिन्दुस्तान कॉपर लिमिटेड से रिटायर्ड माइनिंग इंजीनियर और उनकी पत्नी की कम्पनी के क्वार्टर में हत्या कर दी गई। दोनों कम्पनी के इसी क्वार्टर में रहते थे। आरोपियों ने शनिवार रात किसी समय इस वारदात को अंजाम दिया।
पड़ोस में रहने वाली महिला ने रविवार सुबह पानी की मोटर चलाने के लिए इस दम्पती को कॉल किया तो उन्होंने फोन नहीं उठाया। इस पर पड़ोसी को शक हुआ और पुलिस को सूचना दी। इस पर पुलिस ने मौके पर पहुंच घर का दरवाजा तोड़ा तो दम्पती मृत अवस्था में मिले। उनके हाथ-पैर रस्सी से बंधे हुए थे। पुलिस ने घटना स्थल को सील कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी।
खेतड़ी थाना इंचार्ज अजय सिंह ने बताया कि कम्पनी के क्वार्टर में शनिवार रात डबल मर्डर हो गया। बुजुर्ग दर्शन सिंह और उनकी पत्नी महेन्द्र कौर की बेरहमी से हत्या कर दी गई।डॉग स्क्वाड और एफएसएल की टीमें जांच में जुटी हैं।
थाना इंचार्ज अजय सिंह ने बताया कि हिन्दुस्तान कॉपर लिमिटेड कम्पनी के क्वार्टर नम्बर 349 फर्स्ट बी में दर्शन सिंह (75) पुत्र अवतार सिंह और उनकी पत्नी महेन्द्र कौर (70) कई वर्षों से रह रहे थे।
दर्शन सिंह हिन्दुस्तान कॉपर लिमिटेड में माइनिंग इंजीनियर के पद से वर्ष 2013 में रिटायर हुए थे। इसके बाद से भी वे कम्पनी के आवासीय क्वार्टर में ही रह रहे थे।
रविवार सुबह 6.40 बजे पड़ोस में रहने वाली महिला ने पानी की मोटर चलाने के लिए दर्शन सिंह के नम्बर पर फोन किया, मगर उन्होंने फोन नहीं उठाया। इसके बाद महिला ने दरवाजा खटखटाया, मगर काफी देर तक खटखटाने के बावजूद भी दरवाजा नहीं खुला तो महिला ने शोर मचाया। इस पर आसपास के लोग जुटे और पुलिस को फोन किया।
रस्सी से बंधे मिले दम्पती के हाथ-पैर
थानाधिकारी अजय सिंह ने बताया कि सूचना मिलने पर मौके पर पहुंचे और घर का दरवाजा तोड़ा। जहां दर्शन सिंह जमीन पर पड़े हुए थे। उनके हाथ-पैर रस्सी से बंधे थे। पास ही सोफे पर उनकी पत्नी महेंद्र कौर पड़ी थीं। उनके भी हाथ बंधे थे। दोनों मृत अवस्था में मिले।
पुलिस का मानना है कि दोनों की मुंह दबाकर हत्या की गई है। फिलहाल घर में किसी तरह की लूट होने के सबूत नहीं मिले हैं। जांच से मौत की वजह सामने आएगी।
मौका मुआयना कर पुलिस ने घटना स्थल को सील कर दिया। डॉग स्क्वाड व एफएसएल की टीम को मौके पर बुलाया और जांच शुरू कर दी गई।
वारदात की सूचना पर खेतड़ी डीएसपी हजारीलाल खटाना, एसपी श्याम सिंह, एएसपी तेजपाल सिंह और बुहाना डीएसपी मुकेश चौधरी भी मौके पर पहुंचे।
रात 10 बजे तक आ रही थी टीवी की आवाज
पड़ोसियों ने बताया कि दम्पती अकेले रह रहे थे। इनका किसी से भी कोई झगड़ा नहीं था। रात को करीब 10 बजे तक उनके घर से टीवी की आवाज आ रही थी।
एक बेटा 1993 से लापता, दूसरा अजमेर में
पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक दर्शन सिंह मूल रूप से पंजाब के रहने वाले थे। खेतड़ी में वे करीब 50 साल से रह रहे थे। उनका एक बेटा सुरेन्द्र सिंह अजमेर में परिवार के साथ रहता है और ढाबा चलाता है। वहीं दूसरा बेटा सुरजीत सिंह 1993 से लापता है। वह 10वीं कक्षा की पढ़ाई के दौरान मुम्बई गया था। तब से उसके बारे में कोई जानकारी नहीं है।
