राजस्थान: उप सरपंच और उसके दो साथियों ने पुजारी की नाबालिग बेटी से रेप कर अश्लील वीडियो से ब्लैकमेल किया, परेशान होकर लड़की ने कर ली आत्महत्या
एनसीआई@उदयपुर
उप सरपंच और उसके 2 अन्य साथियों के द्वारा रेप करने के बाद अश्लील वीडियो बनाकर ब्लैकमेल किए जाने से परेशान नाबालिग लड़की ने आत्महत्या कर ली। आरोपी, पीड़ित लड़की के मोबाइल पर उसके अश्लील वीडियो और फोटो भेजकर उसे ब्लैकमेल करने लगे थे। लड़की के आत्महत्या करने के बाद परिवार वालों ने उसके मोबाइल की जांच की तब जाकर इस बात का खुलासा हुआ। घर वालों ने उप सरपंच सहित उसके 2 अन्य साथियों के खिलाफ रेप और सुसाइड के लिए उकसाने का आरोप लगाते हुए मुकदमा दर्ज कराया है। यह मामला उदयपुर के सायरा इलाके का है।
5 अगस्त को किया था सुसाइड
सायरा थानाधिकारी प्रवीण सिंह ने बताया कि 5 अगस्त को सायरा थाना क्षेत्र के एक गांव में 16 साल की लड़की ने सुसाइड कर लिया था। वह 10वीं की स्टूडेंट थी। लड़की के पिता गांव के ही मंदिर पर पुजारी हैं। पिता ने रिपोर्ट में बताया है कि 5 अगस्त को बेटी ने जहर खा लिया था। पड़ोसियों से जानकारी मिली कि उनकी बेटी बाड़े में बेहोश पड़ी है। आनन-फानन में उसे हॉस्पिटल ले जा रहे थे, मगर रास्ते में ही उसने दम तोड़ दिया। इसके अगले दिन 6 अगस्त को उसकी संदिग्ध मौत की सायरा थाने में रिपोर्ट दी थी, मगर तब इस रिपोर्ट में रेप का जिक्र नहीं था।
मोबाइल देखकर उड़े होश
इसके बाद 8 अगस्त को लड़की के पुजारी पिता ने थाने में दूसरी रिपोर्ट दी। इसमें पिता ने उप सरपंच शंकर सिंह पुत्र नाथू सिंह राजपूत, दीपक (20 ) पुत्र हरीश सुथार और तखतराम (25) पुत्र नवलराम गायरी के खिलाफ उनकी पुत्री से रेप करने और सुसाइड के लिए उकसाने का मामला दर्ज करवाया। पिता ने रिपोर्ट में कहा है कि 7 अगस्त को लड़की का मोबाइल देखा तो उसमें उसके अश्लील वीडियो और फोटो मिले। ये वीडियो और फोटो इन्हीं तीनों आरोपियों ने भेजे थे। वीडियो-फोटो वायरल करने की बार-बार धमकी भी दी गई थी।
राष्ट्रीय महिला आयोग ने डीजीपी से मांगी रिपोर्ट
राष्ट्रीय महिला आयोग ने बुधवार को इस केस का संज्ञान लिया। आयोग ने इस मामले को लेकर ट्वीट भी किया है। इसके बाद यह मामला सबके सामने आया है। राष्ट्रीय महिला आयोग ने ट्वीट किया-उदयपुर में नाबालिग के साथ हुए रेप और हत्या वाली घटना से आहत हैं। राजस्थान में महिलाओं के प्रति अपराध बढ़ रहे हैं। इस मामले में डीजीपी को लेटर लिख 5 दिन में रिपोर्ट देने के लिए कहा गया है।
‘उदयपुर की बेटी मांगे इंसाफ’.. ट्विटर पर ट्रेंड किया
8 अगस्त को मामला दर्ज होने के बावजूद पुलिस ने अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की है। इसके बाद से हैश टैग उदयपुर की बेटी मांगे इंसाफ ट्रेंड करने लगा है। यूजर नाबालिग के आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं। उधर, पुलिस का अलग ही तर्क है। थानाधिकारी प्रवीण सिंह ने कहा- पोस्टमॉर्टम में रेप की पुष्टि नहीं हुई है। मेडिकल बोर्ड ने यह पोस्टमॉर्टम किया था। पॉक्सो व सुसाइड के लिए उकसाने का मामला दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी गई है।
