बूंदी: बेटा ही निकला सेवानिवृत्त अध्यापिका का हत्यारा, गिरफ्तार
एनसीआई@बूंदी
कुछ दिन पूर्व नैनवां कस्बे में रहने वाली एक रिटायर्ड अध्यापिका की हत्या का पुलिस ने आज पर्दाफाश करते हुए उसके दत्तक पुत्र चंदू उर्फ चंद्रप्रकाश को गिरफ्तार कर लिया। इसने अपनी मां की हत्या करना कबूल भी कर लिया है।
जिला पुलिस अधीक्षक शिवराज मीना ने बताया कि 5 जुलाई को थाना नैनवां पर सूचना मिली कि लोहड़ी चोहटी, बघेरवालों का नोहरा के पास रहने वाली रिटायर्ड अध्यापिका शांताबाई के मकान से बदबू आ रही है। वह तीन-चार दिन से घर पर नजर भी नहीं आ रही थीं। इस सूचना पर थाना प्रभारी बृजभान सिंह मय जाब्ते के मौके पर पहुंचे। आगे के कमरे के अंदर से लगा ताला तोड़कर अंदर जाकर देखा तो बेडरूम में चद्दर से बंधी हुई शांताबाई की लाश मिली। इस पर पुलिस उप अधीक्षक वृत्त नैनवां ने पहुंचकर घटनास्थल का निरीक्षण कर थाना प्रभारी को आवश्यक दिशा निर्देश दिए। साथ ही आरोपियों की तलाश के लिए पुलिस टीम गठित कर प्रयास शुरू कर दिए। आज शनिवार को इस मामले में मृतका के शांताबाई के दत्तक पुत्र चंदू उर्फ चंद्र प्रकाश सोनी को गिरफ्तार कर इसका पर्दाफाश कर दिया।
इस मामले में शांताबाई के भतीजे कुलदीप पुत्र पुरुषोत्तम सोनी ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसे आईपीसी की धारा 302 व 201 के तहत दर्ज कर अनुसंधान शुरू किया गया।
जिला पुलिस अधीक्षक शिवराज मीना ने बताया कि आरोपी की गिरफ्तारी के लिए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक किशोरी लाल व पुलिस उप अधीक्षक वृत्त नैनवां कैलाश चंद्र जाट के सुपरविजन में थाना अधिकारी नैनवां, पुलिस निरीक्षक बृजभान सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम का गठन कर शीघ्रता शीघ्र मामले का पर्दाफाश कर आरोपी को गिरफ्तार करने के निर्देश दिए थे।
जिला पुलिस अधीक्षक मीना ने बताया कि अनुसंधान में सामने आया कि शांताबाई ने चंदू उर्फ चंद्र प्रकाश को कोटा अनाथ आश्रम से गोद लिया था, यह आपराधिक प्रवृत्ति का था। शांताबाई की उससे कहासुनी होती रहती थी। 2 जुलाई को शांताबाई का यह दत्तक पुत्र चंदू नैनवां आया था। यह फिलहाल भीलवाड़ा रहता है। इस पर उसकी तलाश के लिए एक पुलिस टीम को भीलवाड़ा रवाना किया गया। इसी दौरान यह भी पता चला कि शांताबाई का एक मकान जवाहर नगर बूंदी में भी है। इस पर एक अन्य टीम को वहां भेजा। पता चला कि चंदू 5 जुलाई को जवाहर नगर से मकान खाली कर के गया है। इस बीच शांताबाई और चंदू के मोबाइल नम्बरों की सीडीआर प्राप्त कर विश्लेषण किया गया। थाना अधिकारी के नेतृत्व में टीम गठित कर 9 जुलाई को संदीप चंदू उर्फ चंद्र प्रकाश पुत्र स्वर्गीय रामस्वरूप सुनार, उम्र 26 वर्ष को मंडपिया छापर, जिला भीलवाड़ा के एक किराए के मकान से दस्तयाब कर अनुसंधान किया गया। इसमें चंदू ने अपनी मां शांताबाई से कहासुनी होने व हाथापाई करने पर झगड़ा होने तथा इस दौरान शांताबाई के गिरने से बेहोश होने की बात कही। साथ ही यह भी स्वीकार किया कि इसी बीच उसने शांताबाई का गला दबाकर मार दिया तथा लाश को कहीं और ले जाकर डालने की नियत से उसे चद्दर में बांधा। पुलिस इस मामले में और भी अनुसंधान कर रही है।
यह थे पुलिस टीम में शामिल
थानाधिकारी नैनवां, पुलिस निरीक्षक बृजभान सिंह, राकेश डूडी हेड कांस्टेबल, राजेंद्र कांस्टेबल, सत्यनारायण कांस्टेबल आसूचना अधिकारी, बंशीधर, खुशीराम कांस्टेबल थाना नैनवां व टीकमचंद हेड कांस्टेबल, साइबर सेल जिला बूंदी
