April 17, 2026

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महिला मरीज की मौत के बाद केस दर्ज हुआ तो महिला डॉक्टर ने किया सुसाइड

महिला मरीज की मौत के बाद केस दर्ज हुआ तो महिला डॉक्टर ने किया सुसाइड

महिला डिलीवरी के लिए भर्ती हुई थी, हत्या का मामला दर्ज होने से डिप्रेशन में थीं डॉक्टर

एनसीआई@दौसा

डिलीवरी के दौरान महिला की मौत के बाद प्राइवेट हॉस्पिटल की डॉक्टर ने सुसाइड कर लिया। महिला की मौत पर परिजन हंगामा कर रहे थे। डॉक्टर के खिलाफ हत्या का मामला भी दर्ज कराया था। डॉक्टर डिप्रेशन में आ गई थी। मंगलवार सुबह 11 बजे महिला डॉक्टर ने फंदा लगाकर सुसाइड कर लिया। मामला दौसा जिले के लालसोट का है।

डॉ. अर्चना शर्मा (42) और उनके पति डॉ. सुनीत उपाध्याय (45) का लालसोट में ही आनंद हॉस्पिटल है। लालसोट के खेमावास निवासी लालूराम बैरवा अपनी पत्नी आशा देवी (22) को डिलीवरी के लिए सोमवार सुबह हॉस्पिटल लेकर आया था। दोपहर में डिलीवरी के दौरान आशा की मौत हो गई थी, वहीं नवजात सकुशल है। दूसरी ओर परिजनों ने मुआवजे की मांग को लेकर देर रात ढाई बजे तक हॉस्पिटल के बाहर प्रदर्शन किया। इसी के साथ लालसोट थाने में रिपोर्ट दी थी। इस पर डॉ. अर्चना शर्मा के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया गया था। माना जा रहा है कि इससे वह डिप्रेशन में आ गईं थीं।

8 साल से हॉस्पिटल चला रहे थे डॉक्टर दम्पती

डॉ. अर्चना शर्मा महिला रोग विशेषज्ञ (gynologist) थीं, वहीं पति डॉ. सुनीत उपाध्याय न्यूरो साइक्रेट्रिस्ट हैं। यह डॉक्टर दम्पती 8 साल से हॉस्पिटल चला रहे थे। हॉस्पिटल के डॉक्टर्स का कहना था कि ज्यादा ब्लड बहने से आशा की मौत हुई थी, जबकि परिजन हत्या का आरोप लगा रहे थे। महिला डॉक्टर की परिजन वंदना शर्मा ने बताया कि वह सुबह करीब 11 बजे तीसरी मंजिल पर स्थित डॉक्टर डॉ. अर्चना शर्मा के पास गईं तो कमरे का दरवाजा अंदर से बंद था। इस पर दरवाजा खटखटाया व आवाज लगाई, लेकिन कोई जवाब नहीं आया। इस पर अर्चना के पति को यह बात बताई। तब उन्होंने आकर दरवाजा खोलने का प्रयास किया, मगर नहीं खुला तो धक्का मारकर उसे खोला गया। कमरे में अंदर डॉ. अर्चना फंदे पर लटकी हुई मिलीं।

सुसाइड नोट मिला

डॉ. अर्चना शर्मा ने आत्महत्या करने से पहले सुसाइड नोट लिख दिया था। इसमें उन्होंने लिखा है कि, मैं मेरे पति और बच्चों से बहुत प्यार करती हूं। कृपया मेरे मरने के बाद इन्हें परेशान मत करना। मैंने कोई गलती नहीं की, ना ही किसी को मारा है। पीपीएच एक नॉन कॉप्लीकेशन है । इसके लिए डॉक्टर को इतना प्रताड़ित करना बंद करो। मेरा मरना शायद मेरी बेगुनाही साबित कर दे। Don’t harass doctors (डॉक्टरों को प्रताड़ित मत करो)। सुसाइड नोट के अंत में लिखा है कि, मेरे बच्चों को मां की कमी महसूस नहीं होने देना। नीचे डॉक्टर के हस्ताक्षर हैं।





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