सत्रीया नृत्य में कहानियों के साथ दी देवी-देवताओं की मनभावन प्रस्तुतियां
एलबीएस स्कूल में हुआ स्पीक मैके का आयोजन
एनसीआई@कोटा
एलबीएस स्कूल के प्रांगण में स्पीक मैके की ओर से शास्त्रीय ‘सत्रीया नृत्य’ का आयोजन किया गया। इसमें शास्त्रीय नृत्यांगना डॉ. अन्वेशा महंता एवं साथी कलाकारों ने शास्त्रीय सतरिया नृत्य की मनभावन प्रस्तुति दी। इसमें कहानियों के माध्यम से भगवान शंकर, भगवान श्री राम, मां दुर्गा, सरस्वती देवी, मां सीता आदि की प्रस्तुतियां दी गईं। एलबीएस शिक्षण संस्थान के चेयरमैन कुलदीप माथुर ने यह जानकारी दी।

माथुर ने बताया कि स्पीक मैके संस्थान का उद्देश्य देश की भावी पीढ़ी को प्राचीन भारतीय संगीत व कला से परिचित करा कर इससे जोड़ना है। इस आयोजन के दौरान बच्चों को सम्बन्धित कला की विशेषताएं व बारीकियां भी समझाई जाती हैं। साथ ही भाव भंगिमाओं का यथासंभव अभ्यास भी कराया जाता है।
कार्यक्रम के प्रारम्भ में एलबीएस स्कूल के चेयरमैन कुलदीप माथुर, निदेशक योगेन्द्र माथुर, प्राचार्य जसपिंदर साहनी व एचओडी सुरेन्द्र नागर ने कलाकारों का माला पहनाकर स्वागत और अभिनंदन किया। इस मौके पर स्कूल के विद्यार्थियों के अलावा शिक्षक भी मौजूद रहे।
उल्लेखनीय है कि सत्रीया नृत्य, आठ मुख्य भारतीय शास्त्रीय नृत्य परम्पराओं में से एक है। यह नृत्य असम का शास्त्रीय नृत्य है। वर्ष 2000 में इस नृत्य को भारत के आठ शास्त्रीय नृत्यों में सम्मिलित होने का गौरव प्राप्त हुआ। इस नृत्य के संस्थापक महान संत श्रीमनता शंकरदेव हैं।
