एनसीआई@बूंदी
त्योहारों पर मिठाइयों की बढ़ती मांग के बीच प्रशासन मिलावटखोरों पर नकेल कसने की कार्रवाई करता दिखने लगा है। इसी क्रम में जिला स्पेशल टीम (DST) ने गुरुवार को नमाना कस्बे के एक खेत में चल रहे नकली मावा और मिल्क केक के कारखाने पर छापा मारा। इस दौरान मौके से 1 हजार 84 किलो तैयार मावा और मिल्क केक के 355 डिब्बे बरामद हुए। इसके अलावा भारी मात्रा में सूजी, मिल्क केक बनाने में काम आने वाली सामग्री और पाम तेल भी मिला।
बरामद सामग्री को जांच के बाद मौके पर ही नष्ट कर दिया गया। पुलिस और खाद्य सुरक्षा विभाग कारखाने के संचालक से पूछताछ कर रहे हैं। साथ ही मिठाइयों के सेम्पल लेकर जांच के लिए भेजे गए। जबकि 1455 किलोग्राम खाद्य सामग्री को सीज किया गया।
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मौके से ये सामग्री हुई बरामद
जिला डीएसटी प्रभारी बहादुर सिंह गौड़ ने बताया कि इस कार्रवाई के दौरान कारखाने से बड़ी मात्रा में खाद्य सामग्री बरामद हुई है। मौके से 1 हजार 84 किलो मावा और मिल्क केक के 355 डिब्बे मिले। इसके अलावा 13 कट्टे सूजी तथा 16 कट्टे मिल्क केक बनाने की सामग्री और 7 पीपे पाम तेल भी बरामद किया गया। इतनी बड़ी मात्रा में सामग्री मिलने के बाद सम्बंधित विभागों ने कार्रवाई शुरू की। इस कार्रवाई के दौरान खाद्य सुरक्षा विभाग, सीएमएचओ कार्यालय की टीम, जिला रसद अधिकारी और नमाना थाना अधिकारी को भी मौके पर बुलाया गया। सम्बंधित टीमों की मौजूदगी में आवश्यक कार्रवाई कर बरामद सामग्री को नष्ट करवाया गया।
डीएसटी प्रभारी बहादुर सिंह ने बताया कि इस कारखाने में अलवर के करीब 10 कर्मचारियों के माध्यम से मावा तैयार कर मिल्क केक बनाया जा रहा था। इसमें मिलावटी सामग्री का इस्तेमाल करने की आशंका है। बरामद मावे और मिल्क केक में किस तरह की मिलावट थी, इसकी आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। आगामी त्योहारों के दौरान मिठाइयों की खपत बढ़ने से इस कारखाने में तैयार हो रही सामग्री की बाजार में आपूर्ति की आशंका को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।

सीएमएचओ ने यह बताया
सीएमएचओ डॉ. ओपी सामर ने बताया- जिले में मिलावटखोरी रोकने के लिए टीमें गठित की गई हैं। विभिन्न स्थानों पर संचालित कारखानों की जांच करवाई जा रही है। जहां भी सूचना मिलती है, वहां टीम भेजकर कार्रवाई की जाती है। उन्होंने बताया कि आने वाले दिनों में भी यह अभियान जारी रहेगा। मावा भंडारों, मिठाई बनाने वाले कारखानों और अन्य प्रतिष्ठानों पर निगरानी रखी जा रही है।
