दृश्यम मूवी देखकर गर्ल फ्रेंड के टुकड़े किए, पत्नी से बोला- मारकर गाड़ दिया
एनसीआई@नागौर
शादीशुदा गर्लफ्रेंड की जिद से परेशान होकर प्रेमी ने उसके टुकड़े-टुकड़े कर दिए। हत्या से पहले कई दिन तक आरोपी ने दृश्यम मूवी और दूसरी कई क्राइम सीरीज देखी।पुलिस की गिरफ्त में आने के बाद भी वह लगातार अधिकारियों को गुमराह कर रहा है।
इसके चलते जुर्म कबूल करने के 6 दिन बीतने के बाद भी महिला की डेड बॉडी नहीं मिली है।इस पर पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपी से सच्चाई उगलवाने के लिए उसका नार्काे टेस्ट करवाया जाएगा।
दरअसल, नागौर के रीको एरिया में 2 फरवरी को एक महिला के कुछ कपड़े और बॉडी पार्ट्स मिले थे। पुलिस ने जब जांच शुरू की तो सामने आया कि ये कपड़े और शरीर के हिस्से 22 जनवरी को गायब हुई मुंडासर गांव की रहने वाली गुड्डी (30) के हैं।
महिला के परिवार ने 24 जनवरी को इस सम्बन्ध में एक शिकायत दी थी, लेकिन परिवार का आरोप है कि पुलिस ने इसे गम्भीरता से नहीं लिया। हालांकि, बाद में डेरवा गांव (नागौर) से गुड्डी के प्रेमी अनोपा राम जाट को हिरासत में ले लिया गया।
पुलिस को उलझाता रहा
3 फरवरी, शुक्रवार को श्रीबालाजी पुलिस की कस्टडी में अनोपा राम ने कबूल किया कि- 22 जनवरी को सुबह 10 बजे भदवासी बस स्टेंड से मैं गुड्डी को बाइक पर नागौर शहर की तरफ लेकर गया। मैंने केन्द्रीय विद्यालय के पीछे ले जाकर औजार से उसका मर्डर कर झाड़ियों में फेंक दिया। उसने बताया कि गुड्डी उस पर शादी का दबाव बना रही थी, इसलिए मार डाला।
उसकी निशानदेही पर 50 पुलिसकर्मी, एक स्निफर डॉग और एफएसएल की टीम ने 2 किलोमीटर एरिया में सर्च ऑपरेशन चलाकर खाक छानी। यह वही एरिया था, जहां महिला के कपड़े मिले थे। कई घंटे चले सर्च अभियान में पुलिस को कुछ नहीं मिला। अनोपा राम से पुलिस सात दिन से पूछताछ कर रही है, लेकिन अब तक उसने सच्चाई नहीं बताई है।

पत्नी से बोला- गाड़ दिया था
पुलिस को अनोपा राम ने बताया कि उसी ने मर्डर किया। हालांकि वह पुलिस को ये नहीं बताया कि डेड बॉडी है कहां। पुलिस ने सख्ती की तो एक के बाद एक तीन बयान दिए। हर बार पुलिस आरोपी के बताए पते पर पहुंची और वहां से खाली हाथ लौट आई।
लेकिन, जब पुलिस ने आखिर में आरोपी की पत्नी को सामने किया तो आरोपी ने पत्नी को भी बोला- गर्लफ्रेंड को कुएं में नहीं फेंका था, उसे गाड़ दिया। इधर, पुलिस 6 दिन से तलाश में जुटी है, लेकिन अभी तक आरोपी से डेड बॉडी के बारे में जानकारी नहीं उगलवा पाई है।
मर्डर से पहले देखी क्राइम सीरीज
अभी तक हुई प्रारम्भिक जांच में पुलिस लगातार आरोपी से शव के बारे में जानकारी जुटा रही है, लेकिन जब शव बरामद नहीं हुआ तो आखिर आरोपी को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे 11 फरवरी तक पुलिस रिमांड पर लिया गया है। पड़ताल में सामने आया कि मर्डर से पहले आरोपी ने कई क्राइम सीरीज देखी थी। मोबाइल पर दृश्यम मूवी भी देखी और इसके बाद गुड्डी का मर्डर प्लान किया। मर्डर से लेकर उसका शव ठिकाने लगाने तक का प्लान उसे क्राइम सीरीज से मिला।
