April 17, 2026

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चांदना की पेशकश को गहलोत ने गम्भीरता से नहीं लिया, दी यह प्रतिक्रिया, अन्य कांग्रेसियों के बयान भी जानें

चांदना की पेशकश को गहलोत ने गम्भीरता से नहीं लिया, दी यह प्रतिक्रिया, अन्य कांग्रेसियों के बयान भी जानें

एनसीआई@जयपुर

राजस्थान में सियासी बवाल थमने का नाम नहीं ले रहा है।‌ अब गहलोत सरकार के खेल मंत्री अशोक चांदना ने इस्तीफे की पेशकश कर दी है। उन्होंने एक ट्वीट करते हुए मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से पद मुक्त करने की मांग की है। माना जा रहा है कि चांदना सीएम के प्रमुख सचिव कुलदीप रांका से नाराज हैं।उन्होंने अपने ट्वीट में अपने विभाग की सारी जिम्मेदारी रांका को‌ ही सौंपे जाने की बात भी कही है। इस पर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत सहित कांग्रेस और बीजेपी के प्रमुख नेताओं की जो प्रतिक्रियाएं आई हैं, वह इस प्रकार हैं-

सीएम गहलोत ने यह कहा

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने सफाई देते हुए कहा कि,’ चांदना ने किस वजह से यह कहा, अभी उनसे बात नहीं हुई है। हो सकता है कि वह कुछ टेंशन में हों। हाल ही में उन्होंने एक बड़ा कार्यक्रम करवाया था। ‌अब फिर उन्हें ग्रामीण खेल करवाने हैं। इसमें 30 लाख लोग शामिल होंगे। इसके लिए काफी बड़ा बजट आवंटित किया गया है। इसकी जिम्मेदारी अशोक चांदना पर ही है। ‌ हो सकता है इसी तनाव में आकर उन्होंने ऐसा बयान दे दिया हो।

आचार्य प्रमोद कृष्णम का तीखा वार

 

प्रियंका गांधी के नजदीकियों में शामिल कांग्रेस नेता आचार्य प्रमोद कृष्णम ने भी चांदना के बहाने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत पर निशाना साधा है। उन्होंने चांदना के इस्तीफे की पेशकश वाले ट्वीट को रिट्वीट करते हुए लिखा है कि, ‘खराबी ‘इंजन’ में है और आप ‘डिब्बे’ बदलने की बात कर रहे हो।’ यहां इंजन से आचार्य प्रमोद कृष्णम का सीधा मतलब सीएम अशोक गहलोत से है। वह गहलोत विरोधी माने जाते हैं।

दरअसल, चांदना ने मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव कुलदीप रांका पर सभी विभागों पर कब्जे का आरोप जड़ते हुए कहा कि सभी विभाग वही चला रहे हैं तो फिर उनके मंत्री रहने का क्या मतलब। उन्हें जलालत से मुक्त करें।

बिधूड़ी बोले थे-पुलिस है हावी

ब्यूरोक्रेसी से सिर्फ चांदना ही नाराज नहीं हैं। एक दिन पहले ही कांग्रेस विधायक राजेन्द्र बिधूड़ी ने आरोप लगाया था कि पुलिस हावी है। जनता और कांग्रेस कार्यकर्ताओं की सुनवाई नहीं हो रही है। यही नहीं उन्होंने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत पर आरोप लगाते हुए कहा था कि वह मेरिट भर्ती परीक्षा के घोटाले की सीबीआई जांच से इसलिए डर रहे हैं कि कहीं उनके एक नजदीकी मंत्री जेल न चले जाएं।

सीएम के सलाहकार ने ही साधा निशाना

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के सलाहकार संयम लोढ़ा ने भी गृहमंत्री (यह चार्ज गहलोत के पास ही है) का नाम लेकर परोक्ष रूप से उन पर निशाना साधा था। उन्होंने कहा कि विधानसभा में मामला उठाने के बावजूद गृह मंत्रालय और पुलिस एक मामले में कार्रवाई नहीं कर रही है और निर्दोष को फंसा रही है।

