एनसीआई@नई दिल्ली
जंतर-मंतर पर छात्र आंदोलन का हिस्सा रही और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के बारे में बेहद आपत्तिजनक बात कह कर देशभर में वायरल हुई निशु आजाद को सपोर्ट करने एनएसयूआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद जाखड़ शनिवार को उसके दिल्ली स्थित आवास पर पहुंचे। निशु सहित उसके परिवार से मुलाकात की। इस दौरान जाखड़ ने परिवार से पूरे मामले की जानकारी ली। साथ ही निशु के पिता पर हुए कथित हमले के बारे में बात की। जाखड़ ने परिवार से कहा कि, न्याय की लड़ाई में हरसंभव लोकतांत्रिक और कानूनी सहयोग दिया जाएगा।
एफआईआर दर्ज नहीं होने पर उठाए सवाल
एनएसयूआई की ओर से जारी बयान के मुताबिक, परिवार ने निशु के पिता पर कथित हमले और मामले में एफआईआर दर्ज नहीं किए जाने को लेकर अपनी बात रखी। एनएसयूआई ने आरोप लगाया कि आरोपी पर एफआईआर दर्ज नहीं होने से कानून-व्यवस्था और न्याय व्यवस्था से गम्भीर सवाल खड़े होते हैं।

‘निशु और उनका परिवार अकेला नहीं’
मुलाकात के बाद विनोद जाखड़ ने कहा कि निशु आजाद और उनका परिवार अकेला नहीं है। निशु के पिता से जुड़ी घटना और एफआईआर दर्ज नहीं होने की कथित स्थिति कानून के राज को लेकर गम्भीर सवाल खड़े करती है। किसी भी नागरिक को राजनीतिक दबाव के कारण न्याय और सुरक्षा से वंचित नहीं किया जाना चाहिए।
संवैधानिक अधिकारों का दिया हवाला
जाखड़ ने कहा कि भारतीय संविधान प्रत्येक नागरिक को समानता, सम्मान और न्याय का अधिकार देता है। उन्होंने कहा कि राजनीतिक या सरकारी दबाव में कानून के राज को कमजोर नहीं किया जा सकता। एनएसयूआई निशु आजाद और उनके परिवार के साथ मजबूती से खड़ा रहेगा और न्याय मिलने तक उनकी आवाज उठाता रहेगा।
राहुल गांधी के समर्थन का भी किया जिक्र
एनएसयूआई अध्यक्ष ने कहा कि कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी शुरुआत से ही निशु आजाद और उनके परिवार के साथ खड़े रहे हैं। उन्होंने दोहराया कि एनएसयूआई परिवार को हरसंभव लोकतांत्रिक और कानूनी सहायता उपलब्ध कराएगी।
निष्पक्ष जांच और सुरक्षा की मांग
एनएसयूआई ने मामले की निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच कराने की मांग की है। संगठन ने प्रभावित परिवार को पर्याप्त सुरक्षा देने और उन्हें न्याय दिलाने की भी मांग की। एनएसयूआई ने कहा कि वह इस मामले को लेकर लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज आगे भी उठाता रहेगा।
एनएसयूआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद जाखड़ राजस्थान और दिल्ली के एनएसयूआई कार्यकर्ताओं के साथ गाड़ियों के काफिले से यहां पहुंचे थे
घर पर पथराव का आरोप
शनिवार रात को निशु आजाद ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर कर आरोप लगाया था कि कुछ असामाजिक तत्वों ने उनके घर को घेर लिया और वहां ईंट-पत्थर फेंके। इसके बाद उन्होंने दिल्ली और गाजियाबाद पुलिस से अपने परिवार के लिए सुरक्षा की मांग की थी। वहीं, निशु के पड़ोसियों ने इस आरोप को पूरी तरह गलत बताया है।
विवाद की वजह
जंतर-मंतर पर हुए छात्र आंदोलन के दौरान निशु आजाद के पिता संजय आजाद पर कथित तौर पर हमला हुआ था। इसके आरोपी यूट्यूबर/कंटेंट क्रिएटर स्वतंत्र भारद्वाज को पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है।
