April 18, 2026

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उद्घाटन पर बोले पीएम मोदी: नई संसद के कण-कण में ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ के दर्शन, वहीं कांग्रेस नेता का ट्वीट रहा चर्चा में

उद्घाटन पर बोले पीएम मोदी: नई संसद के कण-कण में ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ के दर्शन, वहीं कांग्रेस नेता का ट्वीट रहा चर्चा में

एनसीआई@नई दिल्ली

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज रविवार को नए संसद भवन का उद्घाटन किया। इस नए संसद भवन का उद्घाटन वैदिक विधि विधान के साथ किया गया। वहीं, इस अवसर पर विभिन्न धर्मों के प्रमुख लोग भी मौजूद रहे। पीएम मोदी ने लोकसभा में स्पीकर की कुर्सी के पास राजदंड सेंगोल की भी स्थापना की। इससे पहले शनिवार को तमिलनाडु के चेन्नई से धर्मपुरम अधीनम के 21 संत दिल्ली पहुंचे। उद्घाटन की पूर्व संध्या पर अधीनम के इन महंतों ने मंत्रोच्चार के बीच सुनहरा राजदंड (सेंगोल) प्रधानमंत्री को सौंपा था। संतों ने मोदी को एक विशेष तोहफा भी दिया। मोदी ने संतों से आशीर्वाद लिया और उनका अभिनंदन किया।

नई संसद भवन से पीएम मोदी बोले- सेंगोल को मिला उचित सम्मान

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने संसद के नए भवन को 140 करोड़ भारतीय नागरिकों की आकांक्षाओं और सपनों का प्रतिबिंब करार देते हुए रविवार को कहा कि यह इमारत समय की मांग थी और इसके कण-कण से ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ के दर्शन होते हैं। उन्होंने संसद के नए भवन का उद्घाटन करने के बाद यह भी कहा कि लोकसभा अध्यक्ष की पीठ के निकट स्थापित ‘राजदंड’ (सेंगोल) सभी को प्रेरणा देता रहेगा। प्रधानमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि संसद के नए भवन का कण-कण गरीब को समर्पित है।

देवता पुष्प बरसा रहे और गधे चिल्लाने लगे’, नई संसद के उद्घाटन पर कांग्रेस नेता का ट्वीट

भव्य और अत्याधुनिक संसद भवन भारत की उभरती आकांक्षाओं और जरूरतों के हिसाब हुए बना है। इसके उद्घाटन कार्यक्रम का 20 विपक्षी दलों ने बहिष्कार किया। वहीं, 25 से अधिक दलों ने कार्यक्रम में हिस्सा लिया। नई संसद भवन के उद्घाटन के मौके पर जहां विपक्षी दलों ने भाजपा पर हमला बोला तो दूसरी ओर वरिष्ठ कांग्रेस नेता आचार्य प्रमोद कृष्णम का ट्वीट चर्चा का विषय बना रहा। उनका यह ट्वीट खूब वायरल हो रहा है। उन्होंने लिखा है- देवता पुष्प बरसाने लगे और गधे चिल्लाने लगे।

नई संसद की जरूरत क्यों हुई? हरिवंश ने बताया, नीतीश ने भी पूछा था सवाल 

राज्य सभा के उप सभापति हरिवंश ने इस अवसर पर अपने सम्बोधन में कहा, ”हमारा वर्तमान संसद भवन देश की लोकतांत्रिक गतिविधियों का जीवंत केंद्र रहा है। हमारी प्रगति का मार्गदर्शक रहा है। यह भवन भारत की स्वतंत्रता प्राप्ति तथा संविधान निर्माण से लेकर हमारी गौरवशाली लोकतांत्रिक यात्रा के दौरान अनेक ऐतिहासिक घटनाओं का साक्षी रहा है।”

हरिवंश ने आगे कहा -“आने वाले वर्षों में परिसीमन के कारण सदस्यों की संख्या में बढ़ोतरी की सम्भावना एवं संसद की बढ़ती जिम्मेदारियों को देखते हुए वर्तमान संसद भवन में स्थान का अभाव महसूस किया जा रहा था। संसद के दोनों सदनों के सदस्यों ने प्रधानमंत्री से एक नए भवन के निर्माण का आग्रह किया था।”

