April 25, 2026

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300 रुपए में मकान किराए पर देगी सरकार, 10 साल रहने के बाद खरीद भी सकेंगे

300 रुपए में मकान किराए पर देगी सरकार, 10 साल रहने के बाद खरीद भी सकेंगे

एनसीआई@जयपुर

राज्य की राजधानी जयपुर सहित अलवर, पाली, अजमेर आदि शहरों में अफोर्डेबल हाउसिंग स्कीम और राजीव गांधी पुनर्वास योजना के तहत बनाए गए हजारों मकान खाली पड़े हैं। शहरी इलाके से बाहर बने होने के कारण इन्हें लेने में लोगों ने दिलचस्पी नहीं दिखाई है। इसके चलते अब ये मकान खंडहर में तब्दील होते जा रहे हैं। इनके रख-रखाव पर भी सरकार को मोटी रकम खर्च करनी पड़ रही है। इस समस्या से निपटने के लिए सरकार ने अहम निर्णय लिया है। मल्टी स्टोरी ये ईडब्ल्यूएस-एलआईजी फ्लेट्स 200-300 रुपए प्रति महीना के किराए पर दिए जाएंगे। इसकी तैयारी में अधिकारी लग गए हैं। इसके लिए गाइड लाइन तैयार करने के बाद आवेदन मांगे जाएंगे।

डीएलबी (डायरेक्टोरेट ऑफ लोकल बॉडी) डायरेक्टर ह्रदेश शर्मा ने बताया- पिछले दिनों जयपुर जेडीए (जयपुर विकास प्राधिकरण) सहित प्रदेश के दूसरे शहरों की यूआईटी (नगर सुधार न्यास), विकास प्राधिकरण और निकायों ने एक प्रस्ताव बनाकर इन मकानों को बेचने की गाइड लाइन बनाने के लिए सरकार से मांग की थी। इस पर उच्च स्तर पर काफी चर्चा के बाद इन मकानों को किराये पर देने का फैसला किया गया, ताकि मकानों का रखरखाव भी हो सके और उनका उपयोग भी हाे सके।

गरीबों के लिए बनाए गए थे मकान

राजस्थान में जितने भी मकान खाली पड़े हैं, उसमें आधी संख्या से ज्यादा मकान गहलोत सरकार ने अपने पिछले कार्यकाल में बनवाए थे। तब सरकार ने गरीब तबके के लिए अफोर्डेबल हाउसिंग पॉलिसी लॉन्च करके आवास विकास संस्थान के जरिए प्रदेशभर में निजी बिल्डर्स से ये फ्लेट्स बनवाए थे। उस समय भी ये शहर की सीमा से बहुत दूर थे। इस कारण इनके लिए आवेदन बहुत कम आए थे।
कच्ची बस्ती के लोगों को करना था शिफ्ट

अफोर्डेबल हाउसिंग पॉलिसी के तहत बने ईडब्ल्यूएस, एलआईजी के मकानों के अलावा गहलोत सरकार ने जयपुर में बड़ी संख्या में राजीव गांधी आवास योजना के तहत मकान बनाए थे। जवाहर नगर, कठपुतली नगर (22 गोदाम) सहित अन्य जगहों पर बड़ी संख्या में कच्ची बस्तियों के परिवारों को इन मकानों में शिफ्ट करना था। जेडीए ये काम नहीं कर पाया। इस कारण अब ये मकान भी खाली पड़े खंडहर में तब्दील हो रहे हैं।

3 लाख तक सालाना आय वालों को मिलेगा

ये मकान 3 लाख रुपए तक की सालाना आय वाले परिवारों को किराए पर दिए जाएंगे। इसके साथ ही सरकार ने ये प्रावधान भी रखा है कि अगर कोई किराएदार 10 साल तक मकान में रहता है। उससे मकान का बकाया पैसा लेकर यह उसे हमेशा के लिए दे दिया जाएगा।

वन और टू बीएचके के हैं फ्लेट

सरकार जिन मकानों को किराए पर दे रही है, वे वन और टू बीएचके के हैं। ईडब्ल्यूएस केटेगिरी के फ्लेट्स वन बीएचके के हैं। इनका सुपर बिल्टअप एरिया करीब 380 वर्गफीट है। एलआईजी के टू-बीएचके फ्लेट्स का बिल्टअप एरिया करीब 500 से 550 वर्गफीट का है। डीएलबी डायरेक्टर ह्रदेश शर्मा ने बताया कि इनके लिए आवेदन कब से लिए जाएंगे, यह अभी तय नहीं है। इसके लिए पूरी नियमावली बनेगी, इसके बाद ही प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। अगर तय संख्या से ज्यादा आवेदन आएंगे तो आवंटन लॉटरी के माध्यम से होगा।

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