दिल्ली में लाल किले के पास बड़ा धमाका, कई दुकानों और गाड़ियों में लगी आग, 10 लोगों की मौत, करीब 24 अन्य घायल, 5 की हालत गम्भीर
दिल्ली के लाल किले के नजदीक सोमवार शाम को हुए शक्तिशाली धमाके से सनसनी फैल गई। इस धमाके के कारण आसपास की दुकानों और कुछ कारों को खासा नुकसान पहुंचा। इससे अभी तक कमसे कम 10 लोगों की मौत हो गई।दिल्ली पुलिस और बम निरोधक दस्ते के अलावा अन्य सुरक्षा एजेंसियां मौके पर जांच कर रही हैं। धमाके के कारणों का अभी पता नहीं चल पाया है। पीएम नरेन्द्र मोदी ने केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह से इस बारे में बात की। इससे पहले अमित शाह ने दिल्ली पुलिस कमिश्नर सतीश गोलचा से अपडेट लिया।

एनसीआई@ नई दिल्ली
दिल्ली के ऐतिहासिक लाल किले के निकट सोमवार शाम 6.52 बजे एक चलती हुई कार में हुए जोरदार धमाके ने न केवल दिल्ली ही नहीं पूरे देश को दहला दिया। इस हादसे में अभी तक 10 लोगों की मौत हो गई, वहीं करीब 24 अन्य लोग घायल हो गए। इनमें से भी 5 की हालत काफी गम्भीर है। इससे घटना स्थल व इसके आसपास हड़़कम्प मच गया। धमाके से आसपास की दुकानों के दरवाजे-खिड़कियां टूट गईं। कमसे कम 6 अन्य कारें व एक ई रिक्शा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। इलाके में दहशत फैल गई। धमाके की सटीक वजह अभी स्पष्ट नहीं हो सकी है। जानकारी के अनुसार यह विस्फोट हरियाणा नम्बर की i 20 कार के पिछले हिस्से में हुआ। इसमें तीन लोग सवार थे। गृह मंत्री अमित शाह एलएनजेपी हॉस्पिटल में घायलों का हाल जानने पहुंचे। घटनास्थल पर भी इनके जाने की सम्भावना है।

दिल्ली पुलिस और बम निरोधक दस्ते के अलावा अन्य सुरक्षा एजेंसियों की टीमें मौके पर पहुंचकर छानबीन में जुटी हुई हैं। सुरक्षा व्यवस्था को सतर्क कर दिया गया है। धमाके की वजह से कई बसों और अन्य वाहनों में भी आग लगी है।

जानकारी के मुताबिक, लाल किला मेट्रो स्टेशन के गेट नम्बर 1 के पास यह धमाका हुआ। मेट्रो स्टेशन के शीशे टूटने की भी जानकारी मिली है। दमकल विभाग का कहना है कि उन्हें कार में धमाके की कॉल मिली थी।

दिल्ली में धमाकों का ऐसा रहा इतिहास
25 मई 1996: लाजपत नगर सेंट्रल मार्केट में बम विस्फोट — कम-से-कम 16 लोगों की मृत्यु। 1 अक्तूबर 1997: सदर बाजार के पास दो बम विस्फोट-लगभग 30 घायल। 10 अक्तूबर 1997: शांतिवन, कोड़िया पुल एवं किंग्सवे केम्प इलाकों में तीन विस्फोट -1 की मौत, लगभग 16 घायल। 18 अक्तूबर 1997: रानी बाग मार्केट में दो विस्फोट -1 की मौत, लगभग 23 घायल। 26 अक्तूबर 1997: करोल बाग मार्केट में दो विस्फोट -1 की मौत, लगभग 34 घायल। 30 नवम्बर 1997: रेड फोर्ट क्षेत्र में दो विस्फोट-3 की मौत, 70 घायल।30 दिसम्बर 1997: पंजाबी बाग के पास बस में विस्फोट- 4 मरे, लगभग 30 घायल। 18 जून 2000: रेड फोर्ट के निकट दो शक्तिशाली विस्फोट -2 की मौत, लगभग दर्जनभर घायल।16 मार्च 2000: सदर बाज़ार में विस्फोट- 7 घायल। 27 फरवरी 2000: पहाड़गंज में विस्फोट- 8 घायल। 14 अप्रेल 2006: जामा मस्जिद प्रांगण में दो विस्फोट- कम से कम 14 घायल। 22 मई 2005: लिबर्टी एवं सत्यं सिनेमा हॉल में दो विस्फोट – 1 की मौत, लगभग 60 घायल। 29 अक्तूबर 2005: सारोजिनी नगर, पहाड़गंज व गोविंदपुरी में तीन विस्फोट – लगभग 59-62 मरे, 100+ घायल। 13 सितम्बर 2008: करोल बाग़ (गफ्फार मार्केट), कन्नॉट प्लेस व ग्रेटर कैलाश में 5 विस्फोट, कम से कम 20-30 व्यक्तियों की मौत, 90 से अधिक घायल। 27 सितम्बर 2008: मेहरौली के फ्लावर मार्केट में विस्फोट, 3 की मौत, 23 घायल। 25 मई 2011: दिल्ली हाईकोर्ट पार्किंग में विस्फोट-कोई मौत नहीं।