राष्ट्रपति का संदेश-पीएम ने नए संसद भवन का उद्घाटन किया, इस बात का संतोष

जिस मुद्दे पर विपक्ष भाजपा पर नई संसद भवन के उद्घाटन को राजनीति से जोड़ रहा था, उसका दांव उसी पर उलटा पड़ गया है। राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का संदेश पढ़कर सुनाया। राष्ट्रपति का संदेश पढ़ते हुए उन्होंने पढ़ा कि इस बात का संतोष है कि नए संसद भवन का उद्घाटन पीएम नरेन्द्र मोदी कर रहे हैं।

नई संसद ने 60 हजार मजदूरों को रोजगार दिया

संसद भवन ने करीब 60,000 श्रमिकों को रोजगार देने का काम किया है। इनके श्रम को समर्पित एक डिजिटल गैलेरी भी बनाई गई है। आज जब हम लोकसभा और राज्यसभा को देखकर उत्सव मना रहे हैं तो मुझे संतोष है कि हमने देश में 30,000 से ज़्यादा नए पंचायत भवन भी बनाए हैं। पंचायत भवन से लेकर संसद भवन तक हमारी निष्ठा एक ही है।

4 करोड़ से अधिक घर बनाने का संतोष भी है

नई संसद भवन के उद्घाटन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपनी सरकार के 9 साल के कार्यकाल की रिपोर्ट भी पेश की। उन्होंने कहा-आज मुझे देश में गरीबों के लिए 4 करोड़ से अधिक घर बनने का भी संतोष है। आज जब हम उत्सव मना रहे हैं तो मुझे संतोष है कि हमने देश में 30 हजार से अधिक पंचायत भवन बनाए हैं।

नई संसद भवन में विरासत भी है और वास्तु भी

नए संसद भवन में विरासत भी है और वास्तु भी है। कला भी है और कौशल भी है। लोकसभा का आंतरिक हिस्सा राष्ट्रीय पक्षी मोर पर आधारित है। राज्यसभा का आंतरिक हिस्सा राष्ट्रीय पुष्प कमल पर आधारित है। संसद भवन परिसर में बरगद का पेड़ है। नई संसद में एक भारत, श्रेष्ठ भारत की छवि है।

नए रास्तों पर चलकर ही नए प्रतिमान गढ़े जाते हैं

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा, ”यह नया भवन हमारे स्वतंत्रता सेनानियों के सपनों को साकार करने का साधन बनेगा। यह नया भवन आत्मनिर्भर भारत के सूर्योदय का साक्षी बनेगा। यह नया भवन विकसित भारत के संकल्पों की सिद्धी होते हुए देखेगा। नए रास्तों पर चलकर ही नए प्रतिमान गढ़े जाते हैं। आज नया भारत नए लक्ष्य तय कर रहा है। नया जोश है, नई उमंग है, दिशा नई है, दृष्टि नई है।”

नई संसद को पहली बार सम्बोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा, “गुलामी के बाद भारत ने बहुत कुछ खोकर अपनी नई यात्रा शुरू की थी। यह यात्रा चुनौतियों को पार करते हुए आजादी के अमृत काल में प्रवेश कर चुकी है।”

सेंगोल को कर्तव्य पथ का प्रतीक माना जाता था

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इस मौके पर कहा, “जब भारत आगे बढ़ता है तो विश्व आगे बढ़ता है। संसद का नया भवन भारत के विकास से विश्व के विकास का आह्वान करेगा। इस ऐतिहासिक अवसर पर संसद की इस नई इमारत में पवित्र सेंगोल की स्थापना हुई है। महान चोल साम्राज्य ने सेंगोल को कर्तव्य पथ, सेवा पथ का प्रतीक माना जाता था।”

आत्मनिर्भर भारत के सूर्योदय का साक्षी बनेगा नया संसद भवन

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा, “नया भवन हमारे स्वतंत्रता सेनानियों के सपनों को साकार करने का माध्यम बनेगा। यह आत्मनिर्भर भारत के सूर्योदय का साक्षी बनेगा। यह विकसित भारत के संकल्पों की सिद्धी होते हुए देखेगा।” उन्होंने कहा, “नए रास्तों पर चलकर नए प्रतिमान गढ़े जाते हैं। आज नया भारत नया लक्ष्य तय कर रहा है।”

