दुपट्टा खींचने से नीचे गिरी छात्रा की हादसे में मौत, गिरफ्तार आरोपियों ने पुलिस राइफल छीनकर भागने की कोशिश की, जवाबी फायरिंग में हुए घायल (वीडियो)
एनसीआई@लखनऊ
उत्तर प्रदेश के आम्बेडकर नगर जिले में 12 वीं की छात्रा से छेड़छाड़ और दुपट्टा खींचने से हुए हादसे में लड़की की मौत हो जाने के मामले के तीनों आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। इन आरोपियों को अदालत में पेश करने से पहले मेडिकल जांच के लिए ले जाया गया तो वहां से इन्होंने पुलिस की राइफल छीन कर भागने की कोशिश की। इस पर पुलिस की फायरिंग में दो आरोपियों शहबाज व फैसल के पैर में गोली लगी, वहीं तीसरे आरोपी अरबाज का पैर भागने से टूट गया। बड़ी बात यह है कि दो आरोपी शहबाज व अरबाज सगे भाई हैं। इनका भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच अस्पताल में इलाज जारी है। वहीं इस मामले में लापरवाही बरतने पर हंसवर थानाध्यक्ष को सस्पेंड कर दिया गया है।
मामले के अनुसार शुक्रवार, 15 सितम्बर को 12 वीं की छात्रा नैन्सी पटेल साइकिल पर स्कूल से घर लौट रही थी। उसके साथ दूसरी साइकिल पर उसकी एक सहेली भी थी। वे जब टांडा एरिया के हीरापुर बाजार से गुजर रहीं थीं तो दो बाइक सवार सगे भाइयों शहबाज और अरबाज ने नैन्सी से छेड़छाड़ करते हुए उसे रोकने की कोशिश की। उसके नहीं रुकने पर इन लड़कों ने उसका दुपट्टा खींच लिया। इससे वह नीचे गिरी तो इन दोनों आरोपियों के साथ पीछे से अन्य मोटर साइकिल पर तेजी से आए फैसल ने उसे टक्कर मार दी। इसके बाद गम्भीर घायल अवस्था में आसपास के लोग उसे अस्पताल लेकर पहुंचे। वहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इस पूरी घटना का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है।
मौके पर पहुंची पुलिस ने शुरुआत में तो इस घटना को सामान्य हादसा बताया, लेकिन आसपास के लोगों इसे छेड़छाड़ की घटना बताते हुए विरोध करना शुरू कर दिया। इसके बाद आसपास की दुकानों के सीसीटीवी के फुटेज चेक किए गए तब पूरी घटना सामने आई। इस घटना पर लोगों ने भारी आक्रोश जताया। इसके बाद पुलिस ने सीसीटीवी के आधार पर लड़की के पिता सभाजीत वर्मा की शिकायत पर आईपीसी की धारा 302 वह पोस्को एक्ट में मामला दर्ज किया गया है। नैन्सी के पिता का कहना है कि हादसे में बेटी का सिर फट गया और जबड़ा टूट गया था।
पुलिस शिकायत पर ध्यान देती तो नहीं होता यह हादसा
पिता सभाजीत वर्मा ने बताया कि उनकी बेटी ने उनसे आरोपियों के द्वारा रास्ते में छेड़छाड़ किए जाने की बात बताई थी। इस पर उन्होंने एक सप्ताह पहले पुलिस को मौखिक रूप से यह जानकारी दे दी थी। मगर इस पर पुलिस ने कोई एक्शन नहीं लिया। अगर पुलिस ने कार्रवाई की होती तो आज उनकी बेटी जिंदा होती।
होशियार बेटी बनना चाहती थी डॉक्टर
सभाजीत वर्मा ने यह भी बताया कि उनकी बेटी 12वीं में बायोलॉजी की छात्रा थी। वह पढ़ने में काफी होशियार थी। उसकी इच्छा डॉक्टर बनने की थी। अब उनका पूरा परिवार इस हादसे से गहरे सदमे में है।
