पीएम किसान सम्मान निधि: 12 करोड़ किसानों को मिली राहत, ई-केवाईसी की तिथि बढ़ाई
एनसीआई@नई दिल्ली
पीएम किसान सम्मान निधि के सम्बन्ध में उन किसानों के लिए बहुत राहत भरी खबर सामने आई है, जिन्होंने अभी तक ई-केवाईसी नहीं कराई है। उल्लेखनीय है कि पीएम किसान सम्मान निधि योजना के तहत लाभार्थी किसानों को ई-केवाईसी कराना अनिवार्य कर दिया है। वहीं कई किसान ऐसे हैं जो केवाईसी कराने की अंतिम तिथि 31 मार्च 2022 तक भी ई-केवाईसी नहीं करा पाए थे। इन किसानों को ये चिंता सता रही थी कि यदि ई-केवाईसी नहीं कराई तो हमारी किश्त अटक जाएगी। मगर अब इनके लिए चिंता की बात नहीं है, सरकार ने केवाईसी कराने की अंतिम तिथि बढ़ाकर 22 मई 2022 कर दी है। अब किसान इस तिथि तक अपनी ई-केवाईसी की प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं।
12 करोड़ किसानों को मिली राहत
उल्लेखनीय है कि पीएम किसान सम्मान निधि योजना से देश के करीब 12 करोड़ किसान जुड़े हुए हैं। सरकार की ओर से केवाईसी की तिथि बढऩे से किसानों को राहत मिली है। अब चूंकि सरकार ने दो माह का अतिरिक्त समय किसानों को ई-केवाईसी की प्रक्रिया को पूरा करने के लिए दे दिया है। ऐसे में किसानों को राहत मिली है और वे इत्मीनान से ई-केवाईसी करा सकेंगे।
ई-केवाईसी के लिए ये दस्तावेज हैं जरूरी
ई-केवाईसी के लिए किसानों को कुछ महत्वपूर्ण दस्तावेजों की आवश्यकता होती है। इनमें किसानों का पहचान पत्र, पते के सबूत के लिए राशन कार्ड, वोटर आईडी, ड्राइविंग लाइसेंस व पैन कार्ड में से किसी एक की आवश्यकता होगी। गौरतलब है कि पैन कार्ड सिर्फ आइडेंटिटी प्रूफ होता है। इसमें पता नहीं होता है, लेकिन बाकी के डॉक्यूमेंट में आप अपने एड्रेस को भी वेरिफाई कर सकते हैं। ये सभी डॉक्यूमेंट केवाईसी दस्तावेज कहलाते हैं।
ई-केवाईसी करने का यह है तरीका तरीका-
•ई-केवाईसी के लिए सबसे पहले आपको पीएम किसान की आधिकारिक वेबसाइट https://pmkisan.gov.in/ पर जाना होगा।
•यहां दायीं और आपको फार्मर्स कॉर्नर दिखाई देगा।
फार्मर्स कॉर्नर के पास ही ई-केवाईसी का लिंक दिया गया है, उस पर क्लिक करना होगा।
•अब आपको अपना आधार नम्बर टाइप करना होगा।
आधार नम्बर डालने के बाद इमेज कोड एंटर करें और सर्च पर क्लिक कर दें।
•अब आधार से लिंक मोबाइल नम्बर पर ओटीपी आएगा, उसे एंटर करें।
•अगर आपके द्वारा दी गई सारी जानकारियां सही हैं तो ओटीपी एंटर करते ही ई-केवाईसी पूरा हो जाएगा।
यदि आपका मोबाइल नम्बर आधार से लिंक नहीं है तो यह काम करें-
•ई-केवाईसी के लिए आपका मोबाइल नम्बर आधार से लिंक होना चाहिए। यदि ऐसा नहीं है तो आपको इसके लिए सीएससी सेंटर जाकर ई-केवाईसी करानी होगी। वहींं, आधार कार्ड से सम्बंधित कोई समस्या है तो इसके लिए आपको अपने नजदीकी आधार सेवा केन्द्र से सम्पर्क करना होगा।
पीएम किसान सम्मान निधि के लाभार्थियों के लिए ई-केवाईसी इसलिए है जरूरी-
केवाईसी का मतलब होता है ग्राहक को पहचानना। यानि बैंक अपने ग्राहक की पहचान करता है, जिसे सेवाओं का लाभ मिल रहा है। इसी तरह पीएम किसान सम्मान निधि के तहत योजना से जुड़े लाभार्थी किसानों की पहचान का काम ई-केवाईसी के माध्यम से किया जा रहा है। ई-केवाईसी कराने का सबसे बड़ा फायदा है कि सही पात्र व्यक्ति को योजना का लाभ मिल सकेगा। उल्लेखनीय है कि कई लोगों ने किसान न होते हुए भी इस योजना में अपना नाम जुड़वाकर फर्जी तरीके से इसका फायदा उठाया। जब ये बात सरकार को पता चली तो उसने ऐसे लोगों पर कार्रवाई शुरू कर दी और योजना से जुड़े किसानों के लिए ई-केवाईसी को अनिवार्य कर दिया, ताकि वास्तविक पात्र किसान को ही इस योजना का लाभ मिल सके।
इन लोगों को नहीं मिलता पीएम किसान सम्मान निधि का लाभ-
•पीएम किसान सम्मान निधि योजना का लाभ लेने के लिए किसान के नाम खेती की जमीन होनी चाहिए। •यदि कोई किसान खेती कर रहा है, लेकिन खेत उसके नाम नहीं है, तो वह लाभार्थी नहीं होगा।
•यदि खेत उसके पिता या दादा के नाम है तो भी पीएम किसान योजना का फायदा नहीं उठा सकते।
•अगर कोई खेती की जमीन का मालिक है, लेकिन वह सरकारी कर्मचारी है या रिटायर हो चुका है तो भी वह इस योजना का पात्र नहीं माना जाएगा।
•यदि कोई व्यक्ति खेत का मालिक है, लेकिन उसे 10 हजार रुपए महीने से अधिक पेंशन मिलती है, तो वह भी इस योजना का लाभ नहीं उठा सकता है।
•आयकर देने वाले परिवारों को भी इस योजना का फायदा नहीं मिलेगा।
•वर्तमान या पूर्व सांसद, विधायक, मंत्री, पीएम किसान योजना का लाभ नहीं ले सकते हैं।
•इसके अलावा प्रोफेशनल रजिस्टर्ड डॉक्टर, इंजिनीयर, वकील, चार्टर्ड अकाउंटेंट या इनके परिवार के लोग भी इस योजना का लाभ नहीं ले सकते हैं।
पीएम किसान सम्मान निधि योजना के बारे में-
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि भारत सरकार की महत्वपूर्ण योजनाओं में से एक योजना है। इसे 1 दिसम्बर 2018 से लागू किया गया था। इस योजना के तहत छोटे और सीमांत किसानों को आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। इस योजना के माध्यम से किसानों को प्रति वर्ष 6 हजार रुपए की राशि बतौर आर्थिक सहायता के रूप में प्रदान की जाती है। ये राशि हर चार माह के अंतराल में 2-2 हजार की तीन किश्तों में किसानों के खातों में सीधा ट्रांसफर की जाती है।