नए संसद भवन के उद्घाटन के मौके पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देश को सम्बोधित करते हुए कहा, “हर देश की विकास यात्रा में कुछ पल ऐसे आते हैं जो हमेशा के लिए अमर हो जाते हैं। आज 28 मई 2023 का यह दिन एक शुभ अवसर है। देश आजादी के 75 वर्ष होने पर अमृत महोत्सव मना रहा है। भारत के लोगों ने अपने लोकतंत्र को संसद के इस नए भवन का उपहार दिया है।’

नई संसद में पढ़ा गया उपराष्ट्रपति का संदेश

नए संसद भवन के उद्घाटन के अवसर पर उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के संदेश को पढ़ते हुए राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश नारायण सिंह ने कहा, ”भारतीय लोकतंत्र की अभूतपूर्व विकास यात्रा की इस महत्वपूर्ण ऐतिहासिक घड़ी और गौरव क्षण में मुझे पूरे देश को बधाई देते हुए बहुत खुशी है… मुझे यकीन है कि इस अमृत काल में बना नया संसद भवन आगे भी हमारे विकास का साक्षी रहेगा।”

हरिवंश ने किया नई संसद में अतिथियों का स्वागत

राज्यसभा के उपसभापति और जेडीयू सांसद हरिवंश नारायण सिंह ने इस मौके पर स्वागत भाषण दिया। उन्होंने कहा, ‘संसद के इस नए भवन को देश को समर्पित करने के अवसर पर आप सभी का स्वागत करना गौरवशाली क्षण है। इसके लिए समस्त देशवासियों की तरफ से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का हार्दिक धन्यवाद और अभिनंदन।’

तालियों की गड़गड़ाहट से पीएम मोदी का स्वागत

देश के नए संसद भवन में जब प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पहुंचे तो उनका तालियों से स्वागत किया गया। इस दौरान सदन में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवगौड़ा, पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद सहित कई अतिथि मौजूद रहे।

सर्व धर्म प्रार्थना सभा
सर्व धर्म प्रार्थना सभा

 

सर्व धर्म प्रार्थना सभा
सर्व धर्म प्रार्थना सभा

भव्य और वैदिक महत्व वाला है भवन

जानकारों का मानना है कि नया संसद भवन बेहद भव्य और वैदिक-धार्मिक महत्व वाला है। नए संसद भवन को सेंट्रल विस्टा परियोजना के तहत बनाया गया है। इसमें लोकसभा की 888 सीटों को राष्ट्रीय पक्षी मोर की आकृति दी गई है, वहीं, राज्यसभा की 348 सीटों को राष्ट्रीय पुष्प कमल की तरह बनाया गया है। जबकि, तीसरे मुख्य हिस्से संयुक्त सत्र के लिए 1272 सीटों वाला वृहद हॉल बनाया गया है।

लोकसभा में सेंगोल की स्थापना

सुबह संसद भवन के उद्घाटन समारोह की शुरुआत पूजा और हवन से हुई। इस दौरान सेंगोल की भी पूजा की गई। इसके बाद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने लोकसभा में स्पीकर की कुर्सी के पास सेंगोल को स्थापित किया। इससे पहले उसकी पूजा-अर्चना की गई। पीएम मोदी ने इसे साष्टांग प्रणाम भी किया। साथ ही उन्होंने वहां मौजूद साधुओं से आशीर्वाद लिया। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के साथ लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने भी पूजा की। पूरा वातावरण वैदिक मंत्रोच्चारण से गूंज उठा।

नई संसद भवन का आकार त्रिभुजाकार क्यों?

971 करोड़ रुपए की लागत से निर्मित, नया संसद भवन भारत की प्रगति का प्रतीक है और सेंट्रल विस्टा पुनर्विकास परियोजना का हिस्सा है। नए संसद भवन को पुराने भवन के बजाय त्रिभुजाकार में बनाया गया है। इस आकार का वैदिक संस्कृति और तंत्रशास्त्र से गहरा नाता है।

नई संसद गुलामी की मानसिकता से मुक्ति के हमारे राष्ट्रीय संकल्प का प्रतीक: उपराष्ट्रपति धनखड़

उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने ट्वीट किया- “नई संसद गुलामी की मानसिकता से मुक्ति के हमारे राष्ट्रीय संकल्प का प्रतीक है। मुझे पूरा यकीन है कि नया संसद भवन आगे भी हमारी प्रगति का साक्षी रहेगा। नई संसद हमारी शाश्वत धाराओं का प्रतीक है।”

 

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