सबूत जुटाकर करेंगे आगे की कार्रवाई: डीएसपी
डीएसपी हजारीलाल खटाना ने बताया कि फिलहाल मौके की गहनता से जांच की जा रही है। सबूत जुटाकर आगे की कार्रवाई की जाएगी। शांति व्यवस्था बनाने के लिए पुलिस ने सिंघाना, पचेरीकलां, खेतड़ी, बबाई, मेहाड़ा आदि थानों का अतिरिक्त पुलिस जाब्ता बुलाया है।
पुलिस का कहना है कि अजमेर से बड़ा बेटा सुरेंद्र खेतड़ी के लिए रवाना हो गया है। उसके पहुंचने के बाद शवों का पोस्टमॉर्टम किया जाएगा।
2 डीएसपी, 5 एसएचओ के नेतृत्व में टीमें गठित
वारदात का खुलासा करने के लिए दो डीएसपी व पांच एसएचओ के नेतृत्व में टीमों का गठन किया गया है। एसपी श्याम सिंह ने मौका मुआयना कर खेतड़ी थाने में पुलिस अधिकारियों के साथ बैठक की। उन्होंने खेतड़ी डीएसपी हजारीलाल खटाना, बुहाना डीएसपी मुकेश चौधरी व पांच थानाधिकारियों के नेतृत्व में पुलिस टीमों का गठन किया। ये टीमें सबूत जुटाकर आरोपियों का सुराग लगाएंगी। साइबर सेल की मदद लेकर जिला स्पेशल टीम को भी लगाया गया है।
शांति से रहते थे, किसी से नहीं थी दुश्मनी
खेतड़ी कॉपर मजदूर संघ के महामंत्री श्यामलाल सैनी ने कहा- हिन्दुस्तान कॉपर लिमिटेड कम्पनी की कॉलोनी में रह रहे दर्शन सिंह कई साल पहले सेवानिवृत्त हुए थे। यहां शांति से रह रहे थे। उनका व्यवहार सभी से अच्छा था। बातचीत का तरीका भी सौम्य था। किसी से कोई दुश्मनी नहीं थी। सुबह उठे तो घटना का पता चला। ये कॉलोनी और प्रशासन के लिए दुर्भाग्य की बात है।
एचसीएल (हिन्दुस्तान कॉपर लिमिटेड) में दर्शन सिंह के साथी कर्मचारी रहे हसरत हुसैन ने कहा कि दर्शन सिंह व उनकी पत्नी महेन्द्र कौर बहुत ही अच्छे स्वभाव के थे। सब से मिलते-जुलते रहते थे। दर्शन सिंह काफी बुजुर्ग हो गए थे। वे छड़ी के सहारे चलते थे। मार्केट में जब आते थे तो दुकान पर बैठकर काफी बातें करते थे। नौकरी के दौरान दर्शन सिंह मजदूरों के हकों के लिए आवाज उठाने में भी सबसे आगे रहते थे। आवासीय कॉलोनी में इस प्रकार की घटना होना बहुत ही दुखदायक है।
60 साल पुराना उपक्रम है हिन्दुस्तान कॉपर लिमिटेड
हिन्दुस्तान कॉपर लिमिटेड भारत सरकार का उपक्रम है। इसकी नींव वर्ष 1962 में रखी गई थी। 9 नवम्बर 1967 को इसमें ताम्बा निकालने का प्लांट शुरू किया गया था। खेतड़ी नगर में स्थापित हिन्दुस्तान कॉपर लिमिटेड के प्लांट को एशिया में सबसे अधिक ताम्बा उत्पादन करने के रूप में जाना जाता था।
हिन्दुस्तान कॉपर लिमिटेड प्रोजेक्ट में पहले करीब 20 हजार लोग कार्य करते थे। वर्ष 2008 में शट डाउन कर देने के बाद कर्मचारियों की छंटनी होने लगी। वर्तमान में करीब 500 नियमित कर्मचारी कार्यरत हैं। वर्तमान में हिन्दुस्तान कॉपर लिमिटेड प्रोजेक्ट को निजी कम्पनियों के द्वारा चलाया जा रहा है।
इस समय एसएमएस लिमिटेड, खेतान लिमिटेड व अन्य कम्पनियां कार्य करने में लगी हैं। हिन्दुस्तान कॉपर प्रोजेक्ट में खेतड़ी क्षेत्र में ताम्बे के अथाह भंडार होने के कारण इसे स्थापित किया गया था। यहां खदानों से ताम्बा निकाला जाता है।