यही कारण रहा कि पुलिस ने 2 किलोमीटर तक झाड़ियों में एसएफएल एक्सपर्ट और स्निफर डॉग की मदद से सर्च ऑपरेशन चलाया और कभी 308 फीट के गहरे संकरे कुएं में दिल्ली-अजमेर से आई एनडीआरएफ-एसडीआरएफ की टीमों को उतारा, लेकिन पुलिस को सफलता नहीं मिली।

गौरतलब है कि 30 साल की गुड्डी को आखिरी बार अनोपा राम के साथ बाइक पर देखा गया था। इसके बाद उसके कपड़े-जूतियां, जबड़ा और कुछ हडि्डयां मिली हैं, जिन्हें डीएनए टेस्ट के लिए भिजवाया गया है।
आठवीं पास है हत्यारा
नागौर के डेरवा (नागौर) गांव में कारपेंटर का काम करने वाले अनोपा राम की 2020 में शादी हुई थी। पत्नी बीएड है और भर्ती परीक्षा की तैयारी कर रही है। कारपेंटर के काम से वह गांव-गांव जाता रहता था। इसी दौरान उसकी मुलाकात मुंडासर (नागौर) गांव में रहने वाली शादीशुदा महिला गुड्डी (30) से हुई।
अनोपा और गुड्डी दोनों नि:संतान थे। गुड्डी की शादी 10 साल पहले मुंडासर के किसना राम से हुई थी। अनोपा और गुड्डी एक दूसरे को दिल दे बैठे। गुड्डी ससुराल मुंडासर से अपने पीहर बालासर आती-जाती तो अनोपा राम से मिलती थी।
नागौर पुलिस को दी जानकारी के मुताबिक कई साल से दोनों का अफेयर चल रहा था। वह चाहती थी कि अनोपा राम अपनी पत्नी को छोड़ दे और उसके साथ शादी कर ले।गुड्डी लगातार उस पर शादी करने का दबाव बढ़ाती चली गई। परेशान होकर अनोपा राम ने तय किया कि वह गुड्डी को रास्ते से हटा देगा।
फोन नहीं आया तो ढूंढना शुरू किया
गुड्डी के पिता मूलाराम के अनुसार गुड्डी बालासर से अपने ससुराल मुंडासर और बुटाटी धाम जाने की कहकर अकेली निकली थी। 22 जनवरी की शाम तक गुड्डी के अपने ससुराल पहुंचने का फोन नहीं आया। मूलाराम ने बेटी को फोन लगाया। गुड्डी का फोन स्विच ऑफ था। मूलाराम ने दामाद किसना राम को फोन लगाया। किसना राम ने कहा- गुड्डी तो घर नहीं आई। उसने कई परिचितों को फोन लगाया। लेकिन गुड्डी का पता नहीं लग पाया।
दो दिन तक मूलाराम अपनी बेटी और किसना राम अपनी पत्नी को ढूंढते रहे। तब गांव के ही रहने वाले एक ग्रामीण नेनूराम से पता चला कि उसने गुड्डी को अनोपा राम के साथ बाइक पर जाते देखा था। 24 जनवरी को गुड्डी का पिता मूलाराम गांव के कुछ लोगों के साथ श्रीबालाजी थाने पहुंचा। उसने गुड्डी के लापता होने की शिकायत दर्ज कराई।
बालासर गांव की धुंधवालों की ढाणी के सरपंच भंवरलाल गोदारा भी मूलाराम के साथ थे। भंवरलाल ने कहा कि सरपंच होने के नाते जांच अधिकारी से पूछा तो कहा- यहां तो यह (लापता होना) चलता रहता है।
सूत्रों के मुताबिक बालासर गांव में अधिकतर लोगों को गुड्डी और अनोपा राम के अफेयर का पता था। गुड्डी लापता हुई तो शक हुआ कि वह अनोपा राम के साथ भाग गई है, लेकिन अनोपा राम तो अपने गांव डेरवा में था। वह रोजमर्रा की तरह अपनी जिंदगी जी रहा था। ऐसे में सवाल यही था कि गुड्डी अनोपा राम के साथ नहीं भागी तो गई कहां।
पुलिस ने अनोपा राम से सख्ती से पूछताछ की तो उसने नई कहानी बनाई- 22 जनवरी को गुड्डी का रीको एरिया में मर्डर करने के बाद 7वें दिन मैं वापस उसी जगह गया। मैंने गुड्डी के शरीर के अवशेष को बोरे में भरा और बाइक पर ले जाकर डेरवा गांव के कुएं में पटक दिया।
कुएं से पानी के सिवा कुछ नहीं निकला
इसके बाद अनोपा राम के बयान के मुताबिक पुलिस डेरवा गांव में उस पुराने जर्जर 308 फीट गहरे कुएं तक भी पहुंच गई जो चारों तरफ से टीलों से घिरा था। पुलिस ने 3, 4 और 5 फरवरी तक कुएं में सर्च अभियान चलाया।

