पचपदरा रिफाइनरी अग्निकांड: मुख्यमंत्री भजनलाल पहुंचे, उच्चस्तरीय बैठक करेंगे, एनआईए और राज्य की जांच एजेंसियां भी पहुंचीं, दुरुस्त होने में 4-6 महीने लगने का अनुमान, रिपोर्ट में और भी बहुत कुछ जानें
एनसीआई@जयपुर/बालोतरा/पचपदरा
20 अप्रेल, सोमवार की दोपहर बालोतरा की पचपदरा रिफाइनरी में भीषण आग लगने के बाद आज मंगलवार को यहां होने वाला प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का दौरा स्थगित कर दिया गया। प्रधानमंत्री इस रिफाइनरी का लोकार्पण करने वाले थे। आग पर करीब ढाई घंटे की मशक्कत से काबू में पाया जा सका था।

भीषण अग्निकांड के बाद आज पूरा प्रशासनिक अमला एक साथ मौके पर है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, कानून मंत्री मंत्री जोगाराम पटेल और मुख्य सचिव (CS) वी श्रीनिवास दोपहर करीब साढ़े बारह बजे रिफाइनरी पहुंचे। फिलहाल सीएम रिफाइनरी के अधिकारियों से बात कर रहे हैं। इसके बाद एक हाई-लेवल मीटिंग करेंगे। इसमें सुरक्षा चूक और हादसे के कारणों पर मंथन किया जाएगा।
इससे पहले यहां एनआईए NIA और स्टेट की जांच एजेंसियां भी पहुंच गई थीं। रिफाइनरी के गेट नम्बर 1 और 2 पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है। बाहरी लोगों की एंट्री पर पूरी तरह रोक है।
इस मसले पर केबिनेट मंत्री जोगाराम पटेल ने कहा-अग्निकांड की कमेटी जांच कर रही है। जो भी तकनीकी खामियां रही होंगी, उन्हें दूर कर जल्दी ही रिफाइनरी को शुरू कर दिया जाएगा।
हफ्ते भर से चल रही थीं तैयारियां
करीब 79 हजार 459 करोड़ रुपए की लागत से बनी इस रिफाइनरी के उद्घाटन समारोह सप्ताह भर से तैयारियां चल रहीं थीं। इसके लिए घटनास्थल से करीब 800 मीटर दूर बनाए गए सभा स्थल पर विशाल डोम में सैकड़ों पंखे और कूलर लगाए गए थे। जनसभा के लिए करीब 2 लाख लोगों का खाना तैयार किया गया था। मंगलवार को क्रेन की मदद से डोम हटाए गए।

कई किलोमीटर दूर से दिख रही थीं लपटें
20 अप्रेल की दोपहर करीब 2 बजे हीट एक्सचेंजर सर्किट में हाइड्रोकार्बन लीकेज की वजह से कच्चे तेल को साफ करने वाली (क्रूड डिस्टिलेशन) दो यूनिट में आग लगी थी। धुएं का गुबार और आग की लपटों को कई किलोमीटर दूर से देखा गया था।

नुकसान का आकलन
रिफाइनरी में आग से हुए नुकसान के बारे में विशेषज्ञों का कहना है कि यह हादसा यूनिट के मुख्य हिस्से में हुआ है, इसलिए नुकसान तो काफी अधिक होने की आशंका है, मगर आकलन के बिना कहना ठीक नहीं।
वहीं, इस बारे में AI से जवाब मिला है कि-राजस्थान के बालोतरा की पचपदरा रिफाइनरी में लगी भीषण आग से शुरुआती अनुमान के अनुसार 3 हजार करोड़ रुपए से अधिक का नुकसान हो सकता है। यह आग क्रूड डिस्टिलेशन यूनिट (CDU) में लगी, जिसे ठीक करने में 1 से 6 महीने तक लग सकते हैं। गनीमत रही कि कोई जनहानि नहीं हुई।
