April 25, 2026

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हॉस्टल की छठी मंजिल पर दोस्तों से बात करते समय बैलेंस बिगड़ा, जाली तोड़ते हुए नीचे गिरा छात्र, मौत

हॉस्टल की छठी मंजिल पर दोस्तों से बात करते समय बैलेंस बिगड़ा, जाली तोड़ते हुए नीचे गिरा छात्र, मौत

एनसीआई@कोटा

जवाहर नगर इलाके में एक हॉस्टल में रहकर नीट की तैयारी कर रहे कोचिंग छात्र की छठी मंजिल से गिरने से मौत हो गई। यह छात्र अपने दोस्तों के साथ बालकनी में बैठा हुआ था। जब ये अपने कमरे की तरफ जाने लगे तो उसका बैलेंस बिगड़ गया और वह जाली तोड़ता हुआ नीचे गिर गया।

डीएसपी अमर सिंह ने बताया कि मृतक इशांशु भट्टाचार्य(20) धुपगुरी, जलपाईगुड़ी (पश्चिम बंगाल) का रहना वाला था। वह कोटा के जवाहर नगर इलाके में वात्सल्य रेजीडेंसी हॉस्टल की छठी मंजिल पर कमरा लेकर रहता था। वह यहां नीट की तैयारी कर रहा था।
वह गत वर्ष अगस्त माह में हॉस्टल में आया था। गुरुवार रात 11.15 बजे अपने तीन दोस्तों के साथ बालकनी में बैठा हुआ था। कुछ देर बाद चारों दोस्त उठकर जाने लगे। इसी दौरान इशांशु भी उठकर चप्पल पहनने लगा तो उसका बैलेंस बिगड़ गया। इससे वह बालकनी में एक तरफ लगी जाली को तोड़ता हुए नीचे जा गिरा। इससे उसकी मौत हो गई। उसके परिजनों को सूचित कर शव को महाराव भीमसिंह अस्पताल के पोस्टमॉर्टम रूम में रखवा दिया गया है। उनके आने के बाद ही पोस्टमार्टम करवाया जाएगा।

डीएसपी अमर सिंह ने बताया कि हादसे की जानकारी लगते ही दूसरे स्टूडेंट भी मौके पर पहुंच गए थे। छात्र को तलवंडी स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती करवाया गया, लेकिन वहां उसे मृत घोषित कर दिया गया। इतनी ऊंचाई से गिरने की वजह से स्टूडेंट का चेहरा बिगड़ गया था।

लगी हुई हैं एल्यूमिनियम की कमजोर जालियां

वात्सल्य रेजीडेंसी हॉस्टल दस मंजिला है। इसकी हर मंजिल की बालकनी में एल्यूमीनियम की जालियां लगाई हुई हैं। साथ ही बालकनी में बैठने की जगह भी है। होस्टल संचालकों ने यहां पर फर्श और जाली के बीच बहुत कम जगह छोड़ी हुई है। यहां लगी हुई एल्यूमिनियम की जालियां भी काफी कमजोर हैं। ऐसे में इनके हल्के से झटके से ही टूट कर गिरने का डर रहता है। इस प्रकार हॉस्टल मालिक की यह लापरवाही बच्चे के परिवार के लिए भारी पड़ गई।

मोबाइल गेम खेल रहे थे दोस्त

इशांशु के दोस्त अभिषेक ने बताया कि हम लोग बैठकर मोबाइल में गेम खेल रहे थे, ताकि थोड़ा रिलेक्स हो सकें। गेम खत्म होने के बाद आपस में बातें करने लगे। इसके बाद वापस पढ़ाई करने के लिए कमरे में जाने के लिए खड़े हो हुए। हम बालकनी से गेट की तरफ आ गए। इसी दौरान इशांशु अचानक नीचे गिर गया। मैं चिल्लाया और नीचे गया। हॉस्टल के और बच्चे भी नीचे आ गए थे। इशांशु के सिर से खून निकल रहा था। उसकी सांस बहुत तेज-तेज चल रही थी। यानी सांस उखड़ ही रही थी। अब इसमें गलती किसकी है, क्या है, यह तो मैं क्या कहूं। हमारा दोस्त चला गया।

निजी अस्पताल में भर्ती करने से किया इनकार

छात्र के दोस्त अभिषेक ने बताया- हादसे के तुरंत बाद इशांशु को लेकर दादाबाड़ी स्थित पारीक अस्पताल पहुंचे। इशांशु को स्ट्रेचर पर लेटा कर अंदर ले जाने लगे, लेकिन वहां के स्टाफ ने उसे एडमिट करने से ही मना कर दिया। स्टाफ ने कहा- बच्चे का इलाज यहां नहीं होगा। अगर उसे समय रहते वहां इलाज मिल जाता तो थोड़ी बहुत संभावना उसके बचने की रहती।

पारीक हॉस्पिटल के डॉक्टर केके पारीक ने बताया- बच्चे को गम्भीर हालत में हमारे यहां लेकर आए थे। उसका सिर फटा हुआ था। हमारे अस्पताल में न्यूरो सर्जन की व्यवस्था नहीं है। इसलिए बच्चे को हायर हेल्थ इंस्टीट्यूट में रेफर कर दिया गया था, ताकि उसे जल्द से जल्द सही उपचार मिल सके।

घटना का सीसीटीवी फुटेज पुलिस के पास

डीएसपी अमर सिंह ने कहा- सुसाइड का मामला नहीं है। घटना का सीसीटीवी फुटेज भी है। इसमें बच्चा असंतुलित होकर नीचे गिरता हुआ नजर आ रहा है।

5 दिन पहले एक स्टूडेंट चौथी मंजिल से कूदा था

शहर के विज्ञान नगर इलाके में 5 जनवरी को महाराष्ट्र निवासी एक कोचिंग स्टूडेंट ने सुसाइड का प्रयास किया था। स्टूडेंट हॉस्टल की चौथी मंजिल की बालकनी से नीचे कूद गया था। गम्भीर हालत में उसे प्राइवेट हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। उसका इलाज जारी है। इस घटना का भी वीडियो फुटेज सामने आया था।

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