इसके लिए बीकानेर से मोटर मंगवाकर पानी निकाला गया। अजमेर से एसडीआरएफ की टीम के 12 सदस्यों को बुलाया गया। उन्हें जब सफलता नहीं मिली तो दिल्ली से एनडीआरएफ की 20 लोगों की टीम को बुलाया। तीन दिन तक पुलिस कुएं में ही उलझी रही, लेकिन कुएं से पानी के अलावा कुछ नहीं निकला।
डेरवा गांव में कुएं में सर्च ऑपरेशन के दौरान एनडीआरएफ, एसडीआरएफ के 32 जवानों के अलावा बड़ी तादाद में पुलिस व अन्य जांच एजेंसियों के अधिकारी रहे, लेकिन उन्हें डेडबॉडी नहीं मिली।
अब बोला- जहां मारा था, वहीं दफना दिया
सोमवार 6 फरवरी को पुलिस ने डेरवा गांव के कुएं में सर्च अभियान खत्म कर दिया। अब अनोपा राम तीसरा झूठ बोल रहा है। उसने नई कहानी गढ़ी है। उसका कहना है कि न फेंका, न कुएं में डाला, उसने गुड्डी का शव जमीन में गाड़ दिया है।
सोमवार को दिए बयान में अनोपा राम ने कहा कि वारदात के 7 दिन बाद वह वापस मौके पर पहुंचा और गुड्डी के शव को वहीं दफना दिया। हालांकि, उसके बयान पर पुलिस अब भी शव की तलाश कर रही है, लेकिन यह भी जान चुकी है कि आरोपी पुलिस को भटका रहा है।
एसपी बोले- नार्को टेस्ट करवाएंगे
नागौर एसपी राममूर्ति जोशी ने बताया- वारदात करने के बाद अनोपा राम ने 4 दिन तक मोबाइल फोन को बंद रखा। फिर सिम पोर्ट करा ली। उसके कब्जे से गुड्डी का मोबाइल व जेवरात बरामद हो गए हैं। साइबर एक्सपर्ट दोनों के मोबाइल खंगाल रहे हैं।
अनोपा राम के दोस्तों व सम्बन्धियों के बारे में पड़ताल कर रहे हैं। जोशी ने कहा कि मामले की जांच दो एएसपी सहित कई अधिकारी कर रहे हैं। जल्द ही सामान्य तरीके एवं तकनीकी अनुसंधान से सफलता नहीं मिलती है तो कोर्ट से नार्को व पॉलीग्राफ टेस्ट की अनुमति लेकर आरोपी से पूछताछ की जाएगी। नागौर एएसपी राजेश मीणा का कहना है कि आरोपी गुड्डी मर्डर से पहले गुड्डी को बुटाटी धाम लेकर गया था।
11 फरवरी तक रिमांड पर
सीओ विनोद कुमार सीपा ने कहा- आरोपी बड़ा शातिर है। कपड़े-बाल और जेवरात सहित गुड्डी का मोबाइल मिल चुका है। मारने की बात भी उसने स्वीकार कर ली है, शव बताने को लेकर उलझा रहा है। उम्मीद है जल्द बताएगा। पिछले 5 दिन से वह लगातार पुलिस कस्टडी में है। पुलिस ने सोमवार को आरोपी को कोर्ट में पेश किया था, जहां से उसे 11 फरवरी तक रिमांड पर लिया है।
नागौर एएसपी राजेश मीना ने बताया- अनोपा राम से अब तक हुई पूछताछ में साफ हो चुका है कि गुड्डी का मर्डर उसी ने किया है। पुलिस को ऐसे सबूत भी मिले हैं, जिससे हत्या की पुष्टि होती है। गुड्डी के लापता होने से अब तक सीसीटीवी में भी आरोपी आता-जाता दिखा है।

डेड बॉडी नहीं मिली तो क्या अनोपा राम बरी हो सकता है ?
सबसे बड़ा सवाल यही है, क्या अनोपा राम का पुलिस कुछ नहीं बिगाड़ सकती। क्योंकि गुड्डी की डेडबॉडी नहीं मिली है।
जवाब है- नहीं, गुड्डी की डेड बॉडी अगर नहीं भी मिले तब भी अनोपा राम पर मर्डर का केस चल सकता है, बशर्ते मौके से मिली हड्डी और जबड़े के डीएनए टेस्ट में वह गुड्डी का होना पाया जाए। ऐसे में उसे ही डेड बॉडी मानकर अनोपा राम को दोषी साबित किया जा सकता है। बाकी सारे सबूत और उसका कबूलनामा उसके खिलाफ है ही।
