April 21, 2026

News Chakra India

Never Compromise

तीन सगे भाई-बहन एक साथ बने आरएएस अधिकारी, छोटे भाई ने तो रचा इतिहास, शानदार है सफलता की कहानी

तीन सगे भाई-बहन एक साथ बने आरएएस अधिकारी, छोटे भाई ने तो रचा इतिहास, शानदार है सफलता की कहानी

सिरोही के झाड़ोली गांव का है इतिहास रचने वाला यह परिवार। इससे पूरे जिले में खुशी और गर्व का माहौल है।

एनसीआई@सिरोही

जिले के झाड़ोली गांव से एक अनोखी और प्रेरणादायक सफलता की कहानी सामने आई है। तीन सगे भाई-बहनों ने आरएएस परीक्षा में चयनित होकर परिवार और जिले का नाम रोशन कर दिया है। तीनों में सबसे छोटे परमवीर सिंह को तो 24 वीं रेंक, बहन सेजल कुंवर को 120 वीं रेंक और सबसे बड़े भाई महिपाल सिंह को 931वीं रेंक प्राप्त हुई है।

जिले में यह संभवतया पहला मौका है, जब एक ही परिवार के तीन भाई-बहन एक साथ आरएएस में चयनित हुए हैं। खास बात यह भी है कि इनमें से दो भाई-बहनों का पहले भी आरएएस में चयन हो चुका था और वे वर्तमान में प्रशिक्षण ले रहे हैं। इसके बावजूद बेहतर रेंक हासिल करने के लिए तीनों ने दोबारा परीक्षा दी और इस बार एक साथ सफलता प्राप्त की। इस उपलब्धि से झाड़ोली गांव सहित पूरे जिले में खुशी का माहौल है।

परमवीर पहले प्रयास में बने थे डीएसपी, बहन प्रवर्तन निरीक्षक

परिवार के सबसे छोटे सदस्य परमवीर सिंह ने आरएएस परीक्षा 2023 में पहले ही प्रयास में 66 वीं रेंक हासिल की थी। इस पर उन्हें डीएसपी पद पर नियुक्त किया गया था। वर्तमान में उनकी ओटीएस जयपुर में ट्रेनिंग चल रही है। उनकी बहन सेजल कुंवर ने दूसरे प्रयास में 522 वीं रेंक प्राप्त कर खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग में प्रवर्तन निरीक्षक का पद हासिल किया था। फिलहाल सेजल जोधपुर के डीएसओ कार्यालय में कार्यरत हैं। उस समय बड़े भाई महिपाल सिंह चयन से वंचित रह गए थे, लेकिन इस बार तीसरे प्रयास में उन्होंने भी सफलता प्राप्त कर ली।

तीनों ने घर पर रहकर की तैयारी, पाई सफलता

तीनों भाई-बहनों के पिता लालसिंह सिरोही जिले के राजपुरा बालदा गांव में द्वितीय श्रेणी शिक्षक हैं, जबकि माता गृहिणी हैं। पिता ने बताया कि तीनों ने घर पर रहकर ही तैयारी की और कड़ी मेहनत के दम पर यह मुकाम हासिल किया। परिवार की इस सफलता ने न केवल गांव, बल्कि पूरे जिले का मान बढ़ाया है। उनके मामा, आयुर्वेद चिकित्साधिकारी उदय प्रताप सिंह के अनुसार, तीनों का लक्ष्य शुरू से ही प्रशासनिक सेवा में जाकर समाज की सेवा करना था, इसलिए उन्होंने पूरी एकाग्रता के साथ आरएएस की तैयारी जारी रखी।

गांवभर में छाई खुशी

तीनों भाई-बहनों के एक साथ आरएएस में चयन से झाड़ोली गांव में उत्साह का माहौल है। ग्रामीण और रिश्तेदार लगातार उनके घर पहुंचकर बधाई दे रहे हैं। यह सफलता पूरे क्षेत्र के लिए प्रेरणा बन गई है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may have missed

Copyright © All rights reserved. | Newsphere by AF themes.