खाचरियावास की ठंडी फुहार

खाद्य नागरिक आपूर्ति मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास ने कहा कि, जो व्यक्ति अपने अधिकारों के लिए नहीं लड़ सकता, वह दूसरों को क्या न्याय दिलाएगा।  मंत्री-विधायक की बात सुनी जानी चाहिए।

घोघरा सीधे उतरे गहलोत के विरोध में

इससे पहले राज्यसभा चुनाव में दावेदारी के मसले पर कांग्रेस विधायक गणेश घोघरा ने दिल्ली में पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव केसी वेणुगोपाल से डूंगरपुर के जिला अध्यक्ष की शिकायत की और कहा कि पार्टी किसी भी कीमत पर  जिला अध्यक्ष  दिनेश खोडनिया को टिकट न दे। खोडनिया  मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के नजदीकी हैं व राज्यसभा टिकट के दावेदार माने जा रहे हैं। गणेश घोघरा विधायक पद से भी इस्तीफा दे चुके हैं, हालांकि अभी तक उनका इस्तीफा मंजूर नहीं हुआ है।‌ घोघरा इस्तीफा वापस लेने को तैयार नहीं हैं।

राष्ट्रीय सचिव धीरज गुर्जर का तगड़ा वार

राजस्थान सीड कॉरपोरेशन के चेयरमैन और कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव धीरज गुर्जर ने भी गहलोत सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने अफसरशाही पर हमला बोलते हुए कहा कि, अफसर सरकार की कब्र खोद रहे हैं।‌ धीरज गुर्जर उत्तर प्रदेश में प्रियंका गांधी के साथ कांग्रेस के सह प्रभारी हैं।

आचार्य प्रमोद कृष्णम ने धीरज गुर्जर के ट्वीट पर लिखा कि, राजस्थान में सच बोलना गुनाह है। आपको भी सचिन पायलट समर्थक मान लिया जाएगा।

उप नेता प्रतिपक्ष राठौड़ का सटीक निशाना

राजस्थान के उपनेता प्रतिपक्ष और वरिष्ठ बीजेपी नेता राजेन्द्र राठौड़ ने इस मामले पर गहलोत सरकार को घेरते हुए अपनी प्रतिक्रिया में कहा, “एक मंत्री कोई बात कहता है तो ये माना जाता है कि मंत्रीमंडल का सामूहिक रूप से यह कहना है। कांग्रेस की सत्ता में इतने छेद हो गए हैं कि पानी बहुत तेजी से भर रहा है।‌ गणेश घोघरा हो या एक के बाद एक, इस प्रकार की आपाधापी का वातावरण बना हुआ है। सरकार में जनप्रतिनिधि घुटनों पर रेंग रहे हैं।‌ अपमान की राजनीति चरम पर है। सचिन पायलट के जो हालात हैं, सीएम ने खुद कहा था मैने एक साल तक उनसे संवाद नहीं किया है। अशोक चांदना ने मंत्री पद को जलालत भरा बताया है।

मंत्री शकुंतला रावत ने बैलेंस करने की कोशिश की

गहलोत सरकार की मंत्री शकुंतला रावत ने चांदना वाले मसले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, ‘छोटी-मोटी बातें हो जाती हैं। चांदना साब ने जो कहा है, वो बैठकर बात करनी चाहिए। हर आदमी अपने तरीके से करता है। सीएम का जो काम करने का तरीका है, जिस तरीके से बजट पेश किया, शायद राजस्थान में ऐसा बजट नहीं आया है कभी। किस तरीके से कहा है, मेरी जानकारी में नहीं है। मैं कोई टिप्पणी नहीं करना चाहती। किसी का अगर कोई काम नहीं होता है तो ब्यूरोक्रेसी कौनसी अलग मशीनरी होती है, वो भी अपने आदमी होते हैं।’

चांदना ने धारा 370 हटाने का किया था स्वागत

राजस्थान सरकार में मंत्री अशोक चांदना ने मंगलवार को केंद्र सरकार द्वारा धारा 370 हटाने का स्वागत किया। उन्होंने ट्वीट कर प्रतिक्रिया व्यक्त की। उन्होंने लिखा कि यह मेरी निजी राय है। जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 हटाना सरकार का पहला फैसला है, जिसका मैं स्वागत करता हूं। अशोक चांदना राजस्थान सरकार में खेल मंत्री हैं।

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