दो दिन पहले जयपुर में आयोजित कांग्रेस के मौन सत्याग्रह में सूत कातते केसावत।
भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने जयपुर और सीकर में बड़ी कार्रवाई करते हुए कांग्रेस नेता एवं घुमंतू बोर्ड के पूर्व चेयरमैन गोपाल केसावत को लाखों रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों दबोच लिया। केसावत को चेयरमैन रहते हुए राज्य मंत्री का दर्जा प्राप्त था। इस कार्रवाई के बाद राजस्थान की राजनीति गर्मा गई है। आरपीएससी की परीक्षा में पास करवाने के लिए आरोपियों ने परिवादी से 40 लाख रुपए मांगी थी घूस।
एनसीआई@जयपुर
राजस्थान में एसीबी (ACB) ने भ्रष्टाचार के खिलाफ शनिवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए कांग्रेस नेता एवं घुमंतू बोर्ड के पूर्व चेयरमैन गोपाल केसावत सहित चार लोगों को साढ़े सात लाख रुपए रिश्वत लेते गिरफ्तार किया है। केसावत को घुमंतू बोर्ड के पूर्व चेयरमैन रहते हुए राज्यमंत्री का दर्जा प्राप्त था। एसीबी की इस कार्रवाई के बाद राज्य की राजनीति में हड़कम्प मच गया। आरोपी परिवादी से साढ़े 18 लाख रुपए एक दिन पहले ही वसूल चुके थे। रिश्वत की यह राशि आरपीएससी की ओर से आयोजित की गई ईओ भर्ती परीक्षा को लेकर ली गई थी। केसावत दो दिन पहले ही कांग्रेस के मौन सत्याग्रह में सूत कातते नजर आए थे।
एसीबी के कार्यवाहक डीजी हेमंत प्रियदर्शी के निर्देश पर यह कार्रवाई की गई। प्रियदर्शी ने बताया कि रिश्वत की यह राशि राजस्थान लोक सेवा आयोग अजमेर की ओर से आयोजित ईओ की भर्ती के नाम पर मांगी गई थी। आरोपियों ने इसके लिए 40 लाख रुपए की रिश्वत मांगी थी। इस सम्बन्ध में परिवादी ने सीकर एसीबी में शिकायत में दर्ज कराई थी। शिकायत प्राप्त होने के बाद ब्यूरो ने जब इसकी सत्यता जांची तो वह सही पाई गई। ब्यूरो के सत्यापन में 25 लाख रुपए रिश्वत मांगने की बात प्रमाणित हो गई।
पहले सीकर और फिर जयपुर में हुई कार्रवाई
इस पर ब्यूरो ने बाद में आरोपियों को रंगे हाथों पकड़ने के लिए अपना पुख्ता जाल बिछाया। इसके बाद सीकर और जयपुर एसीबी ने मिलकर इस पूरी कार्रवाई को अंजाम दिया। ब्यूरो की टीम ने शुक्रवार रात को सीकर में दलाल अनिल कुमार धरेन्द्र और ब्रह्मप्रकाश को साढ़े 18 लाख रुपए लेते हुए दबोचा लिया था। उसके बाद उसी रात दलाल रविन्द्र को साढ़े सात लाख रुपए लेते हुए पकड़ा। इस पूरी कार्रवाई को गुप्त रखा गया। मामले की कड़ी से कड़ी जुड़ने के बाद एसीबी की टीम ने शनिवार को पूर्व राज्यमंत्री गोपाल केसावत को भी गिरफ्तार कर लिया।
ओएमआर शीट बदलवाने के नाम पर ली थी रिश्वत
आरोपियों ने रिश्वत की यह राशि आरपीएससी की ओर से आयोजित अधिशाषी अधिकारी भर्ती परीक्षा में पास करवाने और ओएमआर शीट बदलवाने के नाम पर ली थी। एसीबी की इस कार्रवाई के बाद सूबे की राजनीति भी गर्मा गई। उल्लेखनीय है कि राजस्थान में इससे पहले शिक्षक भर्ती पेपर लीकर के मामले में काफी हंगामा हो चुका है। उस मामले में एसओजी ने आरपीएससी के सदस्य को गिरफ्तार किया था। शिक्षक भर्ती पेपर लीक मामले में गहलोत सरकार अभी भी चौतरफा घिरी हुई है। अब इस नए मामले से प्रदेश की राजनीति में भूचाल सा आने के पूरे आसार हैं।