इंजीनियरिंग यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर के खिलाफ अंतरिम जांच रिपोर्ट में हड़कम्प मचा देने वाला खुलासा, सही मिली 38 छात्राओं की शिकायतें
एनसीआई@जोधपुर
राज्य की प्रतिष्ठित मगनीराम बांगड़ मेमोरियल इंजीनियरिंग यूनिवर्सिटी (MBM) के आर्किटेक्ट डिपार्टमेंट का अध्यक्ष प्रो. पुलकित गुप्ता लड़कियों के कपड़ों के सम्बन्ध में अश्लील टिप्पणियां करता था। कई बार वह लड़कियों को गलत इरादे से छूता था, यही नहीं उनके हाथ तक पकड़ लेता था और टॉर्चर करता था। इन सबसे भी आगे जाकर वह उन्हें रात में लॉन्ग ड्राइव व शराब पार्टी में चलने के लिए मैसेज भी करता था। उसका हौंसला इतना बढ़ा हुआ था कि वह उसकी बातों को नहीं मानने वालों को धमकी देता था, कहता था- तुम मेरा कुछ भी नहीं बिगाड़ पाओगे। यह सब खुलासा यूनिवर्सिटी की छात्राओं से छेड़छाड़ की जांच के लिए बनी कमेटी की अंतरिम जांच रिपोर्ट में हुआ है। आज शनिवार को कमेटी ने कुलपति को अपनी रिपोर्ट सौंप दी है।

गौरतलब है कि छात्राओं की ओर से प्रो. पुलकित गुप्ता पर छेड़छाड़ और यौन शोषण के आरोप लगाए गए थे। इन आरोपों को कमेटी ने सही माना है। कुलपति अजय कुमार शर्मा ने कमेटी की ओर से दी गई रिपोर्ट पर कहा-सभी आरोप सत्य पाए गए हैं।
38 छात्राओं ने लगाए थे ये आरोप
• प्रोफेसर पुलकित गुप्ता गंदी नजरों से देखता था।
• कपड़ों पर कमेंट करता और गलत तरीके से छूता था।
• क्लास में गालियां देता और फेल करने की धमकी देता था।
• देर रात मैसेज करता और पार्टी के लिए दबाव बनाता था।
• कई स्टूडेंट्स को यूनिवर्सिटी में इवेंट के लिए रुपए देने का कहता था।
• 21 फरवरी को एक गुमनाम शिकायती पत्र मिलने के बाद इन शिकायतों की जांच करने के लिए प्रो. जयश्री वाजपेयी की अध्यक्षता में एक कमेटी बनी थी। इस कमेटी में 8 प्रोफेसर्स को शामिल किया गया था। तीन दिन में आई अंतरिम रिपोर्ट में आर्किटेक्ट डिपार्टमेंट के अध्यक्ष प्रो. पुलकित गुप्ता पर लगे आरोप सही पाए गए हैं।
इस मामले में खास बात यह है कि अभी भी स्टूडेंट लगातार कुलपति के पास शिकायत लेकर पहुंच रहे हैं। यही नहीं कुछ शिकायत राजभवन भी भेजी गई है।
दबाव में लेकर कई लड़कियों को बनाया शिकार
अंतरिम जांच रिपोर्ट में सामने आया है कि प्रो. गुप्ता लड़कियों को रात के समय घर या होटल पर दारू पार्टी करने के लिए बुलाता था। उनसे यह भी कहता था कि मैंने तुम्हें पूरी छूट दे रखी है, जो मर्जी कर लो। जो लड़कियां उसकी बात मानती थीं, उन्हें वह प्रोजेक्ट जमा नहीं करवाने की भी छूट दे देता था। वहीं, बात नहीं मानने वाली लड़कियों को वह टॉर्चर करता था।
प्रोफेसर लड़कियों पर इतना दबाव बना चुका था कि जैसा वह कहता था, लड़कियां वैसा ही करती थीं। जांच कमेटी को एक लेटर भी मिला है। इससे एक और चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि प्रोफेसर क्लास की लड़कियों पर लॉन्ग ड्राइव पर चलने के लिए दबाव बनाता था। कहता था- जो उसके साथ लॉन्ग ड्राइव पर चलेगी उसे प्रेक्टिकल में ज्यादा नम्बर मिलेंगे। जांच में पता चला कि नम्बर कम देने और फेल होने के डर से कई बार लड़कियां उसके साथ चली जाती थीं। इसी का फायदा उठाकर वह उन्हें गंदे तरीके से छूता भी था। ऐसी शिकायत सामने आने के बाद कुलपति प्रो. अजय शर्मा ने अन्य स्टूडेंट्स को भी इस मसले पर खुलकर बोलने के लिए कहा है, ताकि आरोपी प्रोफेसर के खिलाफ कड़ा एक्शन लिया जा सके।
4 साल पहले भी हुई थी शिकायत
कमेटी ने इस अंतरिम जांच रिपोर्ट में बताया है कि 4 साल पहले भी प्रो. गुप्ता ने यूनिवर्सिटी की चार लड़कियों को रात में मैसेज भेजे थे। इसके बाद इन लड़कियों ने खुलकर हंगामा किया था। मैनेजमेंट की ओर से लताड़ लगने के बाद प्रोफेसर ने अपनी हरकतें बंद कर दी थीं।
इधर, यह भी सामने आया है कि कुछ स्टूडेंट्स अब भी डरी हुई हैं। इसलिए प्रोफेसर से जुड़ी शिकायतें राजभवन भी भेजी जा रही हैं। बताया जा रहा है कि अगले सप्ताह तक राजभवन से भी इस मामले में जांच कमेटी बन सकती है।
लड़कों को गाली देता, कहता- तुम्हारा केरियर बिगाड़ दूंगा
यूनिवर्सिटी के कुछ छात्रों ने कुलपति को बताया कि प्रोफेसर का व्यवहार क्लास के अंदर अच्छा नहीं था। लड़कों को हमेशा गाली देकर बात करता था। अब जब उसके खिलाफ कार्यवाही की जा रही है तो भी वह उसका विरोध कर रहे स्टूडेंट्स को धमकियां दे रहा है। यह भी धमकी दे रहा है कि मेरी नौकरी भले ही चली जाए, तुम्हारा केरियर बिगाड़ दूंगा।
दस दिन में कमेटी देगी पूरी रिपोर्ट, बर्दाश्त नहीं करेंगे ऐसी हरकतें
यूनिवर्सिटी के कुलपति प्रो. अजय कुमार शर्मा ने बताया-इस मामले में गठित की गई कमेटी की ओर से अंतरिम रिपोर्ट मिल गई है। कमेटी की रिपोर्ट में छात्राओं की ओर से लगाए गए आरोपों को सही पाया गया है। इसके आधार पर विभाग अध्यक्ष पुलकित गुप्ता को शुक्रवार को निलम्बित कर दिया गया है। इसका चार्ज डीन को दिया गया है। कमेटी 10 दिन में पूरी रिपोर्ट देगी। बच्चों की ओर से सेक्सुअल हैरेसमेंट, पैसे वसूलने आदि की भी शिकायतें दी गई हैं। रुपए वसूली और फेल करने की धमकियों की जांच के लिए अलग से कमेटी बनाई गई है। यह कमेटी स्टूडेंट्स की शिकायतों का रिव्यू कर उनके रिजल्ट जांचेगी। यदि रिजल्ट में कोई गड़बड़ी मिलती है तो एक्शन लिया जाएगा। यूनिवर्सिटी में इस तरह की हरकतों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
