राहुल की टिप्पणी से मुस्लिम लीग ‘गदगद’, कहा- हम उनके बयान का स्वागत करते हैं, यह उनका अनुभव है
एनसीआई@नई दिल्ली
राहुल गांधी इन दिनों अमेरिका के दौरे पर हैं लेकिन उनके बयानों से देश में राजनीति गर्मा गई है। उन्होंने अमेरिका में कहा था कि मुस्लिम लीग एक धर्मनिरपेक्ष पार्टी है। इसके बाद इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (एम) ने राहुल गांधी के बयान का स्वागत किया और कहा कि राहुल गांधी का दावा उनकी पार्टी के अनुभव से आया है।
आईयूएमएल के महासचिव पीके कुन्हालीकुट्टी ने दावा किया कि भाजपा ने तीन दशक पहले बाबरी मस्जिद के विध्वंस के बाद अल्पसंख्यक समुदाय को गुमराह करने की कोशिश की। इसके बाद मुसलमानों को सही रास्ते पर लाने के लिए मुस्लिम लीग की भूमिका रही। फेसबुक पर उन्होंने लिखा कि राहुल गांधी का बयान कि मुस्लिम लीग एक धर्मनिरपेक्ष पार्टी है, उनकी पार्टी के अनुभव पर आधारित है। हम इसे बड़ी जिम्मेदारी के साथ देखते हैं। कांग्रेस के साथ मुस्लिम लीग का घनिष्ठ सम्बन्ध इंदिरा गांधी के दिनों से है।
भाजपा ने साधा निशाना
केन्द्रीय मंत्री किरण रिजिजू ने कहा कि जिस मोहम्मद अली जिन्ना की पार्टी मुस्लिम लीग ने भारत का धर्म के आधार पर बंटवारा किया, उसे भारत के नेता सेकुलर पार्टी बताते हैं। बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि मुस्लिम लीग को सेकुलर बताने वाले नेता को कुछ लोग अब भी मानते हैं। भाजपा नेता अमित मालवीय ने भी ट्वीट करते हुए कहा कि भारत और पाकिस्तान के बटावरे के लिए जिन्ना की अध्यक्षता वाली मुस्लिम लीग जिम्मेदार थी। बंटवारा धर्म के आधार पर किया गया था। राहुल गांधी कम पढ़े लिखे हैं या शायद वायनाड में टिके रहने के लिए उन्होंने ऐसे बयान दिए।
यह है पूरा मामला
केरल में कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूडीएफ में इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग एक सहयोगी पार्टी है। अयोग्य होने से पहले राहुल गांधी केरल के वायनाड से सांसद थे। वाशिंगटन डीसी के राष्ट्रीय प्रेस क्लब में राहुल गांधी से मुस्लिम लीग के साथ कांग्रेस के गठबंधन पर सवाल पूछा गया था। इसका जवाब देते हुए गांधी ने कहा कि मुस्लिम लीग पूर्ण रूप से एक धर्मनिरपेक्ष पार्टी है। पार्टी में नोन-सेकुलर जैसा कुछ भी नहीं है। राहुल ने कहा कि जिस व्यक्ति ने सवाल भेजा है पूछने के लिए, शायद उसने मुस्लिम लीग को पढ़ा नहीं